प्रियंका यूपी में तो बिजली बिल की माफी की मांग करती हैं वहीं राजस्थान की कांग्रेस सरकार जनता को थमा रही दोगुने बिल

    दिनांक 25-मई-2020   
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कांग्रेस पार्टी द्वारा देश में किस प्रकार दोहरी सियासत की जा रही है, इसका खुलासा किसी और ने नहीं अपितु कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा ने स्वयं किया है। प्रियंका ने हाल ही में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर बिजली बिल माफ करने की मांग की थी। लेकिन दूसरी तरफ प्रियंका गांधी की पार्टी द्वारा शासित राजस्थान सरकार द्वारा बिल माफ करना तो दूर की बात बल्कि फरमान दिया है कि तीन महीने तक बिल जमा नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं को 31 मई तक एक साथ पूरा बिल जमा कराना पड़ेगा, अन्यथा तीन महीने की बिलिंग राशि पर 2 फीसदी जुर्माना देना होगा। इतना ही नहीं बकाया राशि पर जून के पहले सप्ताह से बिजली कनेक्शन काटने शुरू कर दिए जाएंगे। इससे साफ होता है कि राजस्थान में लॉकडाउन के दौरान बिजली बिल जमा नहीं करवाने वाले उपभोक्ताओं को अब तीन महीने का बिजली बिल एक साथ भरना पड़ेगा। अगर 31 मई तक बिल जमा नहीं करवाया तो इस संबंध में जयपुर डिस्कॉम प्रबंधन द्वारा सभी इंजीनियरों को कनेक्शन काटने के निर्देश दे दिए गए हैं। ऐसे में कांग्रेस पार्टी द्वारा भाजपा शासित राज्यों में की जाने वाली मांग कांग्रेसनीत राज्य सरकारों में लागू नहीं होती। तो फिर क्या राजस्थान में रहने वाले गरीब, पिछडे, श्रमिक वर्ग के लोगों के हित कांग्रेस पार्टी के लिए कोई मायने नहीं रखते ?
 
गौरतलब है कि विद्युत निगम के जयपुर डिस्कॉम द्वारा कहा गया है कि कोरोना महामारी के चलते अप्रैल व मई में जारी होने वाले कृषि व 150 यूनिट तक प्रतिमाह उपभोग वाले घरेलू बिल भुगतान को 31 मई तक स्थगित किया गया था। इन्हें माफ नहीं किया था। नए टैरिफ व गर्मी में बिजली उपभोग ज्यादा होने के कारण उपभोक्ताओं को अप्रैल व मई में बिजली बिल करीब 25 फीसदी ज्यादा राशि के मिल रहे हैं। लॉकडाउन में कठिनाइयों के बीच लोगों ने आरोप लगाया है कि उन्हें बिजली का बढ़ा हुआ बिल मिला है और उनकी शिकायतें नहीं सुनी जा रही। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार लोगों ने शिकायत की है कि पहले जितना भुगतान लिया जाता था इस बार उससे लगभग दो गुना-तीन गुना बिजली बिल का भुगतान लिया जा रहा है। इससे पूर्व राजस्थान सरकार ने घोषणा की थी कि कोरोना वायरस महामारी के चलते जारी लॉकडाउन के कारण राज्य में बिजली बिल दो महीने के लिए टाल दिए जाएंगे। ऐसे में अब राजस्थान में गरीब तबके के लोगों पर दोहरी मार पड़ना तय है।
वहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 14 मई को लिखे गए पत्र में मांग की गई थी कि कोरोना वायरस महामारी के चलते गरीबों और मध्यम वर्ग के लोगों को राहत देने के लिए सरकार गरीब किसानों और छोटे व मध्यम उद्योगों के बिजली बिलों को माफ करे। निश्चित ही कोरोना के चलते समाज का हर वर्ग बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इन लोगों की मदद करना सरकार के लिए जरूरी है। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि कांग्रेस ने अपने ही शासित राज्यों में लॉकडाउन से परेशान लोगों को राहत देना उचित नहीं समझा। इससे पूरी तरह स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस नेतृत्व का उद्देश्य जनता को भ्रमित करना और इस परेशानी से जूझ रहे लोगों पर राजनीति करना मात्र है। राजस्थान में कांग्रेस सरकार द्वारा गरीब व अभाग्रस्त लोगों को राहत देने की बजाय उन पर आए दिन नए-नए नियम थोपकर शोषण करने का प्रयास किया जा रहा है। बिजली बिलों पर जुर्माना लगाना भी कांग्रेस के सुशासन को दर्शा रहा है।