हिंदू लड़कियों के कन्वर्जन के लिए कुख्यात मिट्ठू मियां का नया पैंतरा

    दिनांक 01-जून-2020   
Total Views |
पाकिस्तान में हिंदू लड़कियों के अपहरण व कन्वर्जन के लिए कुख्यात पीर अब्दुल हक उर्फ मिट्ठू मियां ने एक नया खेल शुरू कर दिया है। अपनी छवि सुधारने के लिए इसने ऐसे व्यक्ति को ‘हायर’ किया है, जो कभी कन्वर्जन के खिलाफ आवाज बुलंद करने वालों में अग्रणी रहा है।
m_1  H x W: 0 x

पाकिस्तान में हिंदू लड़कियों के अपहरण व कन्वर्जन के लिए कुख्यात पीर अब्दुल हक उर्फ मिट्ठू मियां ने एक नया खेल शुरू कर दिया है। अपनी छवि सुधारने के लिए इसने ऐसे व्यक्ति को ‘हायर’ किया है, जो कभी कन्वर्जन के खिलाफ आवाज बुलंद करने वालों में अग्रणी रहा है। इस व्यक्ति का नाम है रेहान अल्लाहवाला। वह इन दिनों मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर मिट्ठू मियां के इंटरव्यू प्लांट कराकर यह साबित करने की कोशिश में है कि इस पर हिंदू नाबालिग लड़कियों के अपहरण, कन्वर्जन के तमाम आरोप निराधार हैं। यह बिल्कुल दूध का धुला है। हिंदू लड़के-लड़कियां इसके पास मदद मांगने आते हैं। वह उनके पास नहीं जाता। कन्वर्जन से संबंधित अधिकांश मामले प्रेम विवाह के होते हैं। हालांकि, मिट्ठू मियां के इस तरह के इंटरव्यू पर प्रतिक्रिया देते हुए नेशनल एसेंबली के सदस्य लाल मलही व्यंगात्मक लहजे में कहते हैं कि मीडिया में मिट्ठू मियां ने यह बात साफ कर दी कि पाकिस्तान का कानून केवल हिंदू और गैर मुस्लिम लड़के, लड़कियों को मजहब बदलवाकर मुसलमान होने की इजाजत देता है। इसलिए ऐसे कानून को बदलना ही ठीक रहेगा।
 
उल्लेखनीय है कि पीर अब्दुल हक उर्फ मिट्ठू मियां हजारों अल्पसंख्यक लड़कियों का अपहरण और कन्वर्जन करा चुका है। केवल 2019 में इसके खिलाफ 117 मामले दर्ज किए गए थे। यह सिंध के भरचुंडी दरगाह का पीर भी है और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी से नेशनल एसेंबली का मेंबर भी रह चुका है।

m_1  H x W: 0 x

 कहते हैं कि इसने अपने आवास पर ‘हरम’ बना रखा है, जहां हिंदू लड़कियां अपहरण कर रखी जाती हैं। कई दिनों तक उनकी आबरू से खेलने के बाद उनके कन्वर्जन के बाद मोटी रकम लेेकर उन्हें किसी अधेड़ को बेच दिया जाता है। इसके लिए मिट्ठू मियां का पूरा गैंग काम करता है, जिसका सरगना इसका पुत्र मियां असलम  है। ये लोग अपने काम में आड़े आने वालों को रास्ते से हटाने में भी नहीं हिचकते। मिट्ठू मियां के गैंग पर इलाके के हिंदुओं को प्रताड़ित करने का भी आरोप है। लेकिन डर के चलते हिन्दू मिट्ठू मियां के परिवार के खिलाफ जुबान तक नहीं हिला सकते। हालांकि पाकिस्तान का हिंदू समुदाय कई बार इसकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर आंदोलन कर चुका है।

हाला के दिनों में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी मिट्ठू मियां के खिलाफ कई शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। चूंकि इसकी साख इमरान खान सरकार और पाकिस्तानी सेना में भी है, इसलिए इस पर हाथ डालने से हर कोई कतराता है। बावजूद इसके अपनी छवि सुधारने के लिए इसने पीस एक्टिविस्ट और कन्वर्जन के खिलाफ मुखर माने जानेे वाले रेहान अल्लाहवाला को अपना मीडिया सलाहकार बनाया है। इसके प्रयास से देशी-विदेशी मीडिया में आए इंटरव्यू में मिट्ठू मियां दावा करता दिखाई दे रहा है कि वह खुद किसी के पास नहीं जाता। लोग मदद मांगने उसके पास आते हैं। कन्वर्जन के आरोप पर वह कहता है कि यह कोई साबित नहीं कर सकता।  हालांकि मिट्ठू मियां का साथ देने के लिए रेहान अल्लाहवाला की खूब आलोचना हो रही है। सिंध केे अंग्रेजी के छात्र रमेश कुमार कहते हैं कि रेहान जैसे लोगों के कन्वर्जन का समर्थन करने से ही 1947 में अल्पसंख्यकों की जनसंख्या 21 से आज 3 प्रतिशत पहुंच गई।