पांचजन्य के वेबिनार में योगी आदित्यनाथ ने की घोषणा, उत्तर प्रदेश में बनेगा माइग्रेशन कमीशन

    दिनांक 25-मई-2020
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पांचजन्य की ओर से कोरोना संक्रमण काल : सजगता से सफलता के विषय पर वेबिनार का आयोजन किया गया. पांचजन्य सम्पादक हितेश शंकर के एक प्रश्न का उत्तर देते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “ पहली बार मैं किसी मीडिया हाउस में यह बात कह रहा हूं कि उत्तर प्रदेश में आने वाले हर प्रवासी कामगार व श्रमिक को रोजगार मिले, उनकी बराबर सामाजिक भागीदारी सुनिश्चित हो. इसके लिए माइग्रेशन कमीशन का गठन किया जा रहा है. कोरोना महामारी के इस संक्रमण काल में हर प्रवासी को सुरक्षित लाना प्रदेश सरकार की पहली प्राथमिकता है. उत्तर प्रदेश के श्रमिकों ने दूसरे प्रदेशों को अपने श्रम से चमकाया मगर कुछ प्रदेशों में उनके साथ अच्छा व्यवहार नहीं हुआ. हम आयोग बनाने जा रहे हैं. अब कोई भी प्रदेश यहां के श्रमिक को अगर अपने यहां बुलाता है तो उस प्रदेश को हमारे श्रमिक की सुरक्षा की भी गारंटी देनी होगी. हम अपने श्रमिक को ऐसे दर - दर भटकने के लिए नहीं छोड़ सकते. लघु एवं मझोले उद्योग के क्षेत्र में हमारी ऐसी तैयारी है कि हम प्रदेश में आये सभी प्रवासी कामगारों को समायोजित कर देंगे. किसी को भी फिर से पलायन करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी. जिन प्रदेशों ने कामगारों के साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया, वो भोगेंगे."
इसके पूर्व अपने सरकारी आवास पर ‘इन्वेस्ट इंडिया एक्सक्लूसिव इन्वेस्टमेंट फोरम’ का प्रस्तुतीकरण देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि "निवेशकों को उत्तर प्रदेश की संभावनाओं और संसाधनों के बारे में बताने की आश्यकता है. प्रस्तुतीकरण का तरीका इतना प्रभावी होना चाहिए कि निवेशक खुद इस बात को बोलने लगें कि निवेश के लिहाज से सबसे बेहतरीन जगह उत्तर प्रदेश है. हम 24 घंटे बिजली दे रहे हैं. पूरब से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक जहां निवेशक चाहें जमीन उपलब्ध है. सुरक्षा की गारंटी मेरी है. आने वाले दिनों में देश के सर्वाधिक एक्सप्रेस-वे हमारे पास होंगे. बेहतरीन एअर कनेक्टिविटी के साथ सुखद और सुरक्षित यात्रा के लिए मेट्रो हमारे पास है. प्रमुख शहरों में भी जल्द ही मेट्रो शुरू हो जायेगी. जेवर एयरपोर्ट शुरू होने के बाद देश और दुनिया से उत्तर प्रदेश जुड़ जाएगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि "सर्वाधिक आबादी के नाते हम मानव संसाधन के रूप से सर्वाधिक संपन्न हैं. जहां तक उत्पादों के बाजार की बात है तो उत्तर प्रदेश से बड़ा कोई बाजार नहीं है. यहां की 23 करोड़ से अधिक आबादी के अलावा आधा बिहार और नेपाल अपनी आर्थिक, शैक्षिक और चिकित्सकीय जरूरतों के लिए उत्तर प्रदेश पर निर्भर करता है. बिहार के लोग अपनी इन जरूरतों के लिए गोरखपुर और वाराणसी आते हैं. छत्तीसगढ़ और झारखंड के बहुत से लोग प्रयागराज और मध्यप्रदेश के लोग आगरा आते हैं."