पाकिस्तान: हिन्दू महिला ने पानी भर लिया तो सिर फोड़ डाला

    दिनांक 27-अप्रैल-2020   
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कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों से बुरी तरह जूझते पाकिस्तान में हिंदुओं पर अत्याचार नहीं थम रहा। फिर दिल दहला देने वाली ऐसी ही दो घटनाएं सामने आई हैं। एक ओर पानी लेने गई एक हिन्दू महिला को कट्टरपंथियों ने इतनी बुरी तरह से मारा वह मरणासन्न है। वहीं दो नाबालिग हिंदू लड़कियों का अपहरण कर लिया गया है

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कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों से बुरी तरह जूझते पाकिस्तान में हिंदुओं पर अत्याचार नहीं थम रहा। फिर दिल दहला देने वाली ऐसी ही दो घटनाएं सामने आई हैं। एक ओर जहां पाकिस्तानी नेताओं के भाइयों ने दो नाबालिक हिंदू लड़कियों का अपहरण कर लिया, वहीं पीने का पानी लेने गई एक हिन्दू महिला को कट्टरपंथियों ने इतनी बुरी तरह से मारा वह मरणासन्न है। बात-बेबात मानवाधिकारों की वकालत करने वाले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ऐसे मामलों में बिल्कुल चुप्पी साधे हैं। दूसरी तरफ मुसलमानों के मानवाधिकार की वकालत करने वाले भारत और दूसरे देशों के लोगों की भी बोलती बंद है।
पाकिस्तान में अभी कोरोना वायरस के 12,670 से अधिक रोगी हैं, जबकि 265 रोगियों की मौत हो चुकी है। रमजान के महीने को देखते हुए इमरान सरकार द्वारा मस्जिदें खोल देने से विश्व स्वास्थ्य संगठन ने जल्द ही पाकिस्तान में कोरोना संक्रमितों की संख्या एक लाख पार करने की चेतावनी दी है। पिछले दिनों पाकिस्तान के चिकित्सकों ने भी एक प्रेसवार्ता कर सोशल डिस्टेंशिंग को भंग कर मस्जिदें और बाजार खोलने पर चिंता जाहिर की थी। लेकिन इन सब बातों से बेपरवाह प्रधानमंत्री इमरान खान और पाकिस्तान के हिंदू विरोधी अपने-अपने
एक सूत्री कार्य में लगे हैं। इमरान जब से प्रधानमंत्री बने हैं विश्व बिरादरी के सामने बदहाली का रोना रोकर आर्थिक मदद मांगने में लगे हुए हैं। कोरोना के बहाने उन्होंन विश्व बैंक से 20 करोड़ डॉलर की आर्थिक मदद मांगी है।
इमरान सरकार में कट्टरपंथियों के हौसले बुलंद
पाकिस्तान में कट्टरपंथियों द्वारा हिन्दुओं सहित अन्य अल्पसंख्यकों को तरह-तरह से प्रताड़ित करने का सिलसिला जारी है। पिछले दिनों इसी क्रम में सिंध प्रांत के एक हैंड पंप से पानी लेने गई एक हिंदू महिला को कट्टरपंथियों ने इतनी बुरी तरह पीटा कि लहुलुहान होने पर उसे अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। इस समय उसकी हालत बेहद नाजुक है। इसी तरह नेशनल एसेंबली के सदस्य पीर फैसल शाह जिलानी के दो भाईयों ने कन्वर्जन की नियत से दो हिंदू नाबालिक लड़कियों सुधि और शमा का सिंध प्रांत के थारि मीरवाहा से अपहरण कर लिया। लड़कियों के परिजनों ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया है कि इसकी शिकायत लेकर वे जब जिलानी के पास गए तो उन्हें सपरिवार अपहरण करने की धमकी देकर भगा दिया गया। नेताओं के दबाव में आकर स्थानीय पुलिस भी उनकी कोई मदद नहीं कर रही है। वे मामले को लेकर जब अदालत गए तो वहां भी जिलानी के गुर्गे गाड़ियों में घूमते मिले। इन्हें देखते ही जान से मारने की धमकी दी गई। सरकार से लेकर प्रशासन तक सब इस मामले पर कुंडली मारे बैठे हैं, कार्रवाई करना दूर की बात। इससे पहले उमरकोट से एक नाबालिग हिंदू बच्ची का अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म की घटना सामने आ चुकी है। इस समय बालिका का उमरकोट के सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा है। परिजनों का आरोप है कि इस मामले को सूफी फकीर पुलिस थाना मामले को दर्ज करने में आना-कानी कर रही है। इस तरह के मामलों पर एक्टिविस्ट अनीसा बलोच कहती हैं कि मानवाधिकारों पर दूसरे देशों को प्रवचन देने वाली इमरान सरकार के सामने जब ऐसी घटना को लेकर विरोध जताया जाता है तो मजहबी गुडे और सरकारी नुमाइंदों का गठजोड़ उसे देशद्रोही और दूसरे देश का एजेंट साबित कर जेल में डाल देते हैं। पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग की मानें तो इस देश में प्रत्येक महीने कम से कम 50 से अधिक हिंदू और ईसाई लड़कियों को जबरन इस्लाम कबूलवाया जा रहा है। ग्लोबल ह्यूमन राइट डिफेंस की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में प्रत्येक वर्ष सिंध प्रांत में एक हजार हिंदू लड़कियों का कन्वर्जन कराया जाता है। ज्ञात हो कि अब सिर्फ सिंध में सर्वाधिक हिंदू बचे रह गए हैं।