मुस्लिम महिला और पुरुषों में संवाद की कमी यौन विकृति का बड़ा कारण : बाबासाहेब
   दिनांक 09-अप्रैल-2020
डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती (14 अप्रैल) के अवसर तक रोजाना उनके जीवन से जुड़े कुछ अनछुए प्रसंगों को बताने का प्रयास किया जाएगा। ये प्रसंग “डॉ. बाबासाहब आंबेडकर राइटिंग्स एंड स्पीचेज”, “पाकिस्तान ऑर पार्टीशन ऑफ इंडिया”, “द सेलेक्टेड वर्क्स ऑफ़ डॉ. बी. आर. आंबेडकर”, “द डिक्लाइन एंड फॉल ऑफ़ बुद्धिज़्म” आदि पुस्तकों से लिए गए हैं. बाबासाहेब को जानें भाग सात :-

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डॉ. आंबेडकर लिखते हैं, ''महिलाओं से पुरुषों के अलगाव के चलते मुस्लिम पुरुषों की मानसिकता पर गलत प्रभाव पड़ता है। यह कहने की जरूरत नहीं है कि एक सामाजिक व्यवस्था में जहां स्त्री व पुरुष में लिंगभेद मानने के कारण आपसी संवाद और मिलने तक की मनाही हो वहां विपरीत लिंग के प्रति गलत धारणा व यौन विकृति की संभावनाएं ज्यादा बढ़ती हैं। पर्दे की इस बुराई से भारत में केवल मुस्लिम समुदाय ही नहीं हिन्दुओं में भी बहुत बुराइयां पैदा हुई हैं, इसके कारण हिन्दुओं में मुसलमानों के प्रति अलगाव बढ़ा है और यह आज भी भारत में सार्वजनिक जीवन में दिखाई देता है।''
( पाकिस्तान ऑर पार्टीशन ऑफ इंडिया संस्करण -194, थाकेर एंड कंपनी लिमिटेड, पृष्ठ 222 )