इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर समेत कुल 30 लोग गिरफ्तार जिसमें 19 जमाती

    दिनांक 21-अप्रैल-2020
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर मो. शाहिद गुपचुप तरीके से तब्लीगी जमात में शामिल होने निजामुद्दीन गए थे. प्रयागराज लौट कर उन्होंने यह बात छिपाई थी. निजामुद्दीन से लौटकर उन्होंने विश्वविद्यालय में परीक्षा ड्यूटी भी की थी. इस दौरान वह कई लोगों के संपर्क में आये. इंटेलीजेंस के द्वारा यह सूचना जब मिली तब उन्हें जिला प्रशासन ने क्वारंटीन कराया था. पुलिस तभी से प्रयागराज जनपद में छिपे हुए जमातियों का पता लगा रही थी. बीती रात पुलिस ने प्रोफ़ेसर समेत 30 लोगों को गिरफ्तार किया है जिसमे 19 जमाती हैं.
पुलिस के अनुसार निजामुद्दीन से निकल कर कुछ जमाती प्रयागराज जनपद में आकर छिपे हुए थे. थाईलैंड और इंडोनेशिया से कई जमाती टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे और निज़ामुद्दीन पहुंच कर मज़हब के कार्यक्रम में शामिल हुए थे. प्रयागराज जनपद से गिरफ्तार किये जमातियों में 7 जमाती इंडोनेशिया और 9 थाईलैंड के हैं . एक जमाती केरल और एक पश्चिम बंगाल का है. शाहगंज थाना क्षेत्र की अब्दुला मस्जिद एवं करैली थाना क्षेत्र के कुछ इलाकों से 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इन लोगों ने जमातियों को शरण दिया हुआ था.
यहां पर उल्लेखनीय है कि 9 अप्रैल को ही इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर मो. शाहिद के खिलाफ महामारी अधिनियम के अंतर्गत एफआईआर दर्ज की गई थी. प्रोफ़ेसर ने जमात में शामिल होने की बात छिपाई थी. जानकारी के अनुसार प्रोफ़ेसर शाहिद कुछ माह पहले इथोपिया गए थे. उसके बाद तब्लीगी जमात में शामिल हुए थे. 11 मार्च को प्रयागराज आये थे. शिक्षक होने के बावजूद प्रोफ़ेसर शाहिद ने अपनी ट्रेवल हिस्ट्री छिपाई थी. इंटेलिजेंस के माध्यम से जब पुलिस को पता लगा तब इन लोगों को एकांतवास में भेजा गया था.