क्या कांग्रेस चाहती है कि कोरोना के अनियंत्रित होने का ठीकरा मुसलमानों के सिर फूटे ?

    दिनांक 18-मई-2020   
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ईद की नमाज के बहाने कांग्रेस मुसलमानों के सिर कोरोना संक्रमण के अनियंत्रित होने का ठीकरा फोड़ना चाहती है। देश का मुस्लिम वर्ग अभी तब्लीगी जमातियों के करतूतों से उबर भी नहीं पाया है, कांग्रेसियों ने सरकार पर मस्जिदों और ईदगाहों में ईद की नमाज पढ़ने की अनुमति देने के बहाने उन्हें एक नए बखेड़े में झोंकने की तैयारी कर ली है।

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ईद पर नमाज पढ़ने को लेकर कांग्रेस नेता इब्राहिम ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर छूट देने की मांग की थी के बहाने कांग्रेस मुसलमानों के सिर कोरोना संक्रमण के अनियंत्रित होने का ठिकरा फोड़ना चाहती है। देश का मुस्लिम वर्ग अभी तब्लीगी जमातियों के करतूतों से उबर भी नहीं पाया है, कांग्रेसियों ने सरकार पर मस्जिदों और ईदगाहों में ईद की नमाज पढ़ने की अनुमति देने के बहाने उन्हें एक नए बखेड़े में झोंकने की तैयारी कर ली है। उसकी ओर से सरकारों को पत्र लिखे जा रहे हैं कि तमाम सावधानियों और व्यवस्थाओं के बीच ईद की नजाम मस्जिदों एवं ईदगाहों में पढ़ने की व्यवस्था की जाए। हालांकि, कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए देश के विभिन्न इस्लामिक संगठनों ने इस बार सादगी से ईद मनाने और ईद के दिन मस्जिदों और ईदगाहों से दूरी बनाए रखने का निर्णय लिया है। सउदी अरब सरकार ने तो न केवल ईद, बल्कि उसके अगले चार दिनों तक देशभर में कर्फयू लगाने के निर्देश दे दिए हैं। पश्चिम बंगाल के इमामों ने केंद्र तथा ममता सरकार को चिट्ठी लिखकर कहा है कि केवल ईद के नजरिए से जल्दबाजी में लॉकडाउन खोलने की आवश्यकता नहीं। सरकार को जब उचित लगे तभी खोलें। बिहार-झारखंड-ओडिशा के मुसलमानों में विशेष महत्व रहखने वाला इस्लामिक अदारा इमारत-ए-शरिया ने संक्रमण को देखते हुए सादगी से ईद मनाने और इस त्योहार पर खर्च होने वाली धनराशि से गरीबों और लॉकडाउन से प्रभावितों की मदद करने के लिए कहा है।
 
 
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ईद पर नमाज पढ़ने को लेकर कांग्रेस नेता इब्राहिम ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर छूट देने की मांग की थी 
 
ईद की नमाज वाजिब है, फर्ज नहीं। यानी किन्ही कारणों से इस नमाज के न पढ़ने से ईद की खुशियों में कोई कमी नहीं आएगी। अंबेडकर नगर जामा मस्जिद के तंजीम अहले सुन्नत के प्रधान मोहम्मद इमामुद्दीन मसउदुलकादरी का कहना है कि यदि ईद की नमाज को लेकर सरकार को कोई आपत्ति या किसी तरह का व्यवधान न हो, तभी इसे अदा करें। लॉकडाउन खत्म होने की स्थिति में भी कोरोना संक्रमण के फैलाव से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन अतिआवश्यक होगा। ईद की नमाज के लिए उमड़ने वाली भीड़ के चलते इसका पालन संभव नहीं। कई मुस्लिम देशों में रमजान के मददेनजर मस्जिदों में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ नमाज पढ़ने की अनुमति है। वहां नमाजियों से कहा गया है कि वे एक मीटर की दूरी बनाकर कतार में खड़े होकर नमाज पढ़ें। ईद की नमाज में हजारों की संख्या में लोग जुटते हैं। वे एक मीटर की दूरी रखकर पंक्तियों में खड़े होते हैं तो कई किलोमीटर में नमाजियों का फैलाव हो जाएगा। इससे हर जगह अफरा-तफरी मचेगी ही बीमारी के फैलने का खतरा भी कई गुणा बढ़ जाएगा। इसे ध्यान में रखते हुए ही इस्लामिक अदारों ने इस बार सदगी से ईद मनाने का संदेश दिया है। इस बार ईद की खरीदारी को लेकर भी मुसलमानों में खास उत्साह नहीं है। कई लोगों ने पांचजन्य से बातचीत में ईद की तैयारियों पर खर्च होने वाले पैसे गरीबों में राशन बांटने पर व्यय किए जाने की बात बताई।
 
इसके विपरीत कर्नाटक के कांग्रेस नेताओं ने मुसलमानों की ओर से ईद की नमाज मस्जिदों एवं ईदगाहों में पढ़ने की इजाजत देने की वकालत की है। कर्नाटक के कांग्रेस नेता सीएम इब्राहिम और एमएलसी अब्दुल जब्बार ने प्रदेश के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को पत्र लिखकर मस्जिदों एवं ईदगाहों में ईद की नमाज पढ़ने की अनुमति देने और स्वास्थ्य संबंधी तमाम व्यवस्थाएं करने की मांग की है। मगर उन्होंने अपने पत्र में यह नहीं बताया कि किस मुस्लिम संगठन के कहने पर उन्होंने यह पत्र मुसलमानों का प्रतिनिधि बनकर लिखा है। जबकि सर्वविदित है कि ईद की नमाज पढ़ने की इजात दी गई तो सोशल डिस्टेंशिंग की धज्जियां उड़ जाएंगी। उसके बाद निश्चित ही महारोग भारत में अनियंत्रित हो जाएगा। अभी ही संक्रमितों की संख्या एक लाख के करीब पहुंच रही है। इससे पहले तब्लीगी जमात के मौलाना साद की कारगुजारी का नतीजा देश भुगत ही रहा है। लॉकडाउन के बाजवजूद जमात के दिल्ली स्थिति मुख्यालय ‘मरकज’ में हजारों जमातियों के एकत्रित होने और तमाम बंदिशों के बावजूद उनके देशभर में पहुंच जाने से कोरोना संक्रमण को तेजी से फैलने का मौका मिल गया था। अब कांग्रेसियों के दबाव में आकर सरकारों से मस्जिदों एवं ईदगाहों में ईद की नमाज पढ़ने की इजाजत मिली तो निश्चित ही कोरोना खतरे के निशान से उपर पहुंच जाएगा। ईद की नमाज की तैयारियों के लिए बाजार में उमड़ने वाली भीड़ से भी संक्रमण के फैलाव में मदद मिलेगी। अभी मुसमलनों ने पुराने कपड़ों में ईद मनाने का मन बनाया हुआ है।