पाकिस्तान— कोरोना से बेहाल पाकिस्तान आया भारत के चरणों में

    दिनांक 16-अप्रैल-2020   
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पूरे विश्व में जब कोरोना वायरस को लेकर हाहाकार मचा है। खुद पाकिस्तान भी इससे छटपटा रहा है  कोरोना वायरस के बेकाबू होेने से इसके प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारत से हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की मांग की है। भारत से उसे यह दवाई नहीं मिली तो उसके यहां संक्रमण पीड़ितों की संख्या बेकाबू हो जाएगी

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भारत के आगे गिड़गिड़ाता यह वही पाकिस्तान है, जिसने कुछ दिनों पहले विदेश यात्रा के क्रम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हवाई जहाज को अपने हवाई क्षेत्र के ऊपर से उड़ने की इजाजत नहीं दी थी, जिसके चलते इन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ा था। इसी तरह एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान ने अपने हवाई क्षेत्र को भारतीय विमानों के प्रयोग के लिए प्रतिबंधित कर दिया था, जिसके चलते भारत विमान कंपनियों को करोड़ों का घाटा हुआ है। लेकिन अब वही पाकिस्तान हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के लिए भारत के सामने हाथ फैलाए खड़ा है।
भारत बना सबकी उम्मीदों का केंद्र
भारत से हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन जिसे संक्षेप में एचसीक्यू कहते हैं,की मांग अमेरिका, ब्राजील, ब्रिटेन सहित देशों ने भी की है। भारत विश्व का सत्तर प्रतिशत एचसीक्यू उत्पादन करता है। मलेरिया के रोग में काम आने वाली इस दवाई से न्यूयार्क के सौ कोराना रोगी जब से ठीक क्या हुए हैं, विश्वभर की उम्मीद भरी नजर भारत पर लगी हुई है। अभी कोविड-19 के लिए चिकित्सीय जगत इसे ही राम वाण मान रहा है। इसके इस्तेमाल से मनुष्य की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है। मलेरिया रोधी कुछ दवाइयां पाकिस्तान में भी बनती हैं, जिसके निर्यात पर इसने 11 अप्रैल से प्रतिबंध लगा दिया है। बावजूद इसके पाकिस्तान का इससे काम नहीं चलने वाला। इसलिए इसे भी भारत से एचसीक्यू चाहिए।
अपनी हरकतों से नहीं आ रहा बाज
पूरे विश्व में जब कोराना वायरस को लेकर हाहाकार मचा है। स्वयं पाकिस्तान भी इससे छटपटा रहा है और इससे छुटकारा पाने के लिए उसे भारत की मदद चाहिए। इसके बावजूद इसकी भारत विरोधी गतिविधियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। भारत की सीमा क्षेत्र पर इसके सैनिक निरंतर मोर्टार से हमला कर रहे हैं। इसके पालतू आतंकी भी घुसपैठ से बाज नहीं आ रहे। हाल में ऐसे ही पांच आतंकियों को कश्मीर में भारतीय सैनिकों ने मार गिराया था। पाक अधिक्रांत कश्मीर में घुसकर भारत ने जिन आतंकी शिविरों को तबाह किया था, भारत विरोधी हरकतों के लिए उसे फिर से आबाद किया जा रहा है। इसके अलावा कश्मीर और मुसलमान के नाम पर चीन की मदद से अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत को घेरने की कोशिश में भी लगा हुआ ही है।
भारत पाकिस्तानी सेना की शह पर पिछले दो वर्षों में सैनिक ठिकानों और अर्धसैनिक बलों पर किए गए हमलों को अभी भी नहीं भूला है। इन घटनाओं से भारतीय सेना को भारी जानमाल का नुकसान पहुंचा था। हालांकि, पुलवामा हमले के बाद भारत ने जमीनी और एयर स्ट्राइक कर पाकिस्तानी सेना और आतंकी शिविरों को भारी नुकसान पहुंचाया। यहां तक कि कश्मीर से भारत विरोधियों के पैर उखाड़ने और अनुच्छेद 370 हटाकर पाकिस्तान को और भी कई गहरे झटके दिए हैं। इसेसे कारोबारी सहित तमाम तरह के संबंध तक विच्छेद कर लिए। इसके बावजूद इस माहौल में भी पाकिस्तान को भारत से मदद चाहिए। पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शोएब अख्तर भी भारत से दस हजार वेंटीलेटर की मांग कर चुके हैं। उनका कहना है कि भारत की इस मदद को पाकिस्तानी कभी नहीं भूलेंगे। उन्होंने अपने देश के कोराना पीड़ितों की मदद करनेे के लिए भारत के साथ तीन वनडे खेलने का भी प्रस्ताव रखा था, जिसे भारतीय खिलाड़ियों ने ठुकरा दिया।
हालांकि अब तक भारत की ओर से महामारी में पाकिस्तान की मदद नहीं करने जैसी कोई बात नहीं की गई है। भारत के प्रधानमंत्री की ओर से लगातार मानवता सर्वोच्च की बात की जाती रही है। इसका उदहारण भी दो दिन पहले दिखा जब भारत में फंसे कई पाकिस्तानियों को अटारी बॉर्डर के रास्ते उनके मुल्क तक पहुंचाने में भरपूर सहायता की गई।
(लेखक पाकिस्तान मामलों के जानकार हैं।)