यदि कोई भूखा सोया तो डीएम होंगे जिम्मेदार: योगी
   दिनांक 05-अप्रैल-2020
कोरोना के कारण हुए लॉकडाउन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक्शन में हैं. उन्होंने स्पष्ट कहा है कि किसी जिले में यदि कोई भूखा सोया तो जिलाधिकारी इसके लिए सीधे जिम्मेदार होंगे. सीएम हेल्पलाइन पर अगर कोई फोन नहीं उठाता है तो उसके खिलाफ एफआईआर कर उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाए

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “बिना भेदभाव के हर जरूरतमंद को समय से भोजन मिलना चाहिए. जिन जनपदों में भी अभी तक सामुदायिक रसोई घर शुरू नहीं हुए हैं, मुख्य सचिव तत्काल उस जनपद के जिलाधिकरी से बात कर भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित कराएं. इसके साथ ही संबंधित जिलाधिकारी की जवाबदेही भी तय करें. जिनकी जवाबदेही तय की जाए ऐसे जिलाधिकारी की सूची मुझे उपलब्ध कराई जाय. भोजन वितरण के कार्य में गांवों में प्रधानों के अलावा नगर निकायों में पार्षदों और अन्य कर्मचारियों की भी इसमें सहायता ली जाए. एलपीजी सिलेंडर, दवा और जरूरी सामान प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाई जाए.”
अपने आवास पर टीम-11 की बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि “कंट्रोल रूम में अगर कोई फोन नहीं उठा रहा है तो उसके खिलाफ एफआईआर कर उसकी गिरफ्तारी की जाए। जिला आपूर्ति अधिकारी को निर्देश दिया जाय कि अगर कोई जरूरतमंद राशन नहीं मिलने की शिकायत करता है तो तुरंत उसका राशनकार्ड बनाने के साथ राशन और 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता उस तक पहुंचाएं. सीएम हेल्पलाइन पर जिन जिलों की शिकायत सर्वाधिक आ रही हैं. उनकी निगरानी की जाए और लापरवाह अधिकारीयों की सूची मुझे उपलब्ध कराई जाए.”
कानून तोड़ने वालों पर सख्ती बरतें
मुख्यमंत्री ने कहा कि “ लॉकडाउन के बावजूद सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों का जानबूझकर उल्लंघन या अराजकता फैलाना सोचा-समझा षड्यंत्र है. ऐसे लोगों के साथ बेहद सख्ती से पेश आएं. तब्लीगी जमात में शामिल हर किसी को चिन्हित करें. सबके मोबाइल जब्त कर कॉल डिटेल की जांच की जाय. उनके सभी सामानों की भी बारीकी से जांच की जाय. कुछ भी आपत्ति जनक मिलने पर उसको जब्त कर कार्रवाई करें. जिन जगहों पर ऐसे लोग ठहरे हैं उनकी सफाई और सेनिटाइजेशन पर विशेष ध्यान दिया जाय.” मुख्यमंत्री ने लॉकडाउन खुलने के बाद की कार्ययोजना पर भी विस्तार से चर्चा की. टाइमिंग और सोशल डिस्टेंसिंग पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया. यह भी कहा कि प्रदेश की सीमाएं अंतरराष्ट्रीय, अंतरराज्यीय और अंतरजनपदीय हैं. इन जगहों से होने वाले मूवमेंट का भी ध्यान देना होगा.
लॉकडाउन से प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर की भरपाई के लिए अभी से राज्य, जिला स्तरीय बैंकर्स से बात कर रणनीति तैयार करें. रोजगार मेला, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, एक जिला एक उत्पाद और माटी कला बोर्ड आदि के जरिए क्या हो सकता है, इसकी भी रणनीति बना लें. ताकि हालात सामान्य होते ही इन पर अमल किया जा सके.