भगोड़े जाकिर नाइक के पीस टीवी पर ब्रिटेन में 2.75 करोड़ जुर्माना

    दिनांक 19-मई-2020   
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जाकिर नाइक के दो चैनल—पीस टीवी और पीस टीवी उर्दू पर नफरत फैलाने वाले संदेश और आपत्तिजनक सामग्री का प्रसारण किया जा रहा था। ब्रिटिश मीडिया नियामक ऑफकॉम ने पीस टीवी उर्दू पर दो लाख और पीस टीवी पर एक लाख पाउंड का जुर्माना लगाया है।

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भगोड़ा जाकिर नाइक के चैनल पीस टीवी पर ब्रिटेन में 3 लाख पाउंड (लगभग 2.75 करोड़ रुपये) का जुर्माना लगाया गया है। लंदन स्थित मीडिया नियामक ऑफकॉम ने प्रसारण नियमों के उल्‍लंघन के आरोप में पीस टीवी पर एक लाख पाउंड और पीस टीवी उर्दू पर दो लाख पाउंड का जुर्माना लगाया है।
 
ऑफकॉम का आरोप है कि इन चैनलों पर लगातार नफरत फैलाने वाले संदेश और अत्‍यंत आपत्तिजनक सामग्री का प्रसारण किया जा रहा था, जिससे अपराध बढ़ने की आशंका थी। पीस टीवी एक लाभरहित टेलीविजन नेटवर्क है, जिसका दुबई से अंग्रेजी, बांग्‍ला और उर्दू में फ्री टू एयर प्रसारण होता है। पीस टीवी का लाइसेंस लॉर्ड प्रोडक्‍शन लिमिटेड के पास है, जबकि क्‍लब टीवी के पास पीस टीवी उर्दू का लाइसेंस है। ये दोनों कंपनियां जाकिर नाइक की ही यूनिवर्सल ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड की हैं। गौरतलब है कि 2010 में ब्रिटेन में उसके प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।
 
 
हाल ही में जाकिर नाइक का एक वीडियो आया था। इसमें वह कुवैत के एक वकील की घोषणा के बारे में बताने के साथ मुस्लिम देशों को सुझाव दे रहा है कि ‘यदि कोई गैर-मुस्लिम इस्‍लाम के खिलाफ सोशल मीडिया पर कुछ लिखता है तो उसे मुस्लिम देश में आने पर गिरफ्तार कर जेल भेज देना चाहिए। केवल खाड़ी देश में ही नहीं, बल्कि भारत में भी इस्‍लाम के खिलाफ बोलने वाले गैर-मुसलमानों का डेटाबेस तैयार किया जाना चाहिए। इस्‍लाम के खिलाफ बोलने वालों में मुख्‍य रूप से भाजपा से जुड़े लोग हैं, जिनमें अधिकांश पैसे वाले हैं।
 
भारत के अधिकांश नेताओं का पैसा यूएई और खाड़ी देशों में जमा है। इस्‍लाम के खिलाफ उंगली उठाने वाले बहुतायत गैर-मुस्लिम विदेश जाते हैं, इनमें से 50 प्रतिशत से अधिक मुस्लिम देशों या खाड़ी देशों में जाते हैं। मैं कुवैत के वकील को सलाह देता हूं कि भारत के ऐसे सभी गैर-मुस्लिमों का डेटाबेस तैयार करके कंप्‍यूटर में रखना चाहिए ताकि अगली बार जब भी वे किसी भी खाड़ी देश में आएं चाहे कुवैत, यूएई, दुबई हो या इंडोनेशिया हो, उन पर केस होना चाहिए और उन्हें गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजना चाहिए। अगर 5-10 लोगों के साथ भी ऐसा हुआ तो अधिकतर लोग इस्‍लाम के खिलाफ बोलना छोड़ देंगे।‘
फिलहाल भगोड़ा जाकिर नाइक मलेशिया में है। भारत में उसके खिलाफ मजहबी कट्टरता फैलाने और धन शोधन का मुकदमा दर्ज है। गिरफ्तारी से बचने के लिए 2016 में उसके मलेशिया भागने के बाद जून, 2017 में अदालत द्वारा उसे भगोड़ा घोषित किया गया था। लेकिन मलेशिया में भी वह शांति से नहीं बैठा। वहां भी पिछले साल उसने कहा कि मलेशिया में हिंदुओं को भारत के मुसलमानों के मुकाबले 100 गुना ज्यादा अधिकार मिले हैं। हालांकि मलेशिया की सरकार ने नफरत फैलाने वाले उसके बयान पर संज्ञान लेकर उससे पूछताछ की थी। इस बीच, भारत सरकार ने भगोड़े नाइक के प्रत्‍यर्पण के लिए मलेशिया सरकार से औपचारिक अनुरोध किया है।