पाकिस्तानी राष्ट्रपति: बंटवारे के समय उनके पिता हिंसक घटनाओं में थे शामिल, हुए थे गिरफ्तार

    दिनांक 15-जून-2020   
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भले ही आपको विश्वास न हो, पर यह सच है। देश बंटवारे के समय पाकिस्तान के मौजूदा राष्ट्रपति डॉक्टर आरिफ अल्वी के पिता हिंसक घटनाओं में शामिल रहे हैं। इस आरोप में उन्हें नैनीताल में गिरफ्तार भी किया गया था। यह खुलासा अल्वी ने स्वयं किया है।

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भले ही आपको विश्वास न हो, पर यह सच है। देश बंटवारे के समय पाकिस्तान के मौजूदा राष्ट्रपति डॉक्टर आरिफ अल्वी के पिता हिंसक घटनाओं में शामिल रहे हैं। इस आरोप में उन्हें नैनीताल में गिरफ्तार भी किया गया था। यह खुलासा अल्वी ने स्वयं किया है। उनके पिता के जवाहरलाल नेहरू से करीबी संबंध थे।

पाकिस्तानी राष्ट्रपति अल्वी ने यह रहस्योद्घाटन पाकिस्तान के एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में किया है। उनकी मानें तो भारत के बंटवारे से पहले उनके पिता उत्तर प्रदेश के चर्चित दांतों के डॉक्टरों में गिने जाते थे। उन्होंने लखनउ, मेरठ और नैनीताल में मरीजों का इजाल किया है। इसके अलावा वह नैनीताल के मुस्लिम लीग के अध्यक्ष भी थे। तब उनके जवाहर लाल नेहरू से गहरे ताल्लुकात थे। आरिफ अल्वी की माने तो उनकी बहन के पास आज भी जवाहर लाल नेहरू के लिखे कई पत्र सुरक्षित हैं। चैनल को इंटरव्यू के दौरान उन्होंने बताया कि कुछ पत्र उनके पास भी रखे थे, जो कागजों में खो गए हैं। उसे वे फिर ढूंढने की कोशिश करेंगे।

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 अल्वी के अनुसार, जवाहर लाल नेहरू को जब अपने दांत दिखाने होते थे तो वे उनके पिता को बाकायदा दस्ती चिट्ठी भेजते थे- ‘‘डॉक्टर अल्वी मैं आपसे अपॉइंटमेंट चाहता हूं।’’ उनके पिता, भारत के स्वतंत्रता अंदोलन में महती भूमिका निभाने वाले मौलाना मुहम्मद अली जौहर के भी डेंटिस्ट रहे हैं।

  न्यूज चैनल के इंटरव्यू में पाकिस्तानी राष्ट्रपति ने बताया बंटवारे के बाद उनके पिता यूपी से कराची आ गए और अब्दुल्लाह हारून रोड-विकटोरिया रोड पर किसी डॉक्टर पटेल की क्लीनिक खरीदी। तब डॉक्टर पटेल कराची छोड़कर भारत जा रहे थे। क्लीनिक खरीदने के बाद उनके पिता लौटकर फिर नैनीताल आए और सुरक्षा के नाम पर वहां के मुसलमानों के बीच स्टील के बने तीन से चार सौ मुक्के वितरित किए ताकि अपने प्रतिद्वंदी को लहू-लुहान किया जा सके। बाद में वह इस आरोप में  गिरफ्तार भी किए गए। स्टील के घूसे को अंग्रेजी में ‘नकुल डस्टर’ कहा जाता है, जो उस समय हिंसा फैलाने का महत्वपूर्ण हथियार माना जाता था। उसे हाथों की उंगलियों में पहन घूसा बनाकर लोग अपने विरोधियों पर टूट पड़ते थे ताकि उसे लहू-लुहानकर, अधमरा किया जा सके। उन्होंने बताया कि उस समय नैनीताल में हिंदू और मुसलमानों के बीच हिंसा हो रही थी। स्थिति अच्छी नहीं थी।
 

पाकिस्तान के न्यूज चैनल को राष्ट्रपति अल्वी ने यह इंटरव्यू ईद के अवसर पर दिया था। मगर चैनल वाले अब इसी इंटरव्यू को टुकड़ों में सोशल मीडिया पर प्रसारित कर रहे हैं। इन्हीं में से दो मिनट 18 सेकंड के इंटरव्यू के एक टुकड़े में पाकिस्तानी राष्ट्रपति ने अपने पिता के हिंसक घटनाओं में शामिल रहने की बात स्वीकारी है। इस दौरान अल्वी की पत्नी भी मौजूद थीं। उन्होंने बातचीत में नैनीताल, मसूरी और उस समय के प्रशासनिक तौर तरीकों पर भी प्रकाश डाला है।