लाउड स्पीकर से अजान देना इस्लाम का हिस्सा नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

    दिनांक 16-मई-2020
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजीपुर और फर्रुखाबाद जनपदों से योजित की गई याचिकाओं को निस्तारित करते हुए यह निर्णय दिया कि मस्जिद में अजान तो दी जा सकती है मगर लाउड स्पीकर से अजान देना इस्लाम का हिस्सा नहीं है 

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मस्जिद में अजान देने को इस्लाम का हिस्सा माना है मगर लाउड स्पीकर के माध्यम से अजान देने को इस्लाम का हिस्सा मानने से इनकार कर दिया है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यह फैसला गाजीपुर के सांसद अफजाल अंसारी एवं फर्रुखाबाद के सैय्यद मोहम्मद फैज़ल की याचिकाओं को निस्तारित करते हुए दिया है. अफजाल अंसारी ने जिलाधिकारी गाजीपुर एवं सैय्यद मोहम्मद फैज़ल ने जिलाधिकारी फर्रुखाबाद के उस आदेश को चुनौती दिया था जिसमे अजान पर रोक लगाई गई थी.
इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति शशि कान्त गुप्ता एवं न्यायमूर्ति अजित कुमार की खंडपीठ ने कहा कि लाउड स्पीकर से अजान देना इस्लाम का मजहबी हिस्सा नहीं है. केवल अजान देना, इस्लाम का धार्मिक भाग है. बगैर किसी लाउड स्पीकर का प्रयोग किये मस्जिद में अजान दी जा सकती है. इसलिए लाउड स्पीकर के माध्यम से अजान देने पर रोक बरकरार रहेगी. कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अपने मूल अधिकारों के लिए किसी दूसरे के मूल अधिकारों का उल्लंघन नहीं किया जा सकता. ध्वनि प्रदूषण मुक्त नींद का अधिकार मूल अधिकार का हिस्सा है.