कांग्रेसी पार्षद की दोस्ती पड़ी भारी, कोरोना का नया हॉटस्पॉट बना राजस्थान का निंबाहेड़ा

    दिनांक 05-मई-2020   
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प्रशासनिक लापरवाही से चीनी वायरस के हॉटस्पॉट इंदौर घूम कर आया था ज्वैलर, कांग्रेसी पार्षद ने बनाया था अपने ज्वैलर दोस्त का पास। 70 हजार के छोटे से कस्बे में फैला संक्रमण, आंकड़ा 90 तक पहुंचा, सत्तारूढ़ पार्टी के पार्षद से जुड़ा होने के कारण अब अफसर जानकारी छिपाने में जुटे हुए हैं

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राजस्थान के जिस भीलवाड़ा मॉडल की चर्चा दुनिया में हो रही थी, वो अब राजस्थान में ही बुरी तरह फेल होता जा रहा है। राज्य में चीनी वायरस (कोरोना) विस्फोट का नया केंद्र चित्तौड़गढ़ जिले का निंबाहेड़ा कस्बा बना हुआ है। 70 हजार आबादी के इस छोटे से कस्बे में 90 संक्रमित केस सामने आ चुके हैं। सीमेंट उत्पादन और पत्थर के कारोबार के लिए प्रसिद्ध निंबाहेड़ा में चीनी वायरस फैलने के पीछे की बड़ी वजह घोर प्रशासनिक लापरवाही बताई जा रही है, जिस पर अब स्थानीय अधिकारी लीपा-पोती करने में जुटे हैं। फिलहाल कस्बे में महाकर्फ्यू लगा दिया गया है, लेकिन स्थानीय निवासियों की मानें तो यह बेअसर ही साबित हो रहा है। खास बात है कि राज्य के सहकारिता मंत्री उदय लाल आंजना भी निंबाहेड़ा से ही आते हैं।
चित्तौड़गढ़ जिले में 25 अप्रैल तक एक भी संक्रमित केस नहीं था। जयपुर और जोधपुर को लेकर आलोचनाओं से घिरी राजस्थान सरकार के लिए यह राहत भरी खबर थी, लेकिन यह राहत छोटी सी लापरवाही ने आफत में बदल दी है। निंबाहेड़ा के लोगों का कहना है कि एक प्रभावशाली कांग्रेसी पार्षद का करीबी ज्वैलर दोस्त पिछले महीने मध्य प्रदेश के इंदौर गया था। इंदौर में चीनी वायरस फैला हुआ है। यह बात भी सामने आई है कि उसने इंदौर जाने के लिए पास के लिए आवदेन किया था, लेकिन अब उस आवेदन पत्र को छिपाया जा रहा है। यह भी बताया गया है कि युवक ने इंदौर जाना स्वीकार किया था। युवक सोने के बढ़ते दामों में मुनाफा कमाना चाहता था। जब वह लौटा तो सोने के साथ चीनी वायरस भी ले आया। कुछ ही दिनों में उसकी पत्नी, पुत्री समेत परिवार के 7 लोग संक्रमित मिले थे। इंदौर गए इस ज्वैलर की मौत 30 अप्रैल को तड़के उदयपुर के अस्पताल में हो गई थी।

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लापरवाही यह है कि ज्वैलर के 29 वर्षीय कांग्रेसी पार्षद के परिवार मेें भी शुरुआत में तीन सदस्य पॉजिटिव मिले तो प्रशासन ने उन्हें क्वारंटाइन के बजाय होम आइसोलेशन में रखा, जबकि पार्षद केे निगेटिव मिलने पर उस पर कोई बंदिश नहीं लगाई। वो बाहर निकलता रहा। अब पार्षद भी पॉजिटिव आ गया है। निंबाहेड़ा कस्बे की इंदिरा कॉलोनी, चंदन चौक, माहेश्वरी मोहल्ला और लखारा गली हॉटस्पॉट बन चुके हैं। चिंताजनक बात तो यह है कि जिन संकरी गलियों में संक्रमण फैला है, वहां पुलिस भी जाने से बच रही है। लोग घरों से बाहर घूम रहे हैं। सुबह की सैर पर जा रहे हैं।
हद तो यह है कि प्रशासन को चीनी वायरस के निंबाहेड़ा में आने का सोर्स पता है, लेकिन सत्तारूढ़ पार्टी के पार्षद से जुड़ा मामला होने के कारण वो अनजान बना हुआ है। 3 मई को निंबाहेड़ा में 40 नए पॉजिटिव केस आए थे। 4 मई को सुबह 9 बजे की रिपोर्ट में 19 नए पॉजिटिव आ गए। राजस्थान सरकार ने राज्य में रेपिड टेस्टिंग का दावा किया था, लेकिन निंबाहेड़ा में यह नहीं हो पा रहा है। वहां 200 के आसपास सैंंपल लिए गए हैं।
भीलवाड़ा मॉडल पर पीठ ठोक चुकी राजस्थान सरकार पहले ही जयपुर के रामगंज पर जवाब नहीं दे पा रही है। रामगंज में तो विपक्षी भारतीय जनता पार्टी तुष्टीकरण का आरोप लगा रही है। रामगंज मेंं 900 से ज्यादा संक्रमित केस आ चुके हैं। रामगंज में लंबे समय से महाकर्फ्यू लगा हुआ है, लेकिन अक्सर वहां के लोग जयपुर के अन्य इलाकों में घुमते मिले हैं। जब भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से रामगंज में भीलवाड़ा मॉडल के लागू करने से संबंधित सवाल पूछे जाते हैं तो तुरंत जवाब मिलता है कि यहां की स्थिति और भीलवाड़ा की स्थिति में अंदर है। निंबाहेड़ा तो छोटा सा कस्बा है। फिर वहां क्यों भीलवाड़ा मॉडल नहीं चल रहा? इसका जवाब तो मुख्यमंत्री को देना ही पड़ेगा। फिलहाल निंबाहेड़ा की सीमा को सील कर दिया गया है। सीमेंट और पत्थर की फैक्ट्रियां बंद करा दी गई हैं, पर लॉकडाउन 3 शुरू होने के साथ निंबाहेड़ा निश्चित ही राजस्थान के लिए बड़ा सिरदर्द साबित होने वाला है।