कश्मीर में घर-घर राहत पहुंचाने में जुटी सेवा भारती
   दिनांक 06-अप्रैल-2020
देश भर में सेवा भारती के कार्यकर्ता कोरोना महामारी के दौरान असहाय, गरीब तबके की मदद करने में जुटे हैं। कश्मीर भी इससे अछूता नहीं है

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सेवा भारती से जुड़ी करीब तीन सौ से अधिक महिलाओं-लड़कियों का एक समूह बारामूला, सोपोर, बांदीपोरा, हंदवाड़ा, पुलवामा, टंगमर्ग, कुपवाड़ा, लंगेट और श्रीनगर में जरूरतमंदों को जहां दवाइयों से लेकर राशन पहुंचा रहा है तो वहीं खुद मास्क, सेनेटाजर बनाकर भी उनके द्वारा बांटे जा रहे हैं।
कश्मीर में फैलते कोरोना के चलते घाटी में लाॅकडाउन का बड़ी सख्ती से पालन किया जा रहा है, जिसके चलते लगभग सब कुछ बंद है। लिहाजा देश के दूसरे हिस्सों की भांति कश्मीर में भी गरीब, असहाय एवं रोजमर्रा काम करने वालों के सामने भोजन का संकट खड़ा हुआ है। लेकिन सेवा भारती के कार्यकर्ता ऐसी परिस्थिति में जरूरतमंदों तक हर संभव मदद पहुंचाने में जुटे हुए हैं। बारामूला जिले की डंगीबाचा की रहने वाली मुबीना बेगम विपदा की घड़ी में अपनी तीन सौ से अधिक महिलाओं-लड़कियों के एक समूह के साथ कश्मीर में राहत अभियान में जुटी हुई हैं। सेवा भारती से जुड़ी ये सभी महिलाएं बारामूला, सोपोर, बांदीपोरा, हंदवाड़ा,पुलवामा, टंगमर्ग, कुपवाड़ा, लंगेट और श्रीनगर में जरूरतमंदों को जहां दवाइयों से लेकर राशन, नमक, तेल एवं भोजन से संबंधित अन्य सामग्रियों को पहुंचाने में जुटी हैं तो वहीं लड़कियों का एक समूह खुद मास्क बनाकर गांव-गांव जाकर बांट रहा है। पूरे कश्मीर में फैली ये महिलाएं आपदा की घड़ी में बेखौफ होकर आमजन की मदद करने में जुटी हैं।
विपदा में न होने पाए किसी को कोई दिक्कत
जरूरतमंदों तक राहत सामग्री पहुंचाने में जुटी सेवा भारती की अंचल प्रमुख मुबीना बेगम बताती हैं कि जब हमारे प्रधानमंत्री जी ने देश में एक दिन का लाॅकडाउन किया था, उस दिन के बाद से हम अपनी साथियों के साथ राहत अभियान में जुट गए। शुरू-शुरू में तो पांच साथियों से इस अभियान की शुरूआत की लेकिन जैसे-जैसे समय बढ़ा वैसे-वैसे अन्य महिलाएं एवं लड़कियां इसमें जुड़ती चली गईं। आज करीब तीन सौ से अधिक महिलाएं इस पूरे राहत अभियान में जुटी हैं और गांव के लोगों को किसी भी तरह की कोई दिक्कत न होने पाए, इसके लिए अपने स्तर से जितना बन पड़ रहा है, वह सब कुछ करने का प्रयास कर रही हैं।
साल, 2010 से सेवा भारती से जुड़ी मुबीना बताती हैं कि हमने तकनीकि का सहारा लेते हुए अलग-अलग जगहों पर 5 से 10 लड़कियों का एक-एक समूह बना दिया है। इसमें कोई राशन की व्यवस्था में लगा हुआ है तो कोई मास्क बनाने में जुटा है तो कोई मास्क पहुंचाने में। काम करते समय हमारे द्वारा हर जरूरतमंद को मास्क, साबुन आदि वितरित किया जा रहा है। इस दौरान कार्यकर्ताओं द्वारा करीब 500 से अधिक परिवारों में राशन उपलब्ध कराया जा चुका है तो वहीं हजार से अधिक मास्क खुद बनाकर लोगों में वितरित किए गए हैं। इस दौरान कार्यकर्ताओं को समाज का पूरा सहयोग भी मिल रहा है।
वे बताती हैं कि सेवा भारती का लक्ष्य लोगों की सेवा करना है। मैंने इन सभी बातों लोगों को बताना शुरू किया। धीरे-धीरे हमारा काम लोगों को पसंद आया। लोगों ने काम को समझना शुरू किया। आज उसी का परिणाम है कि हम आसानी से घाटी के दूर-दराज गांव-देहात में लोगों की मदद कर पा रहे हैं। और यहां के लोग भी हमारे काम की तारीफ कर रहे हैं। जिन इलाकों में हमारे कार्यकर्ता काम कर रहे हैं वह इलाके ऐसे हैं जहां मजदूरों और ग्रामीणों के पास मदद आसानी से नहीं पहुंच रही थी लेकिन सेवा भारती के कार्यकर्ता इन जगहों पर लोगों की मदद कर रहे हैं।
सेवा भारती ने जारी किए हेल्प लाइन नंबर
फारूख अहमद डार जम्मू-कश्मीर में सेवा भारती के उपाध्यक्ष हैं। पेशे से चिकित्सक डार कोरोना महामारी के दौरान स्थानीय लोगों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वह बताते हैं कि स्थानीय लोगों को कोई दिक्कत न होने पाए इसके लिए सेवा भारती की ओर से दो हेल्प लाइन नंबर- 9797247053 एवं 8899311848 जारी किए हैं। इन नंबरों पर कश्मीर का कोई व्यक्ति संपर्क कर सकता है। हमारे कार्यकर्ता उन सभी जरूरतमंदों तक घर-घर जाकर राशन से लेकर अन्य सभी जरूरी सामान पहुंचा रहे हैं। वह बताते हैं कि आज जब लोग सेवा भारती का काम देख रहे हैं तो उन्हें बहुत अच्छा लग रहा है। इस दुख की घड़ी में सेवा भारती के कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर हर गरीब, असहाय तबके तक राहत पहुंचाने में जुटे हैं। क्योंकि सेवा करना ही हमारा मकसद है।