भाई की राह पर प्रियंका गांधी

    दिनांक 23-जून-2020
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आगरा जनपद में कोरोना मरीजों की मृत्यु का गलत आंकड़ा ट्वीट करने पर आगरा जनपद के जिलाधिकारी ने प्रियंका गांधी को नोटिस दिया है कि 24 घंटे के भीतर उस तथ्यहीन ट्वीट को हटाना सुनिश्चित करें

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प्रियंका गांधी आक्रामक राजनीति करने के चक्कर में कई बार तथ्यहीन ट्वीट कर चुकी हैं. इसके लिए वे कई बार ट्रोल भी हो चुकीं हैं. कुछेक बार तो खुद उन्हें अपना ट्वीट डिलीट करना पड़ा है.
प्रियंका गांधी राहुल गांधी की राह पर आगे बढ़ती हुई दिख रहीं हैं. आक्रामक राजनीति करने के फेर में लगातार वो ऐसे ट्वीट करती हैं. जिसके लिए उन्हें ट्रोल किया जाता है. कुछ आधारहीन ट्वीट को तो उन्हें स्वयं डिलीट करना पड़ा है. अब ताजा मामला आगरा जनपद का है. प्रियंका गांधी ने आगरा जनपद में कोरोना संक्रमण से मरने वालों का गलत आंकड़ा ट्वीट किया. उनके इस ट्वीट से कोरोना वारियर्स और जनता पर खराब असर पड़ सकता है. सो, जिलाधिकारी आगरा पी.एन. सिंह ने कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी को नोटिस भेजा है कि तथ्यहीन ट्वीट को 24 घंटे