हरियाणा से कोरोना भागेगा, भारत जीतेगा

    दिनांक 07-मई-2020
Total Views |
राजेश कुमार
 
मुख्यमंत्री मनोहर लाल पूरे प्रदेश में सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों की समस्याओं को निराकरण का आदेश दे रहे हैं। प्रतिदिन समाज के विभिन्न वर्गो के साथ बात करते हैं। इतना ही नहीं प्रतिदिन जनता से रूबरू होते हैं। हरियाणा प्रदेश देश के लिए कोविड-19 के संकट में जिस तरह से काम कर रहा है। देश के अन्य राज्यों को भी हरियाणा मॉडल का अनुकरण करना चाहिए

cm_1  H x W: 0
कोविड-19 वैश्विक संकट से भारत भी जूझ रहा है। पूरे देश में लॉकडाउन चल रहा है। देश की राजधानी के साथ लगता हरियाणा भी इस संकट का सामना कर रहा है। सूबे की सक्रिय और संवेदनशील सरकार एवं समाज के सहयोग से प्रदेश में इस वैश्विक संकट के लिए कई प्रबंध किए हैं, जिसका पूरे देश को अनुकरण करना चाहिए। हरियाणा देश का ऐसा राज्य है, जिसके एक दो जिलों को छोड़कर अन्य सभी से किसी न किसी अन्य प्रांत की सीमा लगती है। खासतौर से दिल्ली ने तीन ओर से घेर रखा है और दिल्ली के 11 के 11 जिले रेड जोन में हैं। हरियाणा की बात करें तो कई क्षेत्रों में तो कोरोना का एक भी केस नहीं आया। प्रदेश के 22 जिलों में से केवल दो जिले रेड जोन में है।
केंद्र व प्रदेश के आंकड़ों पर नजर डालें तो हरियाणा अभी तक अच्छी स्थिति में है। राष्ट्रीय स्तर पर कोरोना की मृत्यु दर अभी तक 3.19 प्रतिशत है। वहीं हरियाणा में यह 0.79 प्रतिशत है। इसी तरह मरीजों के ठीक होने की दर बढ़कर 24.52 फीसदी है। जबकि इस स्थिति में हरियाणा तीन गुणा अच्छा है, ठीक होने की दर 72.72 प्रतिशत है। प्रदेश में कोरोना की डबलिंग रेट 21 दिन का है। जबकि केंद्रीय स्तर पर डबलिंग रेट 8 दिन का है। इस सुखद अहसास के पीछे कई ऐसे सराहनीय कदम हैं, जिन्हें सूबे की सरकार ने विपक्ष के साथ मिलकर, सरकारी और गैर सरकारी संगठनों की सहायता से लिए हैं और उन पर काम किया है।
 
मुख्यमंत्री स्वयं सोशल मीडिया के माध्यम से, टेलिफोन के माध्यम पूरे दिन सक्रिय रहते हैं छोटे से छोटे ट्वीट पर लोगों की समस्याओं का निराकरण होता है। प्रदेश सरकार ने सबसे पहले 12 मार्च को प्रदेश को कोरोना महामारी प्रदेश घोषित किया और तैयारियां शुरू की। जिसके अंतर्गत 15 विभागों का समन्वय बनाकर युद्ध स्तर पर कार्य शुरू किया गया। कोविड-19 से लड़ने के लिए सरकार ने हर जिले में एक कोविड स्पेशल अस्पताल भी बनाया गया, जहां कोरोना पॉजिटिव मरीजों को रखा गया है। इस समय प्रदेश में कोरोना मरीजों के लिए 11 अस्पतालों में 1400 बेड और 1101 वेंटिलेटर हैं। इसी तरह 19 हजार मरीजों के लिए क्वारांटाइन और 9444 मरीजों के लिए आईसोलेशन बेड बनाए गए हैं। बता दें इन सरकारी या निजी अस्पतालों में कोरोना संक्रमित पॉजिटिव मरीज के इलाज पर होने वाले खर्च भी सरकार वहन करती है। लॉकडाउन के चलते प्राइवेट कंपनियों में काम करने वालों के सामने वेतन का संकट तो किसी के सामने खाने का संकट।
 

