भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर मात्र 30 मिनट में योगी ने लिया 'एक्शन'

    दिनांक 16-मई-2020
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गुजरात के उद्योगपति मनोज डेडिया से उत्तर प्रदेश के रायबरेली जनपद में तैनात एक अधिकारी द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी. मनोज डेडिया ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ट्विटर अकाउंट पर इसकी शिकायत की. मात्र 30 मिनट के भीतर अधिकारी को निलंबित किया गया. मुख्यमंत्री ने पूरे प्रकरण की जांच के भी आदेश दिए हैं

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योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद ही यह स्पष्ट कर दिया था कि भ्रष्टाचार के लिए इस प्रदेश में कोई स्थान नहीं होगा. भ्रष्ट्राचार की शिकायत आने पर शासन की तरफ से लगातार कड़ी कार्रवाई की गई. 50 वर्ष की उम्र पार कर चुके वो सरकारी कर्मचारी जिनकी कार्य प्रणाली पारदर्शी नहीं थी. ऐसे लोगों को आवश्यक रूप से सेवा-निवृत कर दिया गया. बीते शुक्रवार को गुजरात के एक उद्यमी द्वारा रिश्वत की शिकायत करने पर योगी आदित्यनाथ ने मात्र 30 मिनट के भीतर कार्रवाई की. सीएम योगी ने एक बार फिर ये साबित कर दिया कि उनके शासन में भ्रष्टाचार के लिए कोई स्थान नहीं है।
इस त्वरित कार्रवाई से प्रसन्न होकर गुजरात के उद्योगपति मनोज डेडिया ने लिखा कि “योगी जी, मुझे विश्वास नहीं होता कि मेरी शिकायत के केवल 30 मिनट के भीतर ही आपने कड़ी कार्रवाई की. मैं आपको पसंद तो पहले से करता ही था लेकिन अब मेरी नजर में आपका सम्मान पहले से और बढ़ गया है. आपको ढेर सारा प्रेम.”
दरअसल, गुजरात के उद्योगपति मनोज डेडिया ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कार्यालय के ट्विटर अकाउंट पर अनिल कुमार चौधरी, क्षेत्रीय अधिकारी, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, रायबरेली के विरुद्ध भ्रष्ट्राचार सम्बन्धी शिकायत की थी. मनोज डेडिया ने लिखा था कि “ अधिकारी ने उद्योग को चलाने और अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने के एवज में पैसों की मांग की है.” डेडिया ने सम्बन्धित अधिकारी से बातचीत का एक ऑडियो क्लिप भी साझा किया, जिससे यह स्पष्ट हो रहा था कि अधिकारी द्वारा उद्योग के संचालन के लिए मनोज डेडिया से रिश्वत मांगी गई थी. भ्रष्टचार की इस शिकायत पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुरंत संज्ञान लेते हुए कड़ी कार्रवाई करने और मामले की जांच करने के आदेश दिए. इसके साथ ही अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया