पाकिस्तान में गधों की संख्या बढ़ गई

    दिनांक 15-जून-2020   
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पड़ोसी देश पाकिस्तान में गधे बढ़ गए। पिछले एक वर्ष में उनकी जनसंख्या बढ़कर 55 लाख हो गई। आप ‘गधों’ को लेकर किसी गलत फहमी में न पड़ें। यहां बात, वास्तव में गधों की ही हो रही है।
 
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पड़ोसी देश पाकिस्तान में गधे बढ़ गए। पिछले एक वर्ष में उनकी जनसंख्या बढ़कर 55 लाख हो गई। आप ‘गधों’ को लेकर किसी गलत फहमी में न पड़ें। यहां बात, वास्तव में गधों की ही हो रही है। पाकिस्तान सरकार ने अभी पशुओं की जनसंख्या पर वार्षिक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें गत एक वर्ष में गधों की जनसंख्या में एक लाख की बढ़ोतरी का खुलासा किया गया है। इस रिपोर्ट में गधे सहित अन्य पशुओं का तो जिक्र है, पर गोधन को लेकर कोई आंकड़ा नहीं दिया गया है।

पशुओं की वार्षिक जनगणना के अनुसार 2019-20 में पाकिस्तान में गधे 54 लाख थे, जो अब बढ़कर 55 लाख हो गए। मगर खच्चर, उंट और घोड़ों की संख्या में एक वर्ष में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। रिपोर्ट में भैंसों की संख्या का जिक्र है। इनकी तादाद बढ़कर अब चार करोड़ से, चार करोड़ बारह लाख हो गई है। यानी इनकी जनसंख्या में 12 लाख की बढ़ोतरी हुई है। यहां गोधन में गायों एवं बैलों का कोई जिक्र नहीं है।

 भेड़ों के बारे में रिपोर्ट में जानकारी दी गई। गत वर्ष इनकी संख्या तीन करोड़ 9 लाख थी, जो अब बढ़कर तीन करोड़ 12 लाख हो गई है। बकरों की तादाद में भी इजाफा हुआ है। एक साल में इनकी संख्या बढ़कर सात करोड़ 82 लाख हो गई है। इस संख्या में 12 लाख की बढ़ोतरी हुई है।

वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में मवेशियों की जनसंख्या में पिछले एक वर्ष में खास बढ़ोतरी नहीं हुई है। पिछले वर्ष संख्या चार करोड़ 78 लाख थी, जो अब बढ़कर चार करोड़ 96 लाख हो गई है।

पोलेटरी यानी मुर्गीपालन में अवश्य इजाफा हुआ है। एक साल में इसकी संख्या में तकरीबन 12 करोड़ 20 लाख का इजाफा हुआ है। गत वर्ष पाकिस्तान में मुर्गे-मुर्गियों की संख्या एक अरब 32 करोड़ 10 लाख थी, जो अब बढ़कर एक अरब 44 करोड़ 30 लाख हो गई है। पशुओं की जनसंख्याओं से सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि पाकिस्तानी पशुपालक किसे पालने में अधिक रूचि लेते हैं। इन आंकड़ों में गोधन की संख्या का जिक्र क्यों नहीं है ? यह अलग से विचारणीय प्रश्न है।