पर्दा मुस्लिम महिलाओं को मानसिक और नैतिक विकास से वंचित कर देता है: बाबासाहेब
   दिनांक 08-अप्रैल-2020
डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती (14 अप्रैल) के अवसर तक रोजाना उनके जीवन से जुड़े कुछ अनछुए प्रसंगों को बताने का प्रयास किया जाएगा। ये प्रसंग “डॉ. बाबासाहब आंबेडकर राइटिंग्स एंड स्पीचेज”, “पाकिस्तान ऑर पार्टीशन ऑफ इंडिया”, “द सेलेक्टेड वर्क्स ऑफ़ डॉ. बी. आर. आंबेडकर”, “द डिक्लाइन एंड फॉल ऑफ़ बुद्धिज़्म” आदि पुस्तकों से लिए गए हैं. बाबासाहेब को जानें भाग छह :- 

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डॉ. आंबेडकर ने इस्लाम में महिलाओं की स्थिति पर बहुत ही बेबाकी से लिखा है। वे लिखते हैं, ''महिलाओं से ऐसी अपेक्षा नहीं की जाती कि वे अपने कमरों से बाहर आंगन या बगीचे में घूमने जाएं। उनके कमरे घर के पिछवाड़े की तरफ रखे जाते हैं। उन सभी को, चाहे वे जवान हों या वृद्धा, एक ही कमरे में ठूंस दिया जाता है। उनकी उपस्थिति में पुरुष नौकर से भी काम नहीं लिया जाता। एक महिला को केवल अपने बेटे, भाई, पिता, चाचा और पति अथवा अन्य नजदीकी रिश्तेदार जिस पर भरोसा किया जा सके, को ही देखने का अधिकार है।
मुस्लिम महिलाएं नमाज के लिए मस्जिद में भी नहीं जा सकतीं और यदि उन्हें जाना भी पड़े तो बुर्का पहनकर जाना पड़ेगा। भारत की गलियों में टहलती हुई बुर्के वाली महिलाएं सबसे घृणित दृष्टि की गवाह हैं।
वे लिखते हैं, ''हमेशा तनहाई और अकेले में रहने के कारण मुस्लिम महिलाओं की शारीरिक स्थिति बेहद दुखदाई हो जाती है। वे मुख्य तौर पर अनीमिया, टीबी, मसूड़ों में घाव आदि बीमारियों से पीड़ित हो जाती हैं। कमर झुकने, हड्डियां कमजोर होने, हाथ—पैर कड़े होने, कूल्हों और जोड़ों तथा हड्डियों में लगातार दर्द रहने से उनको शारीरिक पीड़ा से मुक्ति नहीं मिलती। उनके दिल में घबराहट सबसे ज्यादा होती है।
शारीरिक कमजोरियों का परिणाम यह होता है कि ज्यादातर की प्रसव के समय मौत हो जाती है। पर्दा मुस्लिम महिलाओं को मानसिक और नैतिक विकास से वंचित कर देता है।'' वे कहते हैं, ''मुस्लिम महिलाएं अन्य समुदाय की अपनी बहनों से पीछे रह जाती हैं क्योंकि वे घर से बाहर किसी गतिविधि का हिस्सा नहीं बन पातीं और एक गुलाम मानसिकता व हीनता का अनुभव कर स्वयं ही घुटती रहती हैं। उनकी ज्ञान पाने की इच्छा नहीं होती है, क्योंकि उन्हें सिखाया जाता है कि घर से बाहर किसी भी चीज में रुचि नहीं लेनी है।'' ( पाकिस्तान ऑर पार्टीशन ऑफ़ इंडिया संस्करण 1945, थाकेर एंड कम्पनी लिमिटेड। पृष्ठ 216, 220,221)