जमातियों की शर्त—जिंदा रहना है तो कबूल ले इस्लाम

    दिनांक 19-मई-2020   
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सिंध प्रांत के मटियारी जिले के नसुरपुर के तब्लीगी जमात से संबंध रखने वाले अताउल्लाह खोसा, हाफिज खोसा, अब्बास खोसा, मुंशी, गुलाम रसूल आदि ने कई जिहादियों के साथ पिछले दिनों हिन्दुओं के घरों पर धावा बोल दिया। उनके घर ढहा दिए। मार-पीट की गई और एक लड़के का अपहरण कर अपने साथ ले गए। अब उन्हें धमकाया जा रहा है कि यदि उन्होंने इस्लाम नहीं कबूला तो युवक कभी वापस नहीं लौटेगा।

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पाकिस्तान में मजहबी कट्टरपंथियों का हिंदुओं के प्रति अत्याचार थमने का नाम नहीं ले रहा। आए दिन ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं, जिसे सुनकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। इस क्रम में तब्लीगी जमात के लोगों ने हिंदुओं के साथ न केवल मारपीट की बल्कि इस्लाम कबूलने से मना करने पर उनके घर ढहा दिए और समुदाय के एक लड़के का अपहरण कर लिया। अपहरणकर्ता जमातियों ने शर्त रखी है कि यदि उन्होंने इस्लाम कबूलने से इनकार किया तो अपह्रत लड़के की कभी वापसी नहीं होगी।
 
इस घटना के बाद से अपह्रत लड़के की मां का रो-रोकर बुरा हाल है। चीख, पुकार से रूदन करने पर बार-बार मुर्छित हो जाती हैं। घटना पाकिस्तान के सिंध प्रांत के मटियारी जिले के नसुरपुर की है। पीड़ितों ने इस घटना में तब्लीगी जमात के लोगों का हाथ होना बताया है।
 
नसुरपुर में हिंदुओं की खासी आबादी है। पीड़ितों का कहना है कि कट्टरपंथी उनकी संपत्ति पर बहुत पहले से नजरें गड़ाए हैं। इसलिए आए दिन उन्हें प्रताड़ित किया जाता है ताकि हिंदू बिरादरी अपना मकान आदि छोड़कर पलायन को मजबूर हो जाएं। मगर जब उनकी नहीं चली तो उन्होंने हिंदुओं पर इस्लाम कबूलवाने का दवाब बनाना शुरू कर दिया।
 
स्थानीय लोगों का कहना है कि तब्लीगी जमात से संबंध रखने वाले अताउल्लाह खोसा, हाफिज खोसा, अब्बास खोसा, मुंशी, गुलाम रसूल आदि ने अपने साथियों के साथ गत दिनों उन पर धावा बोल दिया। उनके घर ढहा दिए। मार-पीट की गई और उनके समुदाय के एक लड़के का अपहरण कर अपने साथ ले गए।
 
अब उन्हें धमकाया जा रहा है कि यदि उन्होंने इस्लाम नहीं कबूला तो युवक कभी वापस नहीं लौटेगा। इससे पहले भी कटृटरपंथियों ने मटियारी में भील जनजाति के एक युवक का अपहरण मजहब कबूलवाने के लिए कर लिया था। इलाके के धनती कोहली कहते हैं कि तमाम तकलीफों के बावजूद पाकिस्तान में हिंदुओं का चैन से रहना मुहाल है। नसुरपुर की घटना को लेकर पाकिस्तान हिंदू काउंसिल के रहनुमा और सांसद डॉक्टर रमेश वांकवानी से शिकायत करने के बावजूद उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई है।
 
स्थानीय पुलिस थाने में मामला दर्ज करवाने पर भी आरोपी छुट्टा घूम रहे हैं। घटना के बाद से नसुरपुर के हिंदुओं में दहशत है। पिछले एक महीने में पाकिस्तान के सिंध और पंजाब प्रांत में हिंदू समुदाय पर कई हमले हो चुके हैं। इस दौरान उनकी संपत्तियों को नुक्सान पहुंचाया गया, हत्याएं की गईं और बलात्कार की घटना को अंजाम दिया गया। आगजनी के एक मामले में तीन मासूम बच्चों की मौत भी हुई है। यहां तक कि कोरोना और लाकडाउन से बेहाल हिंदुओं की किसी तरह की कोई मदद नहीं की जा रही है।