पाकिस्तानः दलित समाज की लड़की का अपहरण, खोजने में रुचि नहीं ले रही पुलिस

    दिनांक 15-जून-2020   
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पाकिस्तान के सिंध प्रांत से दलित जाति की एक हिंदू लड़की को अगवा कर लिया गया। घटना के बाद से पता नहीं चल रहा है कि अपहरणकर्ताओं ने उसके साथ क्या किया। घर से उठाकर उसे कहां ले गए हैं। परिजनों का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बावजूद पुलिस लड़की को  खोजने में कोई रूचि नहीं ले रही है।
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पाकिस्तान के सिंध प्रांत से दलित  समाज की एक हिंदू लड़की को अगवा कर लिया गया। घटना के बाद से पता नहीं चल रहा है कि अपहरणकर्ताओं ने उसके साथ क्या किया। घर से उठाकर उसे कहां ले गए हैं। परिजनों का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बावजूद पुलिस लड़की को  खोजने में कोई रूचि नहीं ले रही है। सिर्फ औपचारिकता निभाने का नाटक किया जा रहा है।
दरअसल, गत दिनों यह घटना पाकिस्तान के सिंध प्रांत के शादाबपुर में सामने आई। यहां से एक मजहबी युवक अलताफ सुमरो के नेतृत्व में अपहरणकर्ताओं की एक टोली ने तुलसी रोशन नामक एक वाल्मीकि लड़की को उसके घर से जबरन उठा लिया। तब से लड़की का पता नहीं चल रहा है कि अपहरणकर्ताओं ने उसके साथ क्या किया। हैदराबाद में सिंध के वाल्मीकि समाज के नेताओं ने प्रेसवार्ता कर प्रधानमंत्री इमरान खान और स्थानीय प्रशासन से लड़की की वापसी की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि सरफराज सुमरो के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। दूसरी तरफ अपहरणकर्ता यह जानकारी देने को कतई तैयार नहीं कि तुलसी रोशन को अगवा करने के बाद उसे कहां रखा गया है। उसका कन्वर्जन किया गया है तो कहां ?
 
हाल के दिनों में कन्वर्जन की नियत से हिंदू लड़कियों के अपहरण की घटनाओं में बेतहाशा वृद्धि हुई है। विशेषकर कोरोना काल में यह बीमारी कुछ ज्यादा ही बढ़ गई है। इससे परेशान होकर ही 6 जून को पाकिस्तान के हिंदू समाज ने सोशल मीडिया पर इसके प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए एक हैशटैग अभियान चलाया था। इसमें जिनती बड़ी संख्या में लोगों ने दिलचस्पी दिखाई थी उससे उम्मीद बंधने लगी थी कि ऐसी घटनाओं में अब कमी आएगी। मगर अभियान का कोई असर होता नहीं दिख रहा है।

हिंदू लड़कियों के अपहरण, कन्वर्जन और उनसे जबरदस्ती निकाह की घटनाएं पहले की तरह ही जारी हैं। ऐसी घटनाओं के चलते ही पाकिस्तान में हिंदुओं की जनसंख्या नहीं बढ़ पा रही है। एक आंकड़े के अनुसार, 1974 के बाद पाकिस्तान में हिंदुओं की जनसंख्या 28 प्रतिशत थी, जो घटकर 6.51 रह गई है। शहरी क्षेत्र में इनकी आबादी मात्र 3.08 और ग्रामीण क्षेत्र में 9.77 प्रतिशत है। पाकिस्तान के हिंदुओं का कहना है कि यदि अपहरण और कन्वर्जन की यही रफ्तार रही तो वे जल्द ही पाकिस्तान से निपटा दिए जाएंगे।