मंदिर जाने पर कट्टरपंथियों के निशाने पर आई यूएई की राजकुमारी हिंड अल कासिमी, दिया करारा जवाब

    दिनांक 25-मई-2020   
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संयुक्त अरब अमीरात की शहजादी हिंड अल कासिमी ने उन्हें आड़े हाथ लिया है, जिन्होंने उन्हें इस्लाम से खारिज करने को लेकर अभियान छेड़ रखा है। उन्होंने ऐसे लोगों को कड़ी फटकार लगाते हुए कुरान की आयतों को ठीक से समझने की सलाह दी है

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कारोबार के सिलसिले में चैन्ने आई थीं शहजादी हिंड अल कासिमी, उस समय गई थी मंदिर
शहजादी हिंड अल कासिमी ने कहा है कि मैंने कुरान पढ़ी और वह भली-भांति समझती हैं कि क्या कहना और करना चाहिए। उल्लेखनीय है कि मजहबी कट्टरपंथियों के निशाने पर आई हिंड अल कासिमी वही महिला हैं जिन्हें कुछ दिनों पहले तक मुस्लिम हितैशी का तमगा देकर सिर पर एक तबके ने बिठा रखा था। हिंड अल कासिमी के कथित ट्वीट के बहाने मुस्लिम उत्पीड़न की झूठी तस्वीर पेशकर विश्व बिरादरी के सामने भारत को बदनाम करने की साजिश रची गई थी। लेकिन मंदिर जाने बाद अब कट्टरपंथी उन्हें ही ‘काफिर’ और इस्लाम से खारिज करने की बात कर रहे हैं।
दरअसल हिंड अल कासिमी को लेकर कट्टरपंथियों के हृदय परिवर्तन की वजह, उनका एक वीडियो है, जिसे उन्होंने गत दिनों अपने ट्विटर हैंडल पर अपलोड किया है। वीडियो पुरानी है और यह उस वक्त शूट की गई थी, जब वह कारोबार के सिलसिले में चैन्ने आई थीं। इस दौरान उन्होंने चैन्ने के भव्य स्वर्ण मंदिर के दर्शन किए थे। इस वीडियो में वह प्रतिमा पर जल चढ़ाते और प्रसाद ग्रहण करते दिखाई देती हैं। करीब सवा दो मिनट के वीडियो में यूएई की राजकुमारी हिंड अल कासिमी कहते दिखाई देती हैं कि मंदिर में आकर उनमें सकारात्मक उर्जा का संचार हुआ है।
लेकिन वीडियो साझा करने के बाद ही राजकुमारी कट्टरपंथियों के निशाने पर आ गईं। सैयद मुबशिर नामक एक व्यक्ति ने ट्वीट कर कुरान के ‘सूरा अल-काफिरून के हवाले से उन पर व्यंग किया कि तुम्हारे साथ तुम्हारा मजहब, हमारे साथ हमारा मजहब। सोशल मीडिया पर तबाड़-तोड़ हो रहे हमले से परेशान होकर अब हिंड ने भी कट्टरपंथियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने मुबशिर जैसे लोगों को रोजाना कुरान की एक आयत के अर्थ समझने का सुझाव देते हुए कहा कि उन्होंने भी कुरान पढ़ी है। ऐसे में मुझे पता है कि क्या करना चाहिए। यूएई की राजकुमारी ने अपने एक अन्य ट्वीट में लिखा है कि पैगंबर मुहम्मद ने जीवन के अंतिम दिनों में कहा था कि मुझे केवल मानव जाति के शिष्टाचार को सुधारने के लिए भेजा गया है। उनकी मंदिर यात्रा को सौम्यता, सम्मान के नजरिए से देखना चाहिए। उन्होंने भारत की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह एक स्वतंत्र देश है और यहां सभी सुरक्षित हैं। उन्होंने मजहबियों को जवाब देते हुए एक अन्य ट्वीट में लिखा है कि वह मंदिर के वास्‍तुकला से बेहद प्रभावित हुई हैं। चैन्ने में उन्होंने अपने नए दोस्‍तों से मुलाकात की और उनके साथ संस्‍कृति और धर्म पर बात की। इसमें गलत क्‍या है ?