एक्सक्लूसिव :‘रामायण’ के ठीक बाद ‘लव कुश’ दिखाएगा दूरदर्शन

    दिनांक 15-अप्रैल-2020
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प्रदीप सरदाना
‘रामायण’ सीरियल के पुनर्प्रसारण की सफलता और लोकप्रियता से दूरदर्शन इतना अभिभूत है कि अब ‘रामायण’ के समाप्त होते ही दूरदर्शन ‘लव कुश’ का प्रसारण शुरू करने जा रहा है। ‘रामायण’ के ही निर्माता, निर्देशक रामानन्द सागर ने ‘लव कुश’ का निर्माण किया था। जिसे दूरदर्शन ने 1988 में ‘उत्तर रामायण’ के नाम से प्रसारित किया था।

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‘रामायण’ के तुरंत बाद दूरदर्शन पर ‘उत्तर रामायण’ के प्रसारण की जानकारी सीरियल के निर्माता स्वर्गीय रामानन्द साग़र के पौत्र ज्योति सागर ने मुझे एक विशेष बातचीत में दी। इस संबंध में जब मैंने प्रसार भारती के सीईओ शशि शेखर वेम्पति से बात की तो उन्होंने भी इस बात की पुष्टि की।
शशि शेखर ने बताया – “दूरदर्शन पर ‘रामायण’ के प्रसारण पर दर्शक जिस तरह अपनी इतनी दिलचस्पी दिखा रहे हैं, उसे देखते हुए हम अब दूरदर्शन पर ‘रामायण’ के तुरंत बाद इसके लव कुश वाले दूसरे भाग का प्रसारण शुरू करने जा रहे हैं। इसके प्रसारण और इसकी तिथि की घोषणा हम जल्द ही अपने ट्विटर हेंडल पर करेंगे।
‘रामायण’ के पुनर्प्रसारण से दूरदर्शन बरसों बाद फिर से इतना लोकप्रिय हो गया कि उसके सामने अन्य सभी बड़े चैनल्स बौने साबित हो गए हैं। सिर्फ ‘रामायण’ के प्रसारण कारण ही दूरदर्शन देश का नंबर वन चैनल बन गया है। ‘रामायण’ की लोकप्रियता देख दूरदर्शन के पास इस दौरान अमूल जैसे प्रायोजक और बहुत से विज्ञापन आने से उसके राजस्व में भी अच्छी बढ़ोतरी हो रही है। फिर लॉकडाउन के दिनों में ‘रामायण’ को दर्शक बहुत ही उत्साह के साथ देख रहे हैं। अब जब लॉकडाउन 3 मई तक बढ़ गया है, तो दर्शक आगे भी घर में रहते हुए ‘रामायण’ के दूसरे भाग को सुबह-शाम देखते रहेंगे।
पहले दूरदर्शन की योजना थी कि ‘रामायण’ के 78 एपिसोड का प्रसारण लॉकडाउन के पुराने शेडयूल के अनुसार 14 अप्रैल तक खत्म कर दिया जायेगा। इसलिए एक दिन में 4 एपिसोड प्रसारित किए जा रहे थे। जिसमे सुबह 9 से 10 के दौरान दो एपिसोड और शाम 9 से 10 के दौरान दो एपिसोड का प्रसारण हो रहा था। लेकिन इस प्रसारण के दौरान विज्ञापन की भरमार होने से इसका समय एक घंटे से ज्यादा हो गया था। पर जब यह लगा कि लॉकडाउन बढ़ जाएगा तो दूरदर्शन ने इसको जल्दी खत्म करने की योजना को बदल दिया। इससे अब इसका समय विज्ञापन सहित एक घंटे से ज्यादा नहीं होगा। इससे ‘रामायण’ के शेष एपिसोड का प्रसारण इस सप्ताह के अंत तक चलने की संभावना है। उसके तुरंत बाद लव कुश को लेकर ‘उत्तर रामायण’ का प्रसारण शुरू कर दिया जाएगा।
‘उत्तर रामायण’ के कुल 39 एपिसोड हैं। दूरदर्शन पर पहले इनका प्रसारण 1988-1989 के दौरान हुआ था। ‘रामायण’ सीरियल में राम राज्य की स्थापना यानि भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक तक की कथा है। जबकि ‘उत्तर रामायण’ में उसके आगे की वह कथा है जिसमें राज्य के एक धोबी के आरोप के बाद गर्भवती सीता अपना महल त्याग कर वनवास की ओर प्रस्थान करने के लिए विवश हो जाती हैं। जहां वह लव कुश को जन्म देती हैं।
हालांकि कुछ लोग ‘उत्तर रामायण’ की इस कथा को सत्य नहीं मानते। क्योंकि तुलसी दास के रामचरित मानस में यह वृतांत नहीं है। लेकिन कुछ अन्य रामायण कथाओं में यह सब वर्णन है।
इसलिए अब ये देखना दिलचस्प रहेगा कि दूरदर्शन पर अपने पुनर्प्रसारण में जिस तरह ‘रामायण’ को अपार सफलता मिली है। क्या उसी तरह लव कुश गाथा ‘उत्तर रामायण’ भी लोकप्रिय होगी। साथ ही यह भी कि क्या ‘उत्तर रामायण’ के प्रसारण के दौरान भी दूरदर्शन का नंबर वन का सिंहासन कायम रहेगा।
( लेखक दूरदर्शन पर पत्रकारिता शुरू करने वाले देश के प्रथम पत्रकार हैं )