चेन्नै: दिन—रात स्वच्छता कर्मियों और नर्सों की सेवा में जुटा स्वयंसेवक परिवार

    दिनांक 22-अप्रैल-2020
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देश भर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक कोराना महामारी के दौरान लोगों को राहत देने में जुटे हैं। इसमें से एक वर्ग ऐसा है जो समाज के साथ ही कोरोना योद्धाओं को भी कोई दिक्कत न हो, इसके लिए उनके भोजन आदि के प्रबंध में जुटे हैं

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक राजकुमार चेन्नै में रहते हैं और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े हैं। लॉकडाउन के कारण उनका व्यवसाय प्रभावित हुआ है। लॉकडाउन खुलने के बाद व्यवसाय को पटरी पर आने में लंबा समय लगेगा। लेकिन चेन्नै के मोलाकदई में रहने वाले राजकुमार का परिवार जरूरतमंदों की सेवा में जुटा हुआ है। उनका यह कार्य अन्य़ लोगों को भी प्रेरित कर रहा है। लॉकडाउन की अवधि में राजकुमार के परिवार की दिनचर्या पूरी तरह से बदल गई है। राजकुमार व उनके परिवार की दिनचर्या सुबह 3:00 बजे शुरू हो जाती है। पूरा परिवार सुबह जल्दी उठकर जरूरतमंदों को वितरण के लिए खाना बनाना शुरू करता है।
दरअसल, कॉर्पोरेशन में काम करने वाले स्वच्छता कर्मियों को सुबह 6:30 से पहले कार्यालय पहुंचना होता है, जिस कारण अधिकांश लोग घर में खाना नहीं बना पाते। लॉकडाउन के कारण कोई ढाबा या होटल भी खुला नहीं होता कि उन्हें दिन को खाना मिल सके। यह बात ध्यान में आई तो राजकुमार ने उनकी सहायता का जिम्मा उठाया। राजकुमार व उनका परिवार सुबह जल्दी उठकर स्वच्छता कर्मियों के लिए खाना तैयार करते हैं और सुबह 6:30 बजे निगम कार्यालय में एकत्रित स्वच्छता कर्मियों को वितरित करते हैं। उनके भाई का परिवार भी इस काम में उनकी सहायता करता है। स्वच्छता कर्मियों के लिए भोजन बनाने के पश्चात परिवार पास के सरकारी मेडिकल कॉलेज में कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों व नर्सों के लिए नाश्ता व भोजन तैयार कर पैकेट बनाता है और उन्हें वितरित करता है। दोपहर के भोजन वितरण के पश्चात शाम का भोजन तैयार करते हैं तथा आस—पास की बस्तियों में रहने वाले जरूरतमंदों को भोजन पैकेट वितरित करते हैं।
जरूरतमंदों की सेवा से मिलती है खुशी

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राजकुमार के अनुसार उनका परिवार जरूरतमंदों की सहायता कर प्रसन्न है। सौभाग्य है कि भगवान ने उनके परिवार को समाज की सेवा का अवसर दिया है। उनका परिवार पिछले करीब 20 दिनों से प्रतिदिन लगभग डेढ़ सौ लोगों को भोजन उपलब्ध करवा रहा है ।