पाकिस्तान: इमरान सरकार के मंत्री तारिक बशीर के इशारे पर हिन्दुओं के घर जमींदोज किए गए

    दिनांक 25-मई-2020   
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पाकिस्तान में मई की तेज तपिश और कोरोना संक्रमण में भारी उछाल के बीच हिंदुओं से छत छिनने का एक नया सिलसिला शुरू हुआ है। पिछले दिनों बहावलपुर में इमरान सरकार के आवास मंत्री तारिक बशीर चीमा के नेतृत्व में हिंदुओं के आवास जमींदोज कर दिए गए

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पाकिस्तान में मई की तेज तपिश और कोरोना संक्रमण में भारी उछाल के बीच हिंदुओं से छत छिनने का एक नया सिलसिला शुरू हुआ है। उन्हें न केवल उनकी संपत्तियों से बेदखल किया जा रहा है, बल्कि धार्मिक स्थलों की जमीनें भी हथियाई जा रही हैं। इस कुकृत में इमरान खान सरकार के मंत्री और सत्तारूढ़ पाकिस्तान तहरीके इंसाफ पार्टी के नेता भी पीछे नहीं हैं। इसी क्रम में पिछले दिनों बहावलपुर में इमरान सरकार के आवास मंत्री तारिक बशीर चीमा के नेतृत्व में हिंदुओं के आवास जमींदोज कर दिए गए।
गौरतलब है कि बहावलपुर में जब हिंदुओं के मकान ढहाए जा रहे थे, उस समय देश के मुख्य सूचना अधिकारी शाहिद खोखर मौजूद थे। सरकार की कार्रवाई के दौरान कड़ी धूप और गहरी तपिश से परेशान होकर बच्चे, महिलाएं, बूढ़े बिलखते रहे, पर किसी को इन पर रत्ती भर दया नहीं आई। सरकार बहावलपुर में जब यह कार्रवाई कर रही थी, उसी समय सिंध प्रांत के घोटकी शहर में मजहबी कट्टरपंथियों के एक हुजूम ने स्थानीय हिंदू व्यापारी सत्तन कुमार के घर पर हमला कर दिया। घर में घुसकर उनकी और उनके परिजनों की इतनी बेरहमी से पिटाई की गई, जिससे वे बुरी तरह घायल हो गए। बाद में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। सत्तन कुमार का कहना है कि घोटकी की मुख्य सड़क के किनारे उनका पुश्तैनी एक जमीन का टुकड़ा है, जिस पर कट्टरपंथी हक जताकर नजरें गड़ाए हैं। उन्हें धमका कर जमीन पर अवैध कब्जा करने की नियत से ही कट्टरपंथियों ने अपने साथियों के साथ हथियारों से लैस होकर उन पर हमला कर दिया। इस दौरान पहले दबाव बनाकर जमीन उनके नाम करने का प्रयास किया गया, जब वह तैयार नहीं हहुए तो घर पर धावा बोल दिया गया और मार-पीट की गई।
इससे पहले पंजाब के खानेवाल जिले के चक गांव में मजहबपरस्तों ने ईसाइयों पर आक्रमण कर उनकी एक सदी पुराने कब्रिस्तान और उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया था। हमलावरों का नेतृत्व सत्तारूढ़ पार्टी पीटीआई का दबंग नेता जफर नुरानी कर रहा था। वह अचानक चक गांव में अपने गुर्गों अकरम गुलाम हैदर, इकबाल गुलाम कादिर आदि के साथ धमक आया। फिर ट्रैक्टर से ईसाइयों के बक्रिस्तान में घुस कर जमीन समतल कर दी। इस दौरान चर्च पर भी हमला किया गया, जिससे उसे काफी नुक्सान हुआ है। कुछ दिनों पहले ही सिंध के नसरपुर में तब्लीगी जमात के अताउल्लाह खोसो, आसिफ खोसो, अब्बास खोसो, मुंशी, गुलाम रसूल आदि ने हिंदुओं के मकानों पर कब्जा करने की नियत से उनके साथ मार-पीट की थी। जाते समय वे हिंदू समुदाय के एक युवक को इस धमकी के साथ उठा ले गए कि जब तक वे सभी इस्लाम नहीं कबूलते, उसे नहीं छोड़ा जाएगा।
पुलिस कार्रवाई करने के बजाए देती है बढ़ावा
इन सभी मामलों में पुलिस और प्रशासन से शिकायतें करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई है। अपहृत युवक का आज तक पता नहीं चला है। पाकिस्तान में यह सब तब हो रहा है जब कोरोना संक्रमण बेकाबू हो चुका है और यहां का मानवाधिकार आयोग अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा में बुरी तरह फेल होने के लिए इमरान सरकार को दोषी ठहरा चुका है। बीस करोड़ आबादी वाले पाकिस्तान में अभी कोराना के 53,601 मामले हैं, जबकि 1,123 की मौत हो चुकी हैं।
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