योगी को मिला धर्मगुरुओं और मत पंथ के प्रतिष्ठित लोगों का साथ
   दिनांक 06-अप्रैल-2020
कोरोना से बचाव व रोकथाम को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश भर के धर्मगुरूओं और मतावलंबियों के प्रतिष्ठित लोगों से बातचीत की. मुख्यमंत्री ने सरकार की तरफ से उठाए गए कदमों एवं तैयारियों के बारे में सभी को बताया. कोरोना से निपटने के लिए उनके सुझाव भी मांगे. कई महत्वपूर्ण सुझावों पर गंभीरता से अमल करने का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भरोसा दिलाया

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वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सीएम योगी आदित्यनाथ ने सभी को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि “यह एक संक्रमित बीमारी है. जो पथ, मत, संप्रदाय, धर्म और मजहब नहीं देखती है. इसके लिए जरूरी है कि हम सभी बिना किसी भेदभाव के एक साथ इसका मुकाबला करें. अमेरिका, इटली, स्पेन, ईरान जैसे देशों में इस वायरस ने मौत का तांडव मचाया हुआ है. भारत में कोरोना सेकंड स्टेज पर थम गया है, इतना ही नहीं दुनिया की बड़ी ताकतें अब भारत की ओर सहयोग की दृष्टि से देख रही हैं.”
योगी ने कहा कि “प्रदेश स्तर कई प्रयास किए गए हैं जिसके सार्थक परिणाम आ रहे हैं हालांकि तब्लीगी जमात के कारण अचानक कुछ परिस्थितियां बदली हैं. इसके बाद भी हमारा कंट्रोल बना हुआ है. सभी अपने सुझाव मौखिक व लिखित रूप में दे सकते हैं.
योगी ने बातचीत की शुरूआत वाराणसी से की. संकट मोचन के मंहत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र ने अपना सुझाव देते हुए कहा कि “सभी धर्मगुरू अपने अपने स्तर पर लॉकडाउन के प्रति लोगों को जागरूक करें.”
गोरखपुर से सरदार यशपाल सिंह व गोरखपुर में काली बाड़ी के महंत रविंद्र दास से भी योगी आदित्यनाथ ने चर्चा कर हालात की समीक्षा की. आगरा के फॉदर नून ने बातचीत के दौरान बताया कि ईसाई धर्म में यह एक मुख्य सप्ताह होता है जिसमें गुड फ्राइडे बहुत महत्वपूर्ण है. ईसाई धर्म के लोग किसी भी प्रकार का आयेाजन नहीं करते हुए सोशल डिस्टेंसिंग पर अमल करेंगे.
प्रयागराज में संगमतट स्थित हनुमान मंदिर के महंत नरेंद्र गिरी, निर्मोही अंखाड़े से महंत और सिख धर्म गुरू जोगिंदर सिंह ने भी अपीन बात रखी. इसके बाद अयोध्या से धर्मगुरूओं ने बातचीत के दौरान सुझाव दिया कि अयोध्या में देश विदेश से लोगों का आवागमन होता है. इसके लिए आवश्यक है कि यहां एक टेस्टिंग लैब बनाई जाय. इस पर योगी ने इसका आश्वासन देते हुए कहा कि सरकार हर जनपद में लैब खोलने की तैयारी कर रही है.
लखनऊ में खालिद रशीद महली ने सुझाव देते हुए कहा कि “ धर्मगुरुओं की कोरोना रोकथाम व बचाव संबंधी एक आडिओ क्लिप बनाकर उसे मस्जिदों में और मुस्लिम बहुल ईलाकों में सुनाया जाए.” सहारनपुर से मौलाना मसूद मदनी ने कहा कि “जिन लोगों को क्वारंटीन किया जाए उन्हें यह न लगे कि उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार किया है.”
शिया समुदाय के नेता कल्बे जव्वाद ने सुझाव दिया कि नमाज के लिए जरूरी है जिंदा रहना और जिंदा रहने के लिए डॉक्टरों व हुकूमत के सुझाव को मानने में ही सबकी भलाई है.