भारतीय रेलवे ने दिया चीन को झटका, 471 करोड़ का ठेका किया रद्द

    दिनांक 19-जून-2020   
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गलवान हिंसा के बाद भारत ने चीन को दोहरा झटका दिया है। पहले टेलीकॉम क्षेत्र में बीएसएनएल को किसी भी चीनी उपकरण का उपयोग न करने को कहा तो वहीं अब भारतीय रेलवे ने चीनी कंपनी का 471 करोड़ का ठेका रद्द कर दिया है

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चीन की चालबाजी का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में भारतीय रेलवे ने ईस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर से चीन की कंपनी का 471 करोड़ का ठेका रद्द करने का फैसला लिया है। हालांकि भारतीय रेलवे ने यह कदम चीनी कंपनी के खराब प्रदर्शन को देखते लिया है। लेकिन एक तबका इसे गलवान घाटी में चीन की हिमाकत और उसके द्वारा सीमा पर फैलाई जा रही अशांति से भी जोड़कर देख रहा है।

दरअसल जून, 2016 में चीन की बीजिंग नेशनल रेलवे रिसर्च एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट आफ सिगनलिंग एंड कम्यूनिकेशन ग्रुप कंपनी को कानपुर से दीनदयाल उपाध्याय नगर के बीच 417 किलोमीटर में सिगनलिंग और कम्यूनिकेशन लाइन बिछाने के लिए ठेका दिया गया था। लेकिन इस दौरान कंपनी का रवैया बेहद लचर दिखाई दिया और उसने महज 20 फीसदी ही कार्य पूरा किया। कंपनी की स्थिति इस कदर खराब थी कि जब भी साइट का मौका मुआयना किया जाता था तो कंपनी के जिम्मेदार अधिकारी, इंजीनियर तक नहीं मिलते थे। कार्ययोजना को लेकर की जानी वाली बैठकों में कंपनी के अधिकारियों का निराशाजनक और गैरजिम्मेदाराना व्यवहार कार्य को प्रभावित करता था। इस लचर कार्यप्रणाली के कारण ही काम नहीं हो पा रहा था या यूं कहें कि ठप ही था। ऐसे में रेलवे ने कंपनी के खराब प्रदर्शन को देखते हुए यह कड़ा कदम उठाया है।


आज जब संपूर्ण देश में चीन के सामान के बहिष्कार की मांग जोर पकड़ रही है। लोगों में चीन के प्रति बेहद आक्रोश है। ऐसे में गलवान घाटी में भारत-चीन के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद पैदा हुए हालात में भारतीय रेलवे का यह फैसला काफी अहम माना जा रहा है। हालांकि रेलवे चीनी कंपनी के खराब प्रदर्शन को लेकर उसे पहले से ही लगातार चेतावनी देती रही है। इसीलिए भारतीय रेलवे ने चीनी कंपनी के खराब प्रदर्शन और धीमी प्रगति के खिलाफ कार्रवाई के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए से विश्व बैंक को अवगत करा दिया। उसने यह पत्र 20 अप्रैल, 2020 को ही विश्व बैंक को भेज दिया था। उल्लेखनीय है कि ईस्टर्न फ्रेट कारिडोर प्रोजेक्ट में विश्व बैंक का पैसा लगा है।