एलजी से की जफरुल इस्लाम के खिलाफ कार्रवाई की मांग

    दिनांक 05-मई-2020
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पूर्व न्यायाधीशों और नौकरशाहों सहित 106 लोगों ने दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल को पत्र लिखकर दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष जफरुल इस्लाम खान के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है

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दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति एन एन धींगरा और राष्ट्रीय महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष ललिता कुमार मंगलम के अलावा अनेक पूर्व न्यायाधीशों, नौकरशाहों और पूर्व सैन्य अधिकारियों सहित 106 प्रतिष्ठित लोगों ने दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल से दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष जफरुल इस्लाम खान की एक टिप्पणी को देशविरोधी बताते हुये उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
इन लोगों ने बैजल को पत्र लिखकर कहा है कि इस्लाम द्वारा हाल ही में सोशल मीडिया पर डाली गयी एक पोस्ट न सिर्फ आपत्तिजनक है बल्कि यह देशविरोधी भी है।
पत्र में कहा गया है, ‘‘जफरुल इस्लाम की बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी, उनकी गैरकानूनी गतिविधि का नतीजा है और बतौर देश के सजग नागरिक, हम सब इससे क्षुब्ध हैं। इस्लाम को यह टिप्पणी तमाम कानूनी प्रावधानों के तहत दोषपूर्ण होने के कारण उपराज्यपाल महोदय से हमारा अनुरोध है कि इस मामले पर प्राथमिकता के आधार पर संज्ञान लेकर खान के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।’’
उपराज्यपाल को पत्र लिखकर भेजी गयी इस साझा याचिका पर न्यायमूर्ति धींगरा और मंगलम के अलावा गुजरात के लोकायुक्त न्यायमूर्ति एस एम सोनी सहित छह पूर्व न्यायाधीशों और दर्जन भर से अधिक पूर्व आईएएस अधिकारियों, सेना के पूर्व अधिकारियों और शिक्षाविदों ने हस्ताक्षर किए हैं।
इन लोगों ने दलील दी है कि सार्वजनिक तौर पर देश के हितों को प्रभावित करने वाली टिप्पणी करने के बाद खान दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष पद पर बने रहने की नैतिक पात्रता खो चुके हैं और उन्हें तत्काल इस पद से हटाया जाना चाहिए। उल्लेखनीय है कि इस पद पर उनका कार्यकाल इस साल जुलाई में खत्म हो रहा है। इसके मद्देनजर याचिका में बैजल से अनुरोध किया गया है कि खान को कार्यकाल पूरा करने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए।
इन लोगों ने संदिग्ध छवि वाले, खासकर देश की एकता और अखण्डता के बारे में विचारों से प्रेरित लोगों को भविष्य में इस तरह के जिम्मेदार पदों पर तैनात करने से बचने की भी अपील की है।
याचिका के अनुसार खान ने हाल ही में अपनी एक फेसबुक पोस्ट में भारत के हिंदुओं को कट्टर धर्मांध और मुसलमानों को प्रताड़ित करने वाला बताते हुये भारत में मुसलमानों के पक्ष में कुवैत सरकार द्वारा साथ खड़े होने के लिये कथित तौर पर कुवैत का शुक्रिया अदा किया है। इतना ही नहीं उन्होंने भारत के खिलाफ आग उगलने वाले जाकिर नाइक जैसे व्यक्तियों की तारीफ करते हुए भारत के नागरिकों के बारे में बेहद अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया है। इससे विश्व बिरादरी में भारत की छवि को नुकसान होने की दलील देते हुये इन लोगों ने उपराज्यपाल से खान के खिलाफ सत्रत कार्रवाई करते हुये उन्हें पद से हटाने का अनुरोध किया है।
याचिका पर हस्ताक्षर करने वालों में पूर्व वायु सेना उप प्रमुख पी के रॉय, मेजर जनरल एस के यादव, पंजाब के पूर्व मुख्य सचिव सौरभ कौशल और केरल के पूर्व मुख्य सचिव आनंद बोस सहित 106 प्रतिष्ठित लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं।