मेवात: हिंदू हितों के हनन पर चुप्पी क्यों ?

    दिनांक 24-मई-2020
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डॉ. प्रवेश चौधरी

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मेवात: होली के दौरान हिंदुओं को होलिका दहन से रोक दिया गया था (फाइल फोटो )
भारत दुनिया का सबसे ज़्यादा हिंदू आबादी वाला देश है लेकिन इतनी बड़ी आबादी के बावजूद भी क्या हमारे अधिकारो का पूरे देश में संरक्षण हो पा रहा है , कश्मीर से कभी हिंदू आबादी को ज़बरन भगा दिया जाता है। उत्तरप्रदेश में कई मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में भी हिंदू आबादी के साथ कई बार ऐसा होता है। हाल ही की घटना में हरियाणा के मेवात में एक हिंदू महिला पर हमला किया गया, वही पुनहाना में एक संत पर हमला किया गया ,ये घटनाए मेवात में आम हैं। यहां हिंदुओं को त्योहार तक नहीं मनाने दिया जाते।
हिंदुओं के साथ हो रही ऐसी घटनाओं को देखते हुए विश्व हिंदू परिषद ने जनरल जी.डी. बक्शी और संत समाज के सदस्यों के दल को मेवात भेजा था। वहां जाकर उन्होंने देखा कि वास्तव में मेवात क्षेत्र में हिंदुओं के साथ लगातार हिंसक घटनाएं हो रही हैं।
मेवात जिला, भारत के हरियाणा राज्य के 22 जिलों में से एक है,इस जिले का क्षेत्रफल लगभग 1,860 वर्ग किलोमीटर है,यह पहले गुड़गांव जिले का हिस्सा था,4 मई 2005 को मेवात को नया जिला बनाया गया और नूंह को जिला मुख्यालय का दर्जा दिया गया। मेवात जिले में कुल छह प्रखंड हैं – पुन्हाना, फिरोजपुर झिरका, नगीना, नूंह, तावडू और हथीन। यह देश की राजधानी दिल्ली से मात्र 60 किलोमीटर की दूरी पर है।
मेवात एक मुस्लिम-बहुल इलाका है,यहां “मेव” मुसलमानों का दबदबा है,पहले मेव मुस्लिम हिन्दू ही थे,लेकिन मध्य कल में मुस्लिम शासकों ने इनको बलपूर्वक मुसलमान बनाया गया।
मेवात में ही 1926 में मौलाना मोहम्मद इलियास कंधालवी (Maulana Muhammad Ilyas Khandhalawi) ने तब्लीगी जमात की स्थापना की थी।
दिल्ली के नजदीक होने के बाद भी आजादी के सतर सालों के बाद भी यह भारत के पिछड़े जिलों में से एक है। कारण साफ है मजहबी कटृटरता।
लगातार बढ़ती मुस्लिम आबादी और हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के चलते हिंदू परिवार यहां से पलायन करने को बाध्य हैं। यहां की अधिकतर हिंदू आबादी गुड़गांव, दिल्ली आदि शहरों में बस चुकी है।
हालात यह हैं कि हालत यह है की मेवात के लगभग सभी 431 गांव लगभग हिन्दू-विहीन जैसे हो चुके हैं। किसी-किसी गांव में हिन्दुओं के कुछ ही परिवार रह गए हैं।
1947 के समय में मेवात में लगभग 30 प्रतिशत हिन्दू थे,जिले की आबादी लगभग 11 लाख थे लेकिन अब 2011 की जनसंख्या के अनुसार मात्र 15 प्रतिशत हिन्दू ही यहां रह गए हैं।
आए दिन इस पूरे इलाके में तनाव रहता है और कई बार मेवात में राष्ट्र विरोधी षडयंत्र भी देखने को मिलते हैं,हिन्दुओं की जमीन पर अवैध कब्ज़ा,जबरन पैसे की वसूली,मंदिरों और श्मशान के भूखंडों पर कब्जा यहां आम बात है।
यहां पर सक्रिय तब्लीगी जमात यहां के हिन्दुओं को बहला-फुसलाकर उनका कन्वर्जन करने में भी जुटी है। खुफिया एजेंसियों ने 2011 और 2016 में यहां के कटृटरपंथियों के अलकायदा के नेटवर्क से जुड़े होने का भी खुलासा किया था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल यहां से आतंकी भी गिरफ्तार कर चुकी है।
पिछले दो महीने में यहां हिंदू उत्पीड़न की कई घटनाएं हुई हैं।
मेवात (पुनहाना) के स्थानीय निवासी प्रकाश ने बताया की “मेरा भतीजा चीनी लेने बग़ल की स्थानीय दुकान पर गया , वो चीनी ले रहा था तो दो मुस्लिम युवकों ने उसके चोटी पर टीका-टिप्पणी की , इसकी शिकायत जब बच्चे ने मुझसे की तो मैंने दोनों युवकों के परिवार को इस बारे में जानकारी दी और समझाने की कोशिश की लेकिन कुछ दिनों बाद ही उन्होंने रास्ते में भतीजे की बुरी तरह पिटाई कर दी।
हम कुछ लोग एकत्रित होकर दोनों युवकों के घर पहुंचे तो वहां हम पर पत्थरबाजी की गई। पुलिस आई तो उसकी गाड़ी भी तोड़ दी गई। इसके बाद कई थानों की पुलिस वहां आई तब जाकर उन्मादी भीड़ पर काबू पाया गया।
29 अप्रैल को पुनहाना में ही एक और घटना हुई जो मुक्ति धाम आश्रम के महंत रामदास जी के साथ हुई वे बताते है “ शाम को 7;15 पर मुझ पर हमला किया गया लेकिन किसी तरह बच-बचा के में पुलिस थाने पहुंच गया। मेवात में हिंदुओें के साथ हरियाणा में मुस्लिम मतदाता 7.2 फीसदी हैं, लेकिन मेवात में 70 फीसदी के करीब मुस्लिम आबादी है. मेवात इलाके में तीन विधानसभा सीट है नूंह, पुन्हाना और फिरोजपुर झिरका , लेकिन सोहना और हथीन सीट पर भी मुस्लिम किंगमेकर की भूमिका में हैं। मेवात में मजहबी कट्टरता को रोके जाना बहुत जरूरी है। इसके लिए समाज को आगे आकर मिलजुल कर प्रयास करना चाहिए।
( लेखक जेएनयू में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं )