कश्मीर में 3 दशक बाद जल्द खुलेंगे सिनेमा हॉल, श्रीनगर में पहले मल्टीप्लेक्स को मिली मंजूरी

    दिनांक 23-जून-2020   
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कश्मीर के लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। कश्मीर में करीब 3 दशकों से बंद सिनेमा हॉल अब फिर से जल्द खुलेंगे। जम्मू-कश्मीर सरकार ने श्रीनगर में पहले मल्टीप्लेक्स सिनेमा हॉल को मंजूरी दे दी है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर


कश्मीर के लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। कश्मीर में करीब 3 दशकों से बंद सिनेमा हॉल अब फिर से जल्द खुलेंगे। जम्मू-कश्मीर सरकार ने श्रीनगर में पहले मल्टीप्लेक्स सिनेमा हॉल को मंजूरी दे दी है। सरकार ने टक्साल हॉस्पिटैलिटी के प्रबंध निदेशक विजय धर के परिवार को इस मल्टीप्लेक्स का लाइसेंस दिया है।

बता दें कि विजय धर के बेटे विकास धर ने बीते मार्च में सरकार से श्रीनगर में मल्टीप्लेक्स खोलने की इजाजत मांगी थी। जिसके बाद श्रीनगर प्रशासन ने जमीन, इमारत समेत सभी जरूरी चीजों की जांच के बाद मल्टीप्लेक्स खोलने की अनुमति दे दी है। लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता ने इस बात की पुष्टि की है कि मल्टीप्लेक्स के लिए पांच मंजिला निर्माणाधीन इमारत का निरीक्षण किया गया है। उन्होंने बताया कि इसमें दो मंजिल बन चुकी है और इस पांच मंजिला निर्माणाधीन इमारत में दो सिनेमा हाल बनेंगे। श्रीनगर जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर सिनेमैटोग्राफी एक्ट 1952 के तहत सिनेमा हॉल के लिए लाइसेंस भी जारी कर दिया गया है। उम्मीद है कि आगामी कुछ महीनों में श्रीनगर में राज्य का पहला मल्टीप्लेक्स सिनेमा हॉल बनकर तैयार हो जायेगा।

उल्लेखनीय है कि 1989 में कश्मीर में 15 सिनेमा हॉल थे, जिसमें से 9 सिनेमा हॉल श्रीनगर शहर में ही थे। कश्मीर में 1989 में आतंकवाद के पैर पसारने के साथ ही अल्लाह टाइगर्स नामक आतंकी संगठन ने सिनेमाघरों और शराब की दुकानों को पहला निशाना बनाया था। दिसंबर 1989 में कश्मीर के सभी सिनेमाघर बंद होने लगे थे। इसके बाद 1999 तक सिनेमाघर पूरी तरह बंद रहे। 1999 में प्रशासन ने फिर से सिनेमाघरों को खोलने की कोशिश की और श्रीनगर के तीन सिनेमाघर रिगल, नीलम और ब्राडवे को दोबारा खोला गया। लेकिन आतंकियों ने फिर सिनेमा घरों को निशाना बनाकर हमला किया था। रिगल सिनेमा में हुये बम धमाके में एक दर्शक की मौत हुई थी और करीब 12 लोग घायल हुये थे। इसके बाद 2005 में पीडीपी सरकार ने भी सिनेमाघरों को खोलने की कोशिश की थी, लेकिन कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया था।