हिंदू लड़कियों का अपहरण कर कराया कन्वर्जन तो दो युवकों की हत्या को दी आत्महत्या की शक्ल

    दिनांक 01-जून-2020   
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पाकिस्तान में हिंदुओं के प्रति अपराध में भारी बढ़ोतरी हुई है। लगभग हर दिन हिन्दू लड़कियों के अपहरण, कन्वर्जन, हत्या, बलात्कार जैसी संगीन घटनाएं सामने आ रही हैं। ताजा मामला दो हिंदू लड़कियों के अपहरण और कन्वर्जन तथा दो सगे भाइयों की हत्या कर आत्महत्या की शक्ल देने के लिए उन्हें छत की बल्ली से लटकाने का प्रकाश में आया है।
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पता नहीं पाकिस्तान किस दिशा में जा रहा है ? कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोकने में जब तमाम देशों के पसीने छूट रहे हैं तो ऐसे में भी इकलौता पाकिस्तान ही है, जो इस ओर ध्यान न देकर अल्पसंख्यकों को प्रताड़ित करने का कोई मौका नहीं छोड़ रहा। इस समय मजहबी कट्टरपंथी पूरी तरह देश पर हावी हैं। परिणामस्वरूप पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों विशेषकर हिंदुओं के प्रति अपराध में भारी बढ़ोतरी हुई है। हिंदू चुन-चुनकर निशाना बनाए जा रहे हैं। लगभग हर दिन हिन्दू लड़कियों के अपहरण, कन्वर्जन, हत्या, बलात्कार जैसी संगीन घटनाएं सामने आ रही हैं। ताजा मामला दो हिंदू लड़कियों के अपहरण और कन्वर्जन तथा दो सगे भाइयों की हत्या कर आत्महत्या की शक्ल देने के लिए उन्हें छत की बल्ली से लटकाने का प्रकाश में आया है।
 
पाकिस्तान सरकार की नासमझी से इस देश में कोरोना संक्रमण नियंत्रण से बाहर हो गया है। बीस करोड़ की आबादी वाले इस देश में 69,496 लोग संक्रमित हैं, जबकि महामारी से मरने वालों की झड़ी सी लगी है। बावजूद इसके मजहबी खुराफातियों की खुराफात बंद या कम होती नहीं दिख रही है। गत दिनों कट्टरपंथियों ने पाकिस्तान के सिंध प्रांत के हैदराबाद की बिहारी कॉलोनी से 17 वर्षीय सविता और इसी शहर के जील पार्क में रहने वाली 32 वर्षीय अमरू का अपहरण कर कन्वर्जन कर दिया गया। इस मामले में नसीम और पठान नामक दो व्यक्ति आरोपी बनाए गए हैं, जो एक मजहबी गुट से संबंध रखते हैं। इस बारे में लड़कियों के मां-बाप ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई लेकिन बावजूद इसके उन दोनों लड़कियों का अब तक कोई पता नहीं चल सका है। पुलिस कार्रवाई के नाम पर मौन साधे बैठी है।

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 इससे पहले सिंध के अमर कोट शहर से दिया मेघवाल का अपहरण और कन्वर्जन कर उसे बेच दिया गया था। इस मामले में दिया के पिता अनिल कुमार ने बताया कि एक दिन मोहम्मद अब्बास नामक गुंडा अपने गुर्गोंं के साथ उनके घर आ धमका और हथियार के बूते उनकी पुत्री को उठा ले गया। कन्वर्जन के बाद उसे वेश्यावृति का धंधा करने वालों के हाथों बेच दिया। तकरीबन दो महीने तक उनकी पुत्री लड़कियों के दलालों के चंगुल में रही। फिर किसी तरह भाग कर उनके पास आ गई। अनिल कुमार का कहना है कि इस बारे में कुछ लोगों के खिलाफ थाने में नामजद रपट लिखवाने के बाद उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने इस बारे में कई राजनीतिक दलों के नेताओं, एक्टिविस्टों को अवगत कराया है, पर कहीं से कोई मदद नहीं मिली।

 इन घटनाओं के बीच सिंध के थट्टा जिले के गोथ रावत लागारी झिमपीर में भील जनजाति के दो सगे भाईयों की हत्या के बाद उन्हें बल्ली के सहारे लटका दिया गया ताकि इसे आत्महत्या की शक्ल दी जा सके। इससे पहले उमर कोट में टेकम दास की उनके ही घर में रहस्यमय परिस्थितियों में पंखें से झूलती लाश मिली थी। कोरोना काल में हिंदू बच्चिों के अपहरण, उनके कन्वर्जन, हिंदुओं के प्रति लूट-पाट और हत्या की घटनाओं के बढ़ने से सवाल किया जाने लगा है कि क्या संक्रमण की आड़ में पाकिस्तान से अल्पसंख्यकों को मिटाने किसी गहरी साजिश पर अमल किया जा रहा है ?