अस्पताल में नंगा घूमने वाले जमातियों पर लगेगा एनएसए
   दिनांक 04-अप्रैल-2020
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि लॉकडाउन के दौरान जिसने भी कानून को हाथ में लिया बख्शा नहीं जाएगा

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उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद में तब्लीगी जमात के लोगों ने अस्पताल में नंगा घूमने समेत कई प्रकार की शर्मनाक हरकतें की. इसके बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाज़ियाबाद के जिला अस्पताल में इस तरह का शर्मनाक कृत्य करने वालों के खिलाफ एनएसए ( राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) के अंतर्गत कार्रवाई करने के संकेत दिए हैं.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि "लॉक डाउन में सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन करने वालों को सख्त संदेश दें. इंदौर जैसी घटना उप्र में कहीं भी कतई नहीं होनी चाहिए. ऐसे लोगों पर डिजास्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करें. जो भी लोग सरकार से असहयोग करें उनको थोड़ी-थोड़ी संख्या में अलग-अलग कड़ी निगरानी में रखें. गाजियाबाद के अस्पताल में जिन लोगों ने अराजकता फैलाई है उन सबके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें. अगर क्वारनटाइन से कोई भागता है तो इसके लिए वहां के प्रशासन को जवाबदेह बनाएं. ऐसे केंद्र प्राइमरी स्कूलों की जगह बड़े भवनों को बनाएं. लॉकडाउन के अनुपालन में जो लोग बेहतर काम कर रहे हैं उनकी सूची बनाई जाय. हालात सामान्य होने पर सरकार ऐसे लोगों को सम्मानित करेगी."
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस ऐलान के बाद अब इन जमातियों पर शिकंजा कसा जाएगा. इन सिरफिरों की हरकत पर गौर करें तो 4 अप्रैल को जनपद कन्नौज में पुलिस वालों को घायल करके नमाजी मस्जिद से फरार हो गए. उत्तर प्रदेश के कन्नौज जनपद में जुमे की नमाज अदा करने के लिए भीड़ एकत्र हुई. पुलिस जब भीड़ को वहां से हटाने पहुंची तो नमाजियों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया. इस पथराव में कुछ पुलिस वाले चोटिल हो गए. नमाजियों के पथराव को देखते हुए पुलिस को मौके से पीछे हटना पड़ा. कुछ देर बाद जब पुलिस पूरी तैयारी के साथ पहुंची तब तक नमाजी मौके से फरार हो चुके थे. मुजफ्फरनगर के मोरना इलाके में 2 अप्रैल को कुछ लोगों ने पुलिस पर हमला कर दिया. इस हमले में एक सिपाही और एक दरोगा घायल हो गए. यह हमला उस समय हुआ जब पुलिस लोगों से सड़क को खाली करने के लिए कह रही थी. पुलिस का कहना था कि लोग अपने घरों में चले जाएं और लॉकडाउन का पालन करें मगर तभी कुछ लोगों ने पुलिस पर हमला कर दिया.
रामपुर में एसडीएम पर हमला
उधर , उत्तर प्रदेश के रामपुर जनपद के टांडा में बुधवार की शाम को एसडीएम गौरव कुमार, तहसीलदार महेंद्र बहादुर सिंह एवं कोतवाली थाने की पुलिस लाक डाउन की स्थिति का जायजा ले रहे थी. जब वो लोग मोहल्ला - मियां वाली मस्जिद के पीछे पहुंचे तब वहां पर कुछ युवक भीड़ लगाए हुए थे. एसडीएम गौरव कुमार ने उन युवकों को अपने-अपने घरों में जाने के लिए कहा तब उन युवकों ने घरों की छत पर पहुंच कर पथराव कर दिया. एसडीएम गौरव कुमार का कहना है कि “इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई है. पथराव करने वाले युवकों की पहचान कर ली गई है.
सहारनपुर में नमाजियों ने किया पुलिस पर हमला

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सहारनपुर जनपद में पुलिस को सूचना मिली कि बेहट कोतवाली क्षेत्र के गांव जमालपुर में स्थित मस्जिद के बाहर कुछ मुसलमान नमाज पढ़ने के लिए एकत्र हुए हैं. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उन लोगों को यह बताने का प्रयास किया कि कोरोना वायरस की महामारी को देखते हुए लॉकडाउन किया गया है इसलिए मस्जिद में ज्यादा संख्या में एकत्र होकर नमाज न पढ़े. पुलिस द्वारा नमाज पढ़ने से मना करने पर नमाजियों ने पुलिस पर हमला कर दिया. इस मामले में पुलिस ने 6 महिलाओं समेत 26 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. सहारनपुर जनपद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार प्रभु ने बताया कि “मस्जिद में नमाज पढ़ने की सूचना पर पुलिस मौके पर गई थी. पुलिस टीम पर हमला किया गया. एफआईआर दर्ज करके आवश्यक कार्रवाई की जा रही है.”
गाजियाबाद के अस्पताल से महिला नर्स को हटाया गया
तब्लीगी जमात के लोगों को गाजियाबाद के जिला एम.एम.जी चिकित्सालय के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया था. ये लोग तब्लीगी जमात में शामिल हुए थे. इन लोगों को वहां पर इसलिए रखा गया है ताकि इनकी जांच की जा सके. 14 दिन तक अगर कोई लक्षण नहीं दिखाई देता है तो इन्हें घर जाने दिया जाएगा. मगर इन लोगों ने अस्पताल में ऐसी - ऐसी हरकत करना शुरू कर दिया जिससे वहां की नर्स ड्यूटी नहीं कर पा रही हैं . गाज़ियाबाद जनपद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने थाना घंटाघर कोतवाली में तहरीर दी है. तहरीर में आरोप लगाया गया है कि " जिला एम.एम.जी चिकित्सालय में तैनात स्टाफ नर्सों के द्वारा 1 अप्रैल को लिखित रूप से अवगत कराया गया कि आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कोरोना के संदिग्ध मरीज वार्ड में बिना पैंट के नंगे घूम रहे हैं. वार्ड में मोबाइल फोन पर अश्लील गाने बजा रहे हैं. स्टाफ नर्स और कर्मचारियों से बीड़ी - सिगरेट की मांग कर रहे हैं. महिला स्टाफ को अश्लील इशारे कर रहे हैं. ऐसी स्थिति में इलाज कर पाना संभव नहीं है." गाजियाबाद डीएम ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी की शिकायत पर जांच के आदेश दिए हैं. गाज़ियाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने बताया कि " मुख्य चिकित्सा अधिकारी की तरफ से शिकायत मिली है जिसमे कतिपय आरोप लगाये गए हैं. एफआईआर दर्ज कर ली गई है. आवश्यक कार्रवाई की जा रही है." यह मामला उच्च अधिकारियों की जानकारी में आने के बाद अस्पताल से महिला नर्स हटा दी गई हैं और इन लोगों को सीसीटीवी की निगरानी में रखा जा रहा है.