किशनगंज: सरफराज और मोहम्मद आजाद ने नाबालिग ज्योति से बलात्कार किया फिर मार डाला

    दिनांक 11-मई-2020
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संजीव कुमार
बिहार स्थित किशनगंज के पोठिया थाना क्षेत्र के माखनपोखर गांव निवासी राजवंशी परिवार की 15 वर्षीय ज्योति (काल्पनिक नाम) की दहशतगर्दों ने सामूहिक दुष्कर्म के उपरांत हत्या कर दी। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए माखनपोखर गांव से दो अभियुक्तों सरफराज आलम एवं मोहम्मद आजाद को गिरफ्तार किया

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कुछ दिनों से बिहार के किशनगंज के वंचित समुदाय के लोगों पर जिस तरह हमले किये जा रहे हैं, उससे किशनगंज का हिन्दू समाज दहशत में आ गया है। किशनगंज के पोठिया थाना क्षेत्र के माखनपोखर गांव निवासी राजवंशी परिवार की 15 वर्षीय ज्योति (काल्पनिक नाम) की दहशतगर्दों ने सामूहिक दुष्कर्म के उपरांत हत्या कर दी। राजवंशी समाज दलित समुदाय के अन्तर्गत आता है। 5 मई को सोनी खेत में अपने गाय लेने के लिए गई थी, उसके बाद से वह लापता हो गई। परिवार वालों ने काफी खोजबीन की लेकिन सोनी का कहीं पता नहीं चला। 6 मई की सुबह खेत में काम करने वाले किसानों ने हल्ला कर बताया कि सोनी की अर्द्धनग्न लाश मक्के के खेत में पड़ी थी। सोनी के दोनों हाथ पीछे की ओर बंधे हुए थे। गर्दन पर चाकू से वार किया गया था। जबर्दस्ती करने के दौरान उसके हाथ की हड्डी भी टूट गई थी।
 
मिर्जापुर ग्राम पंचायत के माखानपोखर हरिजन टोला गांव की नाबालिग बालिका के शव मिलते ही दहशत का माहौल हो गया। सोनी की लाश घर से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर पाई गई थी। अर्द्धनग्न शव को देखने से ही लगता था कि उसके साथ जबर्दस्ती की गई है। पुलिस के मृत्यु समीक्षा रिपोर्ट में शरीर को निर्वस्त्र अंकित किया गया है। साथ ही प्रथम दृष्टया सामूहिक दुष्कर्म की जाने की आशंका भी जताई गई है। जब हंगामा शुरू हुआ तो मृतिका की मां के आवेदन पर थाना में मामला दर्ज किया गया। पोठिया थाना में मुकदृमा संख्या- 85/2020 तथा धारा 302, 376 (डी) ए,34 एवं पाॅस्को एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 7 मई को माखनपोखर गांव से दो अभियुक्तों सरफराज आलम (पिता- अब्दुल्ला) एवं मोहम्मद आजाद (पिता-मुख्तार) को गिरफ्तार किया। पोठिया किशनगंज विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत आता है। किशनगंज विधानसभा पर ओवैसी की पार्टी के विधायक कमरूल होद्दा हैं।
 

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गौरतलब है कि इसी तरह किशनगंज के ठाकुरगंज थानान्तर्गत कुंजीमारी ग्राम में 25 अप्रैल को महादलित परिवार के सदस्य पूरन लाल की वीभत्स हत्या ग्रामवासियों की उपस्थिति में कर दी गई थी। मृतक पूरन के परिवार में बूढ़े मां-बाप, पत्नी के अलावा 3 छोटी बच्चियां भी हैं, जो अब बेसहारा हो गये हैं। इस घटना से 35 महादलित परिवार के महिला-पुरूष व बच्चे दहशत में हैं। इन घटनाओं के बाद से किशनगंज में हिन्दू समाज दहशत में है। किशनगंज बिहार का एक मात्र जिला है, जहां हिन्दू अल्पसंख्यक है। गत विधानसभा चुनाव में ओवैसी की पार्टी का यहां खाता खुला था। किशनगंज विधानसभा क्षेत्र से ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के कमरूल होद्दा ने जीत हासिल की थी। एआईएमआईएम और पीएफआई की गतिविधियों से यहां आतंक का माहौल खड़ा हो गया है। विभिन्न संगठनों ने हिन्दुओं को सुरक्षा देने की मांग की है। बेसहारा पूरन के परिवार वालों को 5 लाख रूपये की सहायता एवं उसकी पत्नी को आंगनबाड़ी या ग्राम सेविका में बहाल करने की भी मांग की जा रही है। सरकार अगर यह मांग मान भी लेती है तो उससे क्या हिन्दुओं के बीच पैदा हुई दहशत को खत्म किया जा सकेगा।