a_1  H x W: 0 x 
 
इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने प्राइवेट कंपनियों में काम करने वाले लोगों के रोजगार की चिंता करते हुए सरकार ने निजी कंपनियों से कहा है कि वह कोविड की इस आपदा में न तो किसी का वेतन काटें और न ही किसी को नौकरी से निकालें। लॉकडाउन के कारण आम आदमी के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है। दिहाड़ी मजदूर के सामने रोटी-रोजी का संकट सामने खड़ा हो गया, जिसकी हरियाणा सरकार ने पहल करते हुए मुख्यमंत्री परिवार समृद्ध योजना के तहत निर्माण क्षेत्र के मजदूर तथा असंगठित क्षेत्र के करीब 24 लाख गरीब परिवारों को सरकार आर्थिक सहायता और मुफ्त राशन मुहैया करा रही है। जिसके अंतर्गत सरकार 1200 करोड़ रुपये मासिक की सहायता देती है।
 
अभी तक 10 लाख लोगों को 250 करोड़ रुपये की सहायता राशि अलग-अलग रूप में पहुंच चुकी है। हरियाणा सरकार की बड़ी उपलब्धि है कि सरकार ने निजी कंपनियों में काम करने वालों के रोजगार सुरक्षित किए वहीं बीपीएल, मनरेगा और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई। इन लोगों के लिए समाज ,सामाजिक संगठन और एनजीओ के माध्यम से सूखे राशन की किट और भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। अपने क्षेत्र में कोई भूखा न सोए इसके लिए सामाजिक संगठन लगातार इस कार्य को सरकार के सहयोग से निरंतर कर रहे हैं।
 
हरियाणा में कोविड-19 की महामारी के वैश्विक संकट का सामना सक्रिय, संवेदनशील समाज व सरकार के समन्वय से कर रहे हैं। जिसका पूरे देश को अनुकरण करना चाहिए ताकि इस लड़ाई को हम ही जीतें। कोविड-19 संकट से पूरे विश्व के साथ हमारा देश भी इस गंभीर चुनौती से लड़ रहा है। लेकिन देश में इस वैश्विक संकट से लड़ने के हरियाणा मॉडल पर काम करना चाहिए। हरियाणा सरकार ने समाज के साथ मिल कर लड़ाई जो लड़ी वह एक अद्वितीय उदाहरण है। कैसे समाज अपने घर के सदस्यों से लेकर गांव, गली, मोहल्ले, कस्बों, नगर, महानगर और प्रवासी समाज की चिंता कर रहा है वह अनूठी बात है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में सरकार समाज के साथ मिलकर काम कर रही है।
सरकार के सहयोग के लिए गांवों व शहरों में ठीकरी पहरे की शुरुवात हुई। गांवों शहरों में एक लंबे समय के बाद ठीकरी पहरे लगे। गांव, पंचायत, खाप सब मिलकर सरकार का सहयोग कर रहे हैं। यहां तक कि अति पिछड़े वर्ग ( विमुक्त घूमंतू) के बन्धु भी अपना सहयोग दे रहे हैं।

सरकार ने दिया है भरोसा
सरकार ने कहा है कि अनाज की खरीद एक एक दाने तक चलेगी। लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग को देखते हुए इस बार मंडियों की संख्या में बढ़ोतरी की ताकि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो सके। पत्रकारों को 10 लाख तक बीमा, स्वास्थय कर्मियों को दोगुना वेतन, बीपीएल परिवारों को तीन महीने का पूरा राशन। इससे समझा जा सकता है कि सरकार अंत्योदय की भावना से काम कर रही है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल पूरे प्रदेश में सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों की समस्याओं के निराकरण का आदेश दे रहे हैं। प्रतिदिन समाज के विभिन्न वर्गों के साथ बात करते हैं। जनता से रूबरू होते हैं।