पीएम मोदी के खिलाफ कांग्रेस का अफवाह तंत्र सक्रिय
   दिनांक 09-अप्रैल-2020
चाइनीज़ वायरस के बहाने कांग्रेस का पूरा अफ़वाह तंत्र सक्रिय है। पहले महामारी से निपटने में सरकार के कदमों को लेकर अफ़वाहें उड़ाई गईं। फिर लोगों के मनोबल को तोड़ने के लिए झूठी ख़बरें फैलाई गईं

fake news _1  H 
जब सारे तरीक़े नाकाम रहे तो अब ऐसे संदेश फैलाए जा रहे हैं जिनसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विवादों में घसीटा जा सके। फ़ेसबुक, ट्विटर और व्हाट्सएप के ज़रिए एक संदेश फैलाया जा रहा है जिसमें अपील की गई है कि 12 अप्रैल को शाम 5 बजे सभी लोग 5 मिनट के लिए अपनी छतों और घरों की बालकनी में खड़े होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'स्टैंडिंग ओवेशन' देंगे। ऐसा चाइनीज़ वायरस से निपटने में उनके प्रयासों की सराहना करने के उद्देश्य से बताया गया।
नेहरू-गांधी परिवार के चाटुकार के तौर पर प्रसिद्ध रामचंद्र गुहा ने इस संदेश के आधार पर ट्वीट किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हिटलर करार दिया। गुहा ने कहा कि संकट काल में प्रधानमंत्री अपनी प्रशंसा करवाने में जुटे हैं। वास्तव में रामचंद्र गुहा से पहले इस संदेश को शायद ही किसी ने देखा था। जब पड़ताल की गई तो संकेत मिले वो कांग्रेस पार्टी की तरफ़ इशारा कर रहे थे।
जानबूझकर प्रधानमंत्री को विवादों में घसीटने का ये खेल कांग्रेस से जुड़े तत्वों ने ही शुरू किया था। इससे पहले कि ये आम लोगों तक पहुँचता और इसे लेकर लोगों में कोई भ्रम पैदा होता, कांग्रेस के सबसे बड़े अफवाही रामचंद्र गुहा ने ट्वीट भी कर डाला। इससे पहले कि कांग्रेस का दुष्प्रचार तंत्र अपने ही गढ़े इस संदेश के आधार पर कोई अफ़वाह फैला पाता ख़ुद प्रधानमंत्री ने आगे आकर इसका न सिर्फ़ खंडन किया, बल्कि साफ़ लिखा कि यह मोदी को विवादों में घसीटने की कोई ख़ुराफ़ात लगती है। प्रधानमंत्री ने इस मौक़े का इस्तेमाल भी अपनी इस अपील को दोहराने के लिए किया कि हर देशवासी कम से कम एक परिवार के खाने-पीने की ज़िम्मेदारी सँभाले।
रामचंद्र गुहा कथित तौर पर इतिहासकार हैं। वो कैसा इतिहास लिखते होंगे यह उनके ट्वीट से पता चलता है। व्हाट्सएप पर भेजे गए एक शरारतपूर्ण संदेश के आधार पर उन्होंने देश के प्रधानमंत्री पर हमला बोल दिया। लेकिन मामला इतना सरल होता तो कोई बात नहीं था। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने संदेश के साथ भेजी गई तस्वीर की जाँच शुरू कर दी है। कई लोगों ने इस आधार पर संदेह जताया है कि इसे कांग्रेस के ही लोगों ने बनाया है और उसे विश्वसनीयता के साथ आगे बढ़ाने की ज़िम्मेदारी रामचंद्र गुहा जैसे लोगों को दी गई। अगर यह सब सच है तो मन में यह सवाल आता है कि जब देश के करोड़ों लोग एक मानवीय त्रासदी से गुजर रहे हैं, ऐसे समय में देश की सबसे पुरानी पार्टी और उसके इकोसिस्टम की प्राथमिकता क्या है?