कश्मीर में बलिदान हुए कर्नल आशुतोष शर्मा के आश्रित को नौकरी देगी योगी सरकार

    दिनांक 04-मई-2020
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कश्मीर के हंदवाड़ा में बलिदान होने वालों में बुलंदशहर के निवासी कर्नल आशुतोष शर्मा भी थे। बलिदानी आशुतोष शर्मा के सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने उनके परिजनों को 50 लाख रुपये और एक आश्रित को नौकरी देगी। साथ ही बलिदानी आशुतोष शर्मा के सम्मान में बुलंदशहर के खानपुर थाना क्षेत्र के गांव परवाना में गौरव द्वार का निर्माण कराया जाएगा

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उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के पहले बलिदानियों के आश्रित को नौकरी देने का कोई प्रावधान नहीं था। लेकिन मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ ने यह निर्णय लिया कि बलिदानियों के आश्रित को उत्तर प्रदेश सरकार नौकरी एवं आर्थिक सहायता देगी। बलिदानियों के आश्रितों को नौकरी देने के लिए वर्ष 2017 में कैबिनेट की बैठक में प्रस्ताव लाया गया कि अप्रैल, 2017 के बाद जो भी सैनिक, अर्ध सैनिक बल के जवान बलिदान हुए हैं, उनके आश्रितों को प्रदेश सरकार नौकरी देगी। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 19 मार्च, 2018 को इस सम्बन्ध में शासनादेश जारी किया।
6 मार्च, 2019 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘अमर शहीद सम्मान’ कार्यक्रम में 6 बलिदानियों के आश्रितों को नियुक्ति पत्र सौंपे। अप्रैल, 2017 के बाद से अभी तक अर्ध सैन्य बल के 24 जवान शहीद हुए। इनमें से 19 आश्रितों को नियुक्ति पत्र सौंपे जा चुके हैं। शेष मामलों के कुछ आश्रित नाबालिग हैं।
उस समय इन सभी लोगों को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था, "सशत्र सेना झंडा दिवस निधि में जमा होने वाली धनराशि का तीन गुना अंशदान प्रदेश सरकार देगी। पूर्व सैनिकों के पुनर्वास के लिए बैंक कर्ज पर आने वाले ब्याज का चार फीसदी ब्याज प्रदेश सरकार वहन करेगी।
अप्रैल, 2017 के बाद बलिदान होने वाले सेना और अर्ध सैनिक बल के जवानों के एक आश्रित को उनकी योग्यता के अनुसार नौकरी, परिजनों को आर्थिक सहायता दी जा रही है। इसके साथ ही उनकी याद में स्मारक का निर्माण कराया जा रहा है। मुख्य मार्ग से उनके घर तक जाने वाली सड़क का निर्माण कराया जा रहा है और उस सड़क का नाम उन्हीं बलिदानी के नाम पर रखा जा रहा है। सैनिकों के कल्याण एवं सुविधाओं के लिए साढ़े 5 करोड़ से मेरठ, प्रयागराज, मऊ जनपद में नवीन सैनिक कल्याण कार्यालय एवं विश्राम गृहों का निर्माण कराया जा रहा है। प्रदेश के 9 जनपदों में सैनिक विश्राम गृहों के मरमम्त का कार्य भी प्रगति पर है।”