लखनऊ की महापौर ने स्वच्छता कर्मियों पर बरसाए फूल, गली-मोहल्ले में हुआ कर्मवीरों का स्वागत

    दिनांक 30-अप्रैल-2020   
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कोरोना काल की कठिन परिस्थिति में अपनी परवाह न करते हुए स्वच्छता कर्मियों का योगदान बहुत ही महत्वपूर्ण है। उनके योगदान को देखते हुए लखनऊ की महापौर संयुक्ता भाटिया ने न केवल खुद इनका अभिनंदन किया बल्कि उनकी अपील पर पूरे शहर वासियों ने इन कर्मवीरों का स्वागत—सम्मान किया

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विश्व कोरोना वायरस की महामारी से जूझ रहा है और इस कठिन परिस्थिति में अपनी परवाह न करते हुए शहर को कोरोना मुक्त बनाने में स्वच्छता कर्मी महती भूमिका निभा रहे हैं। स्वच्छता कर्मी पूरी मेहनत और ईमानदारी से शहर को स्वच्छ बनाने में लगे हुए हैं। इसी क्रम में लखनऊ की महापौर संयुक्ता भाटिया ने इन स्वच्छता कर्मियों की आरती उतारकर उन पर फूल बरसाए। साथ ही सभी स्वच्छता कर्मियों को अंगवस्त्र देकर उन्हें सम्मानित किया। इस दौरान महापौर ने कोरोना योद्धाओं के बच्चों के लिए भी उपहार दिया। इससे सभी स्वच्छ्ता कर्मी भावुक हो गए।
 
मैदान पर डटे रहकर कोराना की जंग लड़ रहे स्वच्छता कर्मियों का अभिनंदन करने के बाद महापौर संयुक्ता भाटिया ने कहा, “आज सारा देश, कोरोना के कर्मवीरों का ह्रदय से सम्मान कर रहा है। प्रधानमंत्री ने भी सभी देशवासियों से आह्वान किया था कि कोरोना के कर्मवीरों का सम्मान किया जाए। सभी देशवासियों ने तालियां, शंख और थालियां बजाकर कोरोना के कर्मवीरों के प्रति अपना सम्मान प्रकट किया था। इस कठिन घड़ी में योद्धा की तरह लड़ रहे स्वच्छता कर्मी रीढ़ की हड्डी की तरह हैं।”
 
जब गली—मोहल्ले में बरसाए गए फूल
स्वच्छता कर्मियों का सम्मान शहर की हर गली में किया जाए, इसके लिए महापौर संयुक्ता भाटिया ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी पार्षदों से वार्ता की थी। उन्होंने पार्षदों से विशेष आग्रह किया कि सभी पार्षद अपने-अपने क्षेत्र में इन कर्मवीरों का ऐसे ही सम्मान करें। साथ ही महापौर ने लखनऊ वासियों से भी यह अपील की नगरवासी अपने घर के द्वार पर इन कोरोना कर्मवीरों का स्वागत करें।
 
उन पर पुष्प वर्षा करके उनका उत्साहवर्धन करें। इस अपील पर नगरवासियों ने न केवल स्वच्छता कर्मियों का सम्मान किया बल्कि गली—गली उन पर फूल बरसाकर, माला पहनाकर और ताली बजाकर अभिनंदन किया। इस दौरान शहर के लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखा और हर गली-मोहल्ले में नगरवासियों ने अपने द्वार पर परिवार के साथ खड़े होकर इन दूतों का सम्मान किया