धूल उड़ाने के विवाद में हत्या, तीन घायल, शाहरूख फरार

    दिनांक 14-मई-2020
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प्रतापगढ़ जनपद में शाहरूख नाम के युवक ने अनिल उर्फ़ बबलू की धूल उड़ाने के विवाद में गोली मारकर हत्या कर दी और तीन युवकों को घायल कर दिया. आस पास के इलाके में तनाव व्याप्त है. बीते 5 अप्रैल को प्रयागराज जनपद में मोहम्मद सोना ने लोटन निषाद की हत्या कर दी थी. लोटन ने सिर्फ यह कह दिया था कि कोरोना , जमातियों की वजह से फैला है.
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जनपद में टाटा मैजिक वाहन के चालक अनिल उर्फ़ बबलू की गोली मारकर हत्या कर दी गई. ताबड़तोड़ फायरिंग के चलते रिंकेश, प्रदीप और रवि भी घायल हो गए. घटना के बाद आसपास के इलाके में तनाव व्याप्त हो गया. पुलिस ने मौके पर पहुंच कर घायलों को अस्पताल भिजवाया. घायलों को प्रयागराज मेडिकल कालेज रिफर कर दिया गया. पुलिस, स्थिति को नियंत्रित कर अभियुक्त शाहरूख की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है.
बता दें कि नगर कोतवाली थाना क्षेत्र के पूरेशेख टेउंगा निवासी अनिल उर्फ़ बबलू, टाटा मैजिक लेकर जा रहा था. रास्ते में शाहरूख कुछ लोगों के साथ खड़ा था. शाहरूख ने टाटा मैजिक को रोक लिया और कहा कि " गाड़ी धीरे - धीरे चलाओ , धूल उड़ रही है." इस बात को लेकर दोनों के बीच कुछ कहासुनी हुई. उसके बाद अनिल ने अपने कुछ साथियों को फोन करके बुला लिया. आरोप है कि शाहरूख ने अनिल के तीन साथियों को जैसे ही मौके पर आते देखा. शाहरूख ने गोली चलाना शुरू कर दिया. गोली मारने के बाद शाहरुख अपने साथियों के साथ फरार हो गया.
घायलों को अस्पताल ले जाया गया जहां अनिल उर्फ़ बबलू को डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया और तीन घायल रिकेश , प्रदीप, और रवि को मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया.
उल्लेखनीय है कि 5 अप्रैल को प्रयागराज जनपद के करैली थाना अंतर्गत लोटन निषाद की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. मौके पर मौजूद भीड़ ने दौड़ाकर अभियुक्त मोहम्मद सोना को पकड़ लिया था और फिर पुलिस के हवाले कर दिया. हत्या चाय की दुकान पर उस समय हुई थी जब लोटन निषाद कुछ लोगों से यह चर्चा कर रहा था कि तब्लीगी जमात के लोगों की वजह से ही कोरोना का प्रकोप ज्यादा बढ़ गया अन्यथा अभी तक यह पूरी तरह नियंत्रित हो गया होता. यह सुनते ही मौके पर खड़ा मोहम्मद सोना आग बबूला हो गया. जब तक लोग कुछ समझ पाते उसने तमंचे से फायर कर दिया. गोली लगने से युवक की मौत हो गई थी.
घटना के बाद आस - पास के क्षेत्र में तनाव व्याप्त हो गया था. पूरे इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात करना पड़ा था. इस घटना का संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभियुक्त के खिलाफ एनएसए लगाने का आदेश दिया था एवं पीड़ित परिवार को 5 लाख रूपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की थी.