जिसके पैसे पर उड़ा रहे गुलछर्रे, उसी के खिलाफ उगल रहे आग

    दिनांक 22-मई-2020   
Total Views |
पाकिस्तान और पाकिस्तानियों की नस-नस में धोखाधड़ी और फरेब बसा है, जिसे उन्होेंने एक बार फिर साबित कर दिया। जिस यूएई यानी संयुक्त अरब अमिरात के पैसे से वे गुलछर्रे उड़ा रहे हैं अब उसी के खिलाफ आग उगलना शुरू कर दिया है।

i_1  H x W: 0 x
पाकिस्तान और पाकिस्तानियों की नस-नस में धोखाधड़ी और फरेब बसा है, जिसे उन्होेंने एक बार फिर साबित कर दिया। जिस यूएई यानी संयुक्त अरब अमिरात के पैसे से वे गुलछर्रे उड़ा रहे हैं अब उसी के खिलाफ आग उगलना शुरू कर दिया है। पिछले दो दिनों से पाकिस्तानियों ने ट्वीटर पर अरब अमिरात के खिलाफ ‘#BoycottUAE’ अभियान छेड़ रखा है। हालांकि उन्हें अच्छी तरह पता है कि यदि यूएई ने पाकिस्तान से आखें फेरी लीं तो न सिर्फ यह देश, बल्कि इसके लाखों लोग, जो इस वक्त दुबई और अबुधाबी में नौकरी कर रहे हैं, सड़कों पर आ जाएंगे।
 
कमाल तो यह है कि पाकिस्तानियों ने यूएई के विरूद्ध इस वक्त एक ऐसी बात को लेकर मोर्चा खोल रखा है जिससे इनका दूर—दूर तक कोई नाता नहीं। अरब अमिरात ने हाल में तुर्की द्वारा लिबिया पर किए गए हमले की कड़ी निंदा की थी, जिसके जवाब में तुर्की के राष्ट्रपति ने भी उसे खरी-खरी सुना दी थी। इस बात को बीते कई दिन हो गए, पर पाकिस्तानी अब एकाएक तुर्की की वकालत में कूद पड़े हैं।
 
सोशल मीडिया पर यूएई के विरूद्ध अभियान छेड़ रखा है। ट्वीटर पर इसके खिलाफ ऐसी-ऐसी बातें लिखी जा रही हैं, जिसकी सभ्य समाज इजाजत नहीं देता। हालांकि, यूएई के नागरिकों की ओर से इन्हें छिट-पुट जवाब मिल रहा है। साथ ही याद दिलाया जा रहा है कि यूएई के खिलाफ रातों-रात वफादरी बदलना ठीक नहीं, जबकि उन्हें पता है कि अरब में उनके देश के श्रमिकों के साथ क्या-क्या हो सकता है।
 
एक ने तो ट्वीटर पर पाकिस्तानियों पर व्यंग करते हुए लिखा है कि उन पर यूएई का 30 बिलियन डॉलर कर्ज है। यदि 20 करोड़ पाकिस्तानी अपनी एक आंख और एक किडनी बेच दें तो कर्ज की वसूली भी हो जाएगी और उन्हें मुफ्त में बिरयानी खाने को मिलेगा। हालांकि, ऐसे संदेशों का पाकिस्तानियों पर कोई प्रभाव होता नहीं दिख रहा और वे लगातार यूएई पर हमलावार हैं। पाकिस्तान की ओर से भी अपने नागरिकों को सोशल मीडिया पर दो देशों के बीच रिश्ता करने वाले संदेश डालने से नहीं रोका जा रहा है। बताते हैं कि अंदरखाने पाकिस्तानी सरकार का यूएई विरोधियों को समर्थन प्राप्त है। चूंकि तुर्की कश्मीर जैसे मुददे पर हमेशा पाकिस्तान का साथ देता रहा है और यूएई इसे भारत-पाकिस्तान का द्विपक्षीय मामला बताकर इसमें हस्ताक्षेप करने से मना करता रहा है।
 
तुर्की तथा पाकिस्तान को भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संयुक्त अरब अमिरात के सर्वोच्च सम्मान ‘तगमा-ए-इमतियाज’ से सम्मानित किया जाना भी पसंद नहीं। इसलिए पाकिस्तान और पाकिस्तानी काफी अर्से से इसके खिलाफ मौके की तलाश में थे। लिबिया का बहाना बनाकर उसपर ताबड़-तोड़ हमले कर रहे हैं। यहां तक कहा जा रहा है कि यूएई तुर्की और मुसलमानों का दुश्मन है, इसलिए इससे हर तरह के रिश्ते खत्म कर देने चाहिए। यूएई को लेकर सोशल मीडिया पर कई आपत्तिजनक तस्वीरें भी पोस्ट की जा रही हैं।