कश्मीर में सेवा भारती की सेवा

    दिनांक 17-अप्रैल-2020   
Total Views |
सेवा भारती से जुड़ी करीब 300 से अधिक महिलाओं-लड़कियों का एक समूह बारामूला, सोपोर, बांदीपोरा, हंदवाड़ा, पुलवामा, कुपवाड़ा, लंगेट और श्रीनगर में जरूरतमंदों को जहां दवाइयों से लेकर राशन पहुंचा रहा है, वहीं खुद मास्क, सेनेटाजर बनाकर भी उनके द्वारा बांटे जा रहे हैं

a_1  H x W: 0 x
 कश्मीर घाटी में राहत सामग्री बांटते सेवा भारती के कार्यकर्ता
देशव्यापी तालाबंदी के कारण कश्मीर घाटी भी प्रभावित है। देश के दूसरे हिस्सों की भांति कश्मीर में भी गरीब, असहाय एवं रोजमर्रा का काम करने वालों के सामने भोजन का संकट खड़ा है। ऐसी परिस्थिति में सेवा भारती के कार्यकर्ता जरूरतमंदों तक हर संभव मदद पहुंचाने में जुटे हुए हैं। बारामूला जिले की डंगीबाचा की रहने वाली सेवा भारती की अंचल प्रमुख मुबीना बेगम विपदा की घड़ी में 300 से अधिक महिलाओं-लड़कियों के एक समूह के साथ कश्मीर में राहत अभियान में जुटी हुई हैं। सेवा भारती से जुड़ी ये सभी महिलाएं बारामूला, सोपोर, बांदीपोरा, हंदवाड़ा, पुलवामा, टंगमर्ग, कुपवाड़ा, लंगेट और श्रीनगर में जरूरतमंदों को जहां दवाइयों से लेकर राशन, नमक, तेल एवं भोजन से संबंधित अन्य सामग्रियों को पहुंचाने में जुटी हैं, तो वहीं लड़कियों का एक समूह खुद मास्क बनाकर गांव-गांव जाकर बांट रहा है।
 
किसी को न हो कोई दिक्कत
मुबीना बेगम बताती हैं कि तालाबंदी की शुरुआत से ही हम अपनी साथियों के साथ राहत अभियान में जुट गए। शुरू-शुरू में तो पांच साथियों से इस अभियान की शुरुआत की लेकिन जैसे-जैसे समय बढ़ा वैसे-वैसे अन्य महिलाएं एवं लड़कियां इसमें जुड़ती चली गर्इं। ये सब गांव के लोगों को किसी भी तरह की कोई दिक्कत न होने पाए, इसके लिए अपने स्तर से जितना बन पड़ रहा है, वह सब कुछ करने का प्रयास कर रही हैं।
 
2010 में सेवा भारती से जुड़ीं मुबीना बताती हैं कि हमने तकनीक का सहारा लेते हुए अलग-अलग जगहों पर 5 से 10 लड़कियों का एक-एक समूह बना दिया। इसमें कोई राशन की व्यवस्था में लगा हुआ है, तो कोई मास्क बनाने में जुटा है, तो कोई मास्क पहुंचाने में। काम करते समय हमारे द्वारा हर जरूरतमंद को मास्क, साबुन आदि वितरित किया जा रहा है। इस दौरान कार्यकर्ताओं द्वारा करीब 500 से अधिक परिवारों में राशन उपलब्ध कराया जा चुका है, तो वहीं 1000 से अधिक मास्क खुद बनाकर लोगों में वितरित किए गए हैं।
 
वे बताती हैं कि सेवा भारती का लक्ष्य लोगों की सेवा करना है। मैंने इन सभी बातों को लोगों को बताना शुरू किया। धीरे-धीरे हमारा काम लोगों को पसंद आया। लोगों ने काम को समझना शुरू किया। आज उसी का परिणाम है कि हम आसानी से घाटी के दूर-दराज में लोगों की मदद कर पा रहे हैं और यहां के लोग भी हमारे काम की तारीफ कर रहे हैं। जिन इलाकों में हमारे कार्यकर्ता काम कर रहे हैं वे इलाके ऐसे हैं जहां मजदूरों और ग्रामीणों के पास मदद आसानी से नहीं पहुंच रही थी लेकिन सेवा भारती के कार्यकर्ता इन जगहों पर लोगों की मदद कर रहे हैं।
 
जारी किए हेल्प लाइन नंबर
फारूख अहमद डार जम्मू-कश्मीर में सेवा भारती के उपाध्यक्ष हैं। पेशे से चिकित्सक डार इस महामारी के दौरान स्थानीय लोगों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वे बताते हैं कि स्थानीय लोगों को कोई दिक्कत न हो, इसके लिए सेवा भारती की ओर से दो हेल्प लाइन नंबर- 9797247053 एवं 8899311848 जारी किए गए हैं। इन नंबरों पर कश्मीर का कोई व्यक्ति संपर्क कर सकता है। हमारे कार्यकर्ता उन सभी जरूरतमंदों तक घर-घर जाकर राशन से लेकर अन्य सभी जरूरी सामान पहुंचा रहे हैं। वे बताते हैं कि आज जब लोग सेवा भारती का काम देख रहे हैं तो उन्हें बहुत अच्छा लग रहा है।