रामनवमी पर संघ के सरकार्यवाह भैयाजी जोशी का संदेश
   दिनांक 02-अप्रैल-2020
कोरोना जैसी विपदा की स्थिति में संघ के स्वयंसेवक करीब-करीब दस लाख परिवारों तक किसी न किसी माध्यम से राहत पहुंचाने में लगे हुए हैं। इनके द्वारा भोजन सामग्री, सेनेटाइजर या अन्य जरूरतपरक चीजों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। यहां तक कि चिकित्सालयों में जाकर भी सेवा देने में संघ के कार्यकर्ता लगे हुए हैं

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रामनवमी के पावन अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह श्री भैयाजी जोशी ने समाज के लिए एक संदेश जारी किया। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि भगवान राम ईश्वर का अवतार थे और सारी आसुरी शक्तियों से संघर्ष करते हुए उन्होंने उस समय, मूल्यों की और मानव समाज की रक्षा की है। लेकिन आज हम एक भिन्न प्रकार के संकट से गुजर रहे हैं। सारे विश्व का मानव समूह कोरोना महामारी से जूझ रहा है। निश्चित ही यह बीमारी संक्रमण की बीमारी है। इसलिए संक्रमण रोकना यही इस समस्या का समाधान है। शासन द्वारा और चिकित्सकों द्वारा दी गई सभी प्रकार की सूचनाओं का पालन करना, इसी से आज के वर्तमान संकट से हम सब मुक्त हो सकते हैं। इसलिए आज इस रामनवमी के पवित्र दिवस पर सभी लोग इस प्रकार का एक संकल्प लेकर चलें कि ऐसे संकटों को कैसे पार किया जा सकता है, इसका एक आदर्श हमें विश्व के सामने प्रस्तुत करना है।
 
संघ के स्वयंसेवक लगे हैं सेवा कार्यों में
श्री भैयाजी जोशी ने कहा कि इस विपदा की घड़ी में देश भर में सभी स्थानों पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक सेवा कार्यों में लगे हुए हैं। जैसी-जैसी आवश्यकताएं निर्माण होती हैं, उन आवश्यकताओं की पूर्ति करते हुए हजारों स्वयंसेवक सेवाभाव से समाज की इस पीड़ा में उनके साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं। आज लगभग दस हजार स्थानों पर एक लाख से अधिक स्वयंसेवक भिन्न-भिन्न आवश्यकताओं की पूर्ति करने में लगे हुए हैं। कहा जा सकता है कि इस योजना के तहत करीब-करीब दस लाख परिवारों तक संघ के स्वयंसेवक किसी न किसी माध्यम से पहुंचे हैं। विशेषतः भोजन सामग्री पहुंचाना, सेनेटाइजर जैसी उपयुक्त वस्तुओं को लोगों तक पहुंचाना, चिकित्सालयों में जाकर सेवा देने में संघ के कार्यकर्ता लगे हैं।
वनवासी  इलाकों तक पहुंचा रहे राहत
सरकार्यवाह श्री भैयाजी जोशी ने कहा कि महाराष्ट्र में कई जगहों पर घुमंतू जातियों की बस्तियां हैं। आज उनका जीवन बहुत कठिनाइयों से गुजर रहा है। संघ के स्वयंसेवकों ने ऐसे कुछ स्थानों पर जाकर उनके लिए भोजन इत्यादि की व्यवस्था करना प्रारंभ किया है। अभी तक एक हजार स्वयंसेवकों ने रक्तदान करते हुए एक चिकित्सालय की आवश्यकता पूर्ति करने में एक पहल की है। स्थान-स्थान पर हम अनुभव कर रहे हैं कि सुरक्षा के विषय में लगे हुए कर्मचारी और उसी प्रकार स्वास्थ्य सेवा में लगे हुए चिकित्सक, परिचारिकाएं, अन्य कर्मचारी वर्ग रात दिन मेहनत करते हुए अपने समाज को नियमों का पालन करने में और सुविधाएं उपलब्ध कराने में लगे हैं। ऐसे बंधुओं की ओर भी ध्यान देकर जहां-जहां आवश्यकता है, वहां पर उन्हें भी भोजन, अल्पाहार इत्यादि की व्यवस्था भी स्थान-स्थान पर स्वयंसेवकों द्वारा चल रही है।
मजदूर बंधुओं की स्थिति चिंताजनक
श्री भैयाजी जोशी ने अलग-अलग राज्यों में अस्थाई रूप से मजदूरी करने वाले बंधुओं की स्थिति पर चिंता व्यक्त की। इस दौरान उन्होंने कहा कि अविश्वास और असुरक्षा के माहौल में एक बड़ा वर्ग अपने घरों की ओर पलायन करने पर मजबूर हुआ है। ऐसे में उनका पलायन और अधिक घातक सिद्ध हो सकता है। इसलिए हम सब लोगों को विचार करने की आवश्यकता है कि ऐसे अस्थाई मजदूर निश्चिन्त रूप से रहें, समाज हमारे साथ है, हमारी आवश्यकताओं की पूर्ति यहां रहकर हो सकती है, इस प्रकार का विश्वास ऐसे बंधुओं के बीच जाकर निर्माण करने की आवश्यकता है। संघ के स्वयंसेवक इन सभी कार्यों में स्थान-स्थान पर लगे हुए हैं। लेकिन इस कार्य में और अधिक शक्ति से लगने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि दो सप्ताह के बाद हम फिर एक बार सामान्य जीवन की ओर अग्रसर हो सकते हैं। बस आवश्यकता है कि हम सभी मौजूदा बंधनों का, नियमों का पालन करने का संकल्प लेकर चलें।