आफरीदी याद रखें कि फैसले के दिन तक कश्मीर उन्हें नहीं मिलेगा

    दिनांक 20-मई-2020   
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पाकिस्तान में मजहबी कट्टरपंथियों का नया चेहरा बनकर उभर रहे पूर्व क्रिकेटर शाहिद आफरीदी कश्मीर पर अनर्गल प्रलाप करके पाकिस्तानियों को बेवकूफ बना रहे हैं। हकीकत में वह जोकरगिरि कर रहे है
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पाकिस्तान में मजहबी कट्टरपंथियों का नया चेहरा बनकर उभरे तथा प्रधानमंत्री इमरान खान एवं सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा के इशारे पर नाचने वाले पूर्व क्रिकेटर शाहिद अफरीदी को भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करना महंगा पड़ गया। उनके अनर्गल प्रलाप पर भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह एवं हरभजन सिंह ने उन्हें करारा जवाब दिया है। साथ ही उन्होंने आफरीदी को चेतावनी दी है कि प्यार से जान मांगोगे तो जान दे देंगे, लेकिन शैतानी करने पर उन्हें किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा। पूर्व क्रिकेटर और अब दिल्ली से भारतीय जनता पार्टी के सांसद गौतम गंभीर ने भी शाहिद अफरीदी की शरारतों पर उन्हें खरी-खरी सुनाई।
 
दरअसल, पूरा मामला पाकिस्तान कब्जे वाले कश्मीर में एक आयोजन के दौरान शाहिद आफरीदी द्वारा भारतीय सेना, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अनर्गल टिप्पणी करने से जुड़ा है। कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन से परेशान लोगों की सहायता के लिए इन दिनों शाहिद आफरीदी अपने एसए फाउंडेशन की ओर से अभियान चलाकर लोगों को राशन उपलब्ध करा रहे हैं। इस क्रम में वे अपने कार्यकर्ताओं के साथ जगह-जगह जाते हैं और समारोह आयोजित कर राशन और राहत सामग्री बांटते हैं। पिछले दिनों इसी सिलसिले में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में राहत सामग्री वितरण समारोह का आयोजन किया गया था। इसमें उन्होंने पाकिस्तानी फौजियों की मौजूदगी में भारत, भारतीय प्रधानमंत्री और भारतीय सेना के बारे में काफी अनर्गल प्रलाप किया था। इससे संबंधित वायरल वीडियो में पाक फौजियों के बीच शाहिद आफरीदी कहते दिखाई दे रहे हैं कि मोदी के दिल-ओ-दिमाग में मजहब को लेकर नफरत भरी है। दो किलोमीटर दूर कश्मीर में आठ लाख फौजियों को तैनात कर कश्मीरी भाई, बहनों और बच्चों पर जुल्म ढहाए जा रहे हैं।
 
उनके इस बयान को लेकर भारत में कड़ी प्रतिक्रिया हुई है। विशेषकर उनके पुराने मित्रों और भारत के दो नामचीन खिलाड़ी युवराज सिंह और हरभजन सिंह बहुत ज्यादा भड़के हुए दिखाई दिए। दोनों खिलाड़ियों ने आफरीदी की बातों को बदतमीजी करार देते हुए कहा है कि वे भविष्य में कभी भी पाकिस्तान और उस देश के किसी भी व्यक्ति की मदद के लिए आगे नहीं आएंगे। उनका कहना है कि वे अपने देश से प्यार करते हैं। इसके लिए जान भी दे सकते हैं। भारत और हमारे प्रधानमंत्री के बारे में अगर कोई बुरा-भला कहेगा तो वे चुप नहीं रहेंगे। ऐसे लोगों से वे किसी भी तरह का संबंध रखना पसंद नहीं करेंगे। आफरीदी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए क्रिकेटर गौतम गंभीर ने अपने एक ट्वीट में कहा कि 20 करोड़ जनसंख्या वाले पाकिस्तान और उसके सात लाख फौजी 70 वर्षों से कश्मीर राग अलाप रहे हैं। अब पाकिस्तानियों को बेवकूफ बनाने के लिए आफरीदी, इमरान और बाजवा जैसे जोकर भारत और प्रधानमंत्री के खिलाफ जहर उगलने में लगे हैं, लेकिन फैसले के दिन तक कश्मीर उन्हें नहीं मिलेगा। बांग्लादेश तो याद ही होगा।
 
