क्वारंटाइन किए गए जमाती फैला रहे गंदगी, एक साथ पढ़ रहे नमाज, कर रहे अश्लील हरकतें
   दिनांक 03-अप्रैल-2020
निशि भाट
जमातियों से सुरक्षा के लिए अस्पतालों में पुलिस तैनाती की मांग की जा रही है, वे डॉक्टरों पर हमला कर रहे हैं। नरेला में क्वारंटाइन किए गए दो जमाती वहां से भाग निकले बाद में पकड़े गए। नर्सों पर ये लोग थूक रहे हैं, आखिर देश में हो क्या रहा है

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अस्पताल में भर्ती जमाती नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं
निजामुद्दीन मरकज से निकले तबलीगी जमात के कोरोना मरीज डॉक्टर सहित स्वास्थ्य कर्मियों के सिरदर्द बन रहे हैं। दिल्ली के पांच अस्पतालों में मरकज से निकले कोरोना मरीजों को भर्ती किया गया है, जबकि 12 क्वारंटाइन केन्द्र बनाए गए है।
सरकार की व्यवस्थाओं को अंगूठा दिखाते हुए मरकज के मरीजों ने स्वास्थ्य कर्मियों को ही परेशान करना शुरू कर दिया है, जमातियों द्वारा नर्सों पर थूकना, वार्ड में नंगे घुमना, बीड़ी सिगरेट की मांग करना और वार्ड से भाग जाने जैसी घटनाएं देखी गई। गुरूवार को दिलशाद गार्डन स्थित राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल से कुछ जमातियों से कूदने की कोशिश की, वहीं गाजियाबाद के एक अस्पताल में जमातियों ने वार्ड नर्स के सामने पैंट खोलकर अश्लील हरकतें की।
 
इंदौर में मुसलमानों की भीड़ से बचकर निकली डॉक्टर की आपबीती
अस्पताल में भर्ती जमाती सामाजिक दूरी बनाए रखने के नियम का भी पालन नहीं कर रहे हैं। केन्द्र सरकार की रिपोर्ट के अनुसार तबलीगी जमात से अब तक 570 जमाती कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। राजीव गांधी सुपरस्पेशलिटी अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बीएल शेरवाल ने बताया कि गुरुवार को तबलीगी मरीजों की हरकतों को देखते हुए दिल्ली सरकार से अस्पताल और कोरोना वार्ड के बाहर पुलिस तैनात करने के लिए पत्र लिखा गया। अस्पताल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वार्ड में भर्ती जमाती मुसलमान सुरक्षा के प्रति लापरवाह है, मनाही के बाद भी सभी नमाज पढ़ने के लिए एकत्रित होते हैं। अपने पसंदीदा खाने की मांग करते हैं, इसके साथ ही कुछ जमातियों ने मेडिकल स्टॉफ से बीड़ी सिगरेट की भी मांग की है। दिल्ली स्वास्थ्य विभाग की सचिव पद्मिनी सिंघला द्वारा दिल्ली पुलिस कमिश्नर को लिखे एक पत्र में कहा गया कि तब्लीगी जमात पूरी तरह अनियंत्रित मरीज हैं। एक कोरोना पॉजिटिव मरीज ने दो अप्रैल को राजीव गांधी सुपरस्पेशलिटी अस्पताल की चौथी मंजिल की खिड़की से कूदने की कोशिश की, वहीं क्वारटाइन में नरेला में डीडीए द्वारा बनाए गए क्वारंटान से तब्लीगी जमात के संदिग्ध कोरोना मरीज भाग गए, जिन्हें बाद में पड़पड़गंज से पकड़ा गया। स्वास्थ सचिव ने कहा कि जमातियों के ऐसे व्यवहार से चिकित्सक सहित स्वास्थ्य कर्मियों के लिए उनका इलाज करना मुश्किल हो रहा है। लोकनायक अस्पताल में भर्ती तब्लीगी जमात के मरीजों ने चिकित्सकों को बाहर निकल कर देख लेने की भी धमकी दी। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जेसी पासी ने बताया कि हम सभी मरीजों को हर संभव सुरक्षा दे रहे हैं, लेकिन तबलीगी जमात के मरीज डॉक्टर पर ही हमला कर रहे हैं। लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल के कोरोना वार्ड में जमातियों ने इलाज कर रहे चिकित्सकों पर हमला करने का प्रयास किया। वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के अनुरोध पर दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने चुनिंदा अस्पतालों में सुरक्षा बढ़ाने की बात स्वीकार कर ली। जिसमें लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल, राजीव गांधी सुपरस्पेशलिटी, गुरूतेग बहादुर अस्पताल, दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल और एम्स झज्जर शामिल है। इस सभी अस्पतालों में तब्लीगी जमात के कोरोना मरीजों का इलाज किया जा रहा है।
मरकज से लगभग दो हजार जमातियों को निकाला गया है। जिसमें 400 लोगों को क्वारंटाइन किया गया। मुस्लिमों के मजहबी आयोजन में शामिल हुए 570 मुसलमान कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, जिनकी जमात देशभर में फैल चुकी है। दिल्ली में अकेले जमातियों की बदौलत कोरोना के 62 प्रतिशत मरीजों में बढ़ोत्तरी हो गई। दिल्ली के कुल 293 कोरोना पॉजिटिव मरीजों में 182 मरीज निजामुद्दीन मरकज से निकले हैं।