भारत की खरी—खरी, अपनी सीमा में रहे चीन

    दिनांक 19-जून-2020   
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चीन की चालबाजियों और उसके द्वारा गलवान घाटी पर किए जा रहे सुनियोजित दावे पर भारत ने न केवल उसे खरी—खरी सुनाई बल्कि दावे को पूरी तरह ठुकरा दिया है। भारत की ओर से स्पष्ट किया गया है कि चीन कोई भी दावा बढ़ा चढ़ाकर न करे।
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चीन की चालबाजियों और उसके द्वारा गलवान घाटी पर किए जा रहे सुनियोजित दावे पर भारत ने न केवल उसे खरी—खरी सुनाई बल्कि दावे को पूरी तरह ठुकरा दिया है। भारत की ओर से स्पष्ट किया गया है कि चीन कोई भी दावा बढ़ा चढ़ाकर न करे। भारत ने फिर से दोहराया कि परिस्थिति कैसी भी क्यों न हों, वह हर कीमत पर अपनी संप्रभुता की रक्षा करेगा।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि गलवन क्षेत्र को लेकर छह जून को सीनियर कमांडर के बीच वार्ता मे जो सहमति बनी थी, उसे लागू किया जाना चाहिए। चीन कोई भी बढ़ा चढ़कार दावा न करे, जो वह साबित न कर पाए। इस दौरान उन्होंने कहा कि सीमा प्रबंधन के तहत भारत हमेशा जिम्मेदारी दिखाता है और भारतीय सीमा की गतिविधियां अपनी सीमा के अंदर ही होती हैं। हम उम्मीद करते हैं कि चीन की सेना भी अपनी गतिविधियों को एलएसी के अपने हिस्से में ही सीमित रखेगी।


...अब जिम्मेदारी चीन की
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने चीनी समकक्ष से फोन पर दो टूक बात कही। उन्होंने चीनी विदेश मंत्री से स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब जिम्मेदारी चीन की है। ऐसे में दोनों तरफ से कोई भी ऐसा कदम नहीं उठाया जाना चाहिए जो शांति स्थापित करने की कोशिशों पर पानी फेरे।