कांग्रेस ने नौकरियों में एससी और एसटी समुदाय की उपेक्षा की

    दिनांक 19-अप्रैल-2020
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हम लगातार आपको बाबासाहेब के जीवन से जुड़े कुछ अनछुए प्रसंगों को बताने का प्रयास कर रहे हैं। आगे भी यह प्रयास जारी रहेगा। ये प्रसंग “डॉ. बाबासाहब आंबेडकर राइटिंग्स एंड स्पीचेज”, “पाकिस्तान ऑर पार्टीशन ऑफ इंडिया”, “द सेलेक्टेड वर्क्स ऑफ़ डॉ. बी. आर. आंबेडकर”, “द डिक्लाइन एंड फॉल ऑफ़ बुद्धिज़्म” आदि पुस्तकों से लिए गए हैं. बाबासाहेब को जानें

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डॉ. आंबेडकर ने 'आंबेडकर राइटिंग' में लिखा है, ''सरकार द्वारा अनुसूचित जातियों की उपेक्षा को मैं कई वर्षों से देख रहा था। एक अवसर पर मैंने एक सार्वजनिक सभा में भी अपनी भावना व्यक्त कर दी। मेरे प्रश्न पर गृहमंत्री को पूछा गया कि क्या यह आरोप सही है कि 12.50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व के नियम से भी इस समुदाय के लोगों को लाभ नहीं पहुंच रहा है? इस प्रश्न के जवाब में गृहमंत्री ने कहा कि मेरे द्वारा लगाए गए आरोप आधारहीन हैं। उनके इस जवाब से मैं आहत था। बाद में उनको और मुझे सूचित किया गया कि भारत सरकार के सभी विभागों को एक सर्कुलर भेजा गया है जिसमें उन्हें सरकारी सेवाओं में हाल में चयनित अनुसूचित जातियों के अभ्यर्थियों की संख्या बताने को कहा गया है। मुझे सूचित किया गया कि ज्यादातर विभागों ने जवाब में बताया कि शून्य या शून्य के आसपास। यदि मेरी सूचना सही है तो मुझे गृहमंत्री के उत्तर पर किसी प्रकार के वक्तव्य देने की जरूरत नहीं थी।''