भीलवाड़ा-घर छोटा पर दिल बड़ा

    दिनांक 16-अप्रैल-2020   
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भीलवाड़ा के गाड़िया लोहार समाज ने कोरोना की जंग में अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है। बस्ती के लोगों ने राहत सामग्री लेने से यह कहते हुए इंकार कर दिया कि अभी इस सामग्री की जरूरत दिहाड़ी मजदूरों को सबसे ज्यादा है। इसलिए संघ के स्वयंसेवकों के साथ मिलकर हम सब उनकी चिंता करेंगे

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गाड़िया लोहार समाज महाराणा प्रताप के कालखंड से देशरक्षा का संकल्प निभाता आ रहा है। चायनीज वायरस कोरोना के संक्रमण के समय भी इस समाज की ओर से समाजसेवा का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया गया। इसी कड़ी में गत दिनों राजस्थान के भीलवाड़ा स्थित चंद्रशेखर आजाद नगर के साथ लगती गाड़िया लोहार बस्ती में जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक राशन सामग्री वितरित करने गए, तो यहां रहने वाले लोगों ने सामग्री लेने से यह कहते हुए इंकार कर दिया कि अभी इस सामग्री की जरूरत दिहाड़ी मजदूरों को है। हम वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के वंशज हैं, बगैर मेहनत के हम कुछ भी नहीं लेते। जिस प्रकार महाराणा प्रताप जी ने संकट के समय यह प्रतिज्ञा की थी कि जब तक मेवाड़ स्वतंत्र नहीं हो जाता, तब तक मैं महलों में नहीं रहूंगा, बर्तनों में नहीं खाऊंगा और पलंग पर नहीं सोऊंगा। उसी समय से हम लोगों ने भी इस प्रतिज्ञा का निर्वहन करना आरंभ किया। 1955 में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने प्रतिज्ञा मुक्ति कार्यक्रम चित्तौड़ की पावन धरा पर किया। उस संकट के समय में भी हम देश के साथ खड़े थे, आज फिर देश पर संकट आया है और माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सब से प्रार्थना की है कि हमारे आस-पास कोई भी भूखा न रहे। इसकी हमें मिलकर चिंता करनी है। इसलिए हम सब मिलकर राशि एकत्रित करके पीड़ित दुःखी जनों को राशन सामग्री पहुंचाएंगे। सेवा बस्ती के लोगों ने स्वयंसेवकों से आग्रह किया कि हमें राशन की सामग्री उपलब्ध करा दीजिए, हम आपको राशि देंगे। इस प्रकार उन्होंने 51 हजार रुपये एकत्र करके दिए। स्वयंसेवकों ने 200 किट सूखी राशन सामग्री बना कर देने का निश्चय किया। सेवा बस्ती के लोगों की सहृदयता और देशप्रेम देखकर महामंडलेश्वर श्री हंसराम उदासीन एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के महानगर संघचालक चांदमल सोमानी ने स्थानीय लोगों का शाॅल, पटका और माला पहनाकर अभिनन्दन। इसके बाद गाड़िया लोहार समाज के बंधुओं के साथ राशन सामग्री शहर की विभिन्न कच्ची बस्तियों में वितरित की गई।