जीशान ने साजिद, अमजद और वाजिद के साथ मिलकर नाबालिग बहन के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया फिर मार डाला

    दिनांक 25-मई-2020
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जयपुर के ग्रामीण इलाके में जीशान ने अपने तीन दोस्तों के साथ दस वर्ष की मानसिक रूप से अक्षम एवं दिव्यांग सगी बहन से दुष्कर्म किया और फिर हत्या कर लाश फेंक दी

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पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपी जीशान साजिद अमजद और वाजिद.
जयपुर के ग्रामीण इलाके में सगे भाई ने अपने तीन दोस्तों के साथ दस वर्ष की मानसिक रूप से अक्षम एवं दिव्यांग बहन से दुष्कर्म किया और फिर हत्या कर लाश फेंक दी। मनोहरपुर थाना इलाके के टोडी गांव से सामने आई इस वारदात में पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बरेली निवासी साजिद अली, अमजद अली, वाजिद अली, जीशान अली को गिरफ्तार किया है। 17 मई को घर से लापता हुई बच्ची का शव पांच दिन बाद 21 मई को बरामद हुआ। जिस पर पुलिस ने मामले की जांच के लिए वीडियो फुटेज देखे और मोबाइल काॅल डिटेल आदि निकाले तथा पड़ोसियों से पूछताछ की तो बच्ची के भाई की भूमिका संदिग्ध नजर आई। जांच में सामने आई हकीकत देख कर हर कोई शख्स चौंक गया। जब आरोपित भाई और उसके दोस्त पुलिस को भ्रमित करने के लिए बच्ची को ढूंढने का नाटक करते रहे। पुख्ता जानकारी मिलने पर जब भाई से सख्ती से पूछताछ की गई तो पूरे मामले का खुलासा हो गया। जांच में सामने आया कि बच्ची के सगे भाई ने अपने इन तीन साथियों शाजिद, वाजिद और अमजद के साथ मिलकर बच्ची से दुष्कर्म किया और गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। बाद में शव को खाई में फेंककर फरार हो गए।
इसी प्रकार प्रदेश के टोंक जिले के पचेवर पुलिस थाना क्षेत्र में चार मुस्लिम युवकों ने एक नाबालिग किशोरी का अपहरण कर उसके साथ रातभर दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। आरोपितों ने नाबालिग के साथ बेरहमी के साथ मारपीट कर उसे लहुलुहान भी कर दिया था। यहां आरोपितों के पक्ष में बयान बदलने के लिए पीड़िता को धमकाने वाली पुलिस ने न्याय की मांग करने वाले टोंक-सवाईमाधोपुर के सांसद व मालपुरा विधायक समेत दर्जनों लोगों के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज कर ली। पुलिस ने गैंगरेप के आरोपी टोंक के ही इस्लामपुरा निवासी निसार खां, सलमान, जाकिर खां को गिरफतार कर एक बाल अपराध में निरूद्ध किया है। उक्त प्रकरण में कांग्रेस सरकार पर आरोपितों को बचाने के आरोप भी लगे थे। वहीं पिछले दिनों झालावाड़ जिले में अलग-अलग घटनाओं में दो दलित नाबालिग लड़िकयों के साथ दुष्कर्म की घटनाएं सामने आई थी।
राज्य में महिला उत्पीड़न पर राजस्थान राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष सुमन शर्मा कहती हैं कि प्रदेश में महिला उत्पीड़न की घटनाएं दिनों-दिन बढ़ती जा रही हैं, इसी का नतीजा है कि महिला उत्पीड़न के मामले में राजस्थान देश में 2 नंबर पर आ गया है। हमने प्रत्येक थाने में महिला डेस्क शुरू कराई थी, जो सरकार बदलते ही बंद हो गई। पीडित महिलाओं की सुनवाई नहीं हो रही है। लाॅकडाउन में उत्पीड़न तो बढ़ रहा है, लेकिन पुलिस थाने अघोषित रूप से बंद होने से एफआईआर दर्ज नहीं हो रही। थाना गाजी गैंगरेप के बाद भी सरकार महिला अपराधों पर नियंत्रण के प्रति संजीदा नहीं है। सरकार बनने के डेढ़ साल बाद भी महिला आयोग का गठन नहीं हुआ है। इसी का नतीजा है कि पुलिस पर दबाव नहीं होने से टोंक व मनोहरपुर सामूहिक दुष्कर्म व हत्या जैसी वारदात सामने आ रही है।