जब पूरी दिल्‍ली रेड जोन थी, तब केजरीवाल ने रमजान के महीने में बाजार खोलकर बढ़ाई बीमारी !

    दिनांक 10-जून-2020   
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जब पूरी दिल्‍ली रेड जोन थी, तब केजरीवाल ने रमजान के महीने में बाजार खोल दिए। रमजान के दौरान उनके विधायक और मंत्री इमरान हुसैन की इफ्तार में भारी भीड़ जुटी। आलम यह था कि लॉकडाउन के दौरान भी शाहीन बाग, ओखला, जाफराबाद, पुरानी दिल्ली के कई मुस्लिम इलाके के बाजार खुले हुए थे।
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जब पूरी दिल्‍ली रेड जोन थी, तब केजरीवाल ने रमजान के महीने में बाजार खोल दिए। रमजान के दौरान उनके विधायक और मंत्री इमरान हुसैन की इफ्तार में भारी भीड़ जुटी। आलम यह था कि लॉकडाउन के दौरान भी शाहीन बाग, ओखला, जाफराबाद, पुरानी दिल्ली के कई मुस्लिम इलाके के बाजार खुले हुए थे। इसी तरह, 4 मई को शराब की दुकानें खोल दीं और अब 8 जून से मॉल, बाजार, दुकानें, रेस्टोरेंट्स आदि भी खोल दिए। दिल्‍ली भाजपा के प्रवक्‍ता प्रवीण शंकर कपूर कहते हैं, ‘जब दिल्‍ली में कोरोना वायरस के करीब 4,000 मामले थे, तब कंटेनमेंट जोन 101 थे। जब मरीजों का आंकड़ा 8200 पहुंचा तो कंटेनमेंट जोन 78 रह गए। आखिर दिल्‍ली में क्‍या खेल चल रहा है ?’

इस तरह केजरीवाल बीमारी को रोकने की बजाए उसे फैलाते रहे। खुद उनके उपमुख्‍यमंत्री की माने तो जून के अंत तक लगभग एक लाख और जुलाई में संक्रमितों का आंकड़ा 5.5 लाख तक पहुंच सकता है। फेडरेशन ऑफ ट्रेड एसोसिएशन ऑफ दिल्ली के अध्यक्ष अजय अरोड़ा का कहना है कि पहले सम-विषम के पैंतरे के जरिये दिल्ली सरकार ने बाजार खोलने का फरमान जारी कर दिया। लेकिन जिस प्रकार से खारी बावली, सदर बाजार, भगीरथ प्लेस जैसे भीड़भाड़ वाले बाजार में कोरोना संक्रमण के मामले सामने आए हैं, उससे व्यापारियों में दहशत है।

उन्होंने कहा कि मुख्‍यमंत्री और उपराज्‍यपाल को पत्र के जरिए व्यापारियों की समस्या बताई गई है। लेकिन अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया है। ऐसे में बाजार कब खोलना है, व्यापारी संघ अब खुद ही तय करने लगे हैं। इसी तरह, 8 पीतमपुरा स्थित तरुण एन्‍क्‍लेव के आरडब्‍ल्‍यूए के अध्‍यक्ष राम गोपाल गोयल का एक वीडियो वायरल हुआ। इसमें वह अपनी कॉलोनी तरुण एन्‍क्‍लेव के बारे में बता रहे हैं, ‘ हमारी कॉलोनी में कोरोना के कुछ मामले आए। 3 जून को कॉलोनी के सात मकानों को कंटेनमेंट जोन घोषित कर इलाके की बैरिकेडिंग कर दी गई। लेकिन इसके बाद दिल्‍ली सरकार का कोई अधिकारी या कर्मचारी वहां नहीं आया।

यहां तक कि कोरोना संक्रमितों और उनके परिवार के किसी भी सदस्‍य की जांच नहीं की गई, जबकि कंटेनमेंट जोन के अंदर सभी घरों में कोरोना जांच कराना क्‍या सरकार की जिम्‍मेदारी नहीं है ? क्‍या हम लावारिस हैं ? क्‍या हम दिल्‍ली के निवासी नहीं हैं ?’ यह स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री सत्‍येंद्र जैन का क्षेत्र है। इसके बावजूद न तो जैन और न ही उनका कोई प्रतिनिधि तरुण एन्‍क्‍लेव में झांकने गया। यह स्थिति तब है जब केजरीवाल सरकार ने सरकारी और निजी अस्‍पतालों को दिल्‍लीवासियों के इलाज के लिए सुरक्षित रखने का फैसला किया है।