पश्चिम बंगाल: सेवा कार्यों में जुटे संघ के स्वयंसेवक
   दिनांक 04-अप्रैल-2020
अंबा शंकर बाजपेयी
पश्चिम बंगाल के सभी जिले के लोगों को भोजन एवं अन्य जरूरतमंद चीजों के वितरण में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 2300 कार्यकर्ता सतत लगे हुए हैं। ऐसे में लॉक डाउन के दिन से अभी तक 40000 परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाई जा चुकी है।

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पूर्व हो या पश्चिम, उत्तर हो दक्षिण-विपदा की घड़ी में रा स्व संघ समाज के साथ कंधे से मिलाकर खड़ा है। इसी कड़ी में पश्चिम बंगाल में संघ के विभिन्न संगठन समाज के गरीब व अभावहीन लोगों की सेवा में लगे हुए हैं। लॉक डाउन की स्थिति में सेवा भारती व राष्ट्रीय मेडिकोज संगठन ने मिलकर इस विपदा से निपटने के लिए दोनों संगठनों ने संयुक्त कार्य करने का निर्णय लिया है। नेशनल मेडिकोज आर्गेनाईजेशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ प्रभात कुमार सिंह की अध्यक्षता में पूरे प्रदेश में 100 डॉक्टरों की एक टीम लगातार निगरानी कर रही है। इतना ही नहीं डॉ सिंह ने लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के प्रत्येक जिले में 4 से 5 चिकित्सकों की एक टीम का गठन किया गया है जो संबंधित जिलों में लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कोरोना वायरस से संबंधित उपचार के लिए 24 घंटे एक हेल्प लाइन चलाई है। इसके अलावा सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है और चिकित्सकों की टीमें सेवा बस्तियों जाकर स्वास्थ्य संबंधी कार्य किया जा रहा है।
युद्ध स्तर पर लगी है सेवा भारती
सेवा भारती ने पश्चिम बंगाल के प्रत्येक जिले में सेवा कार्य शुरू किया हुआ है। राज्य के सह सेवा प्रमुख प्रमुख धनंजाॅय घोष ने बताया की लॉकडाउन के चलते प्रदेश के सभी जिले के लोगों को भोजन एवं अन्य जरूरतमंद चीजों के वितरण में 2300 कार्यकर्ता लगे हुए हैं। ऐसे में लॉक डाउन के दिन से अभी तक 40000 परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाई जा चुकी है। इसी तरह पश्चिम बंग के अलग-अलग स्थानों पर लगभग 502 स्थानों पर सेवा कार्य चल रहे हैं। सेवा भारती व चिकित्सकों की संयुक्त टीम द्वारा दवाइयां, मास्क, सेनेटाइजर वितरण का कार्य सेवा बस्तियों में किया जा रहा है। इसके तहत 12000 परिवारों को राहत सामग्री पहुंचाई जा चुकी है। इतना ही नहीं सेवा भारती एवं चिकित्सकों की टीम ने अस्पतालों में सामान्य स्थिति बनाए रखने के लिए राज्य के 7 विभिन्न स्थानों पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया जहां पर 100 स्वयंसेवकों ने रक्तदान किया ताकि अस्पतालों में रोगियों को रक्त की उपलब्धता बनी रहे।
भारत सहित जब पूरी दुनिया कोरोना वायरस से जूझ रही है ऐसे में देश के प्रधानमंत्री से लेकर हरेक जागरूक व्यक्ति सोशल डिस्टेंसिंग की बात कर रहा है। क्योंकि यही एक मात्र बचने का उपाय है। ऐसे में लाॅक डाउन के कारण सभी कुछ बंद पड़ा है। लेकिन पश्चिम बंगाल में एक बड़ा वर्ग ऐसा है जो प्रतिदिन कमाता-खाता है। यह ऐसा वर्ग है जो प्रतिदिन दिहाड़ी करके अपना जीविकोपार्जन करता है। इसलिए जब से लॉक डाउन हुआ है तब से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े विभिन्न सेवा संगठनों सेवा कार्य शुरू किया हुआ है।