बात यूं है कि कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के चलते पाकिस्तान की आर्थिक दशा बिल्कुल जमीन पर आ गई। ऐसे में चाहकर भी पाकिस्तानी सरकार अपने देश के 45 प्रतिशत गरीबों की सहायता नहीं कर पा रही। इसके चलते प्रधानमंत्री इमरान खान की चौतरफा आलोचना हो रही है। ऐसे समय में इमरान खान की गिरती छवि को संबल देने शाहिद आफरीदी सामने आए हैं। उन्होंने अपने क्रिकेटर साथियों और कुछ ब्रांडेड कंपनियों की मदद से परेशान लोगों को राशन-भोजन पहुंचाने का अभियान चलाया हुआ है। इस अभियान से अधिक लोगों को जोड़ने के लिए उनके आग्रह पर युवराज सिंह और हरभजन सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर लोगों से शाहिद आफरीदी को सहयोग करने की अपील की थी। भज्जी यानी हरभजन कहते हैं कि तमाम तरह के विरोध के बावजूद उन्होंने मानवता और दोस्ती की खातिर न चाहते हुए भी यह काम किया। मगर इसके लिए उन्हें धन्यवाद करने बजाए शाहिद आफरीदी उनके ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारत और हमारी सेना को बुरा भला कह रहे हैं, जो कतई मंजूर नहीं।
वैसे, शाहिद आफरीदी ने कोई पहली बार भारत विरोधी बातें नहीं की हैं। उनके विचार हमेशा से भारत और हिंदू विरोधी रहे हैं। कई अवसरों पर वह इसका इजहार भी करते रहे हैं। एक मामले में पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शोएब अख्तर भी उनकी पोल खोल चुके हैं। अख्तर ने उनका नाम लिए बगैर एक बार कहा था कि पाकिस्तान टीम में कई ऐसे सीनियर खिलाड़ी हैं जो हिंदू या अल्पसंख्यक खिलाड़ी से भेदभाव करते हैं। उनके साथ बैठना और खाना भी पसंद नहीं करते। पाकिस्तान क्रिकेट टीम का हिस्सा रहे हिंदू खिलाड़ी दानिश कनेरिया ने अल्पसंख्यक खिलाड़ियों के साथ भेदभाव मामले में शाहिद आफरीदी की तरफ स्पष्ट इशारा किया था। उनका कहना है कि शाहिद जब पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कप्तान थे तो उन्होंने जान-बूझकर उन्हें खेलने नहीं दिया। वनडे मैचों से उन्हें दूर रखते थे। इसकी वजह से वह 10 वर्षों के क्रिकेट कॅरियर में मात्र सोलह वनडे ही खेल पाए।
 
यही नहीं शाहिद आफरीदी हिंदू धर्म का मजाक उड़ाने को लेकर भी एक बार सुर्खियों में आ चुके हैं। वह आरती करने को ड्रामेबाजी कहते हैं। एक बार अपने बेटी को टीवी के आगे ऐसा करते देखकर उन्होंने गुस्से में टीवी स्क्रीन फोड़ दी थी। उन्होंने एक टेलीवीजन चैनल पर बातचीत में खुद यह बात स्वीकारी है। उनका कहा था कि उनकी पत्नी स्टॉर प्लस पर आने वाले धारावाहिक खूब देखती हैं। जबकि वह कई बार दोनों बेटियों अक्सा और अंशा के साथ टीवी धारावाहिक देखने को मना कर चुके हैं। एक दिन वह जब घर आए तो देखा कि उनकी एक बेटी टीवी के सामने खड़ी होकर आरती करने की ड्रामेबाजी कर रही है। इससे वह इतना गुस्सा हुए कि आवेश में टीवी स्क्रीन भी फोड़ डाली। हिंदू धर्म के प्रति नफरत दिखाने को लेकर वह काफी दिनों तक विवादों में रहे। अब उनका भारत विरोधी चेहरा भी खुलकर सामने आ गया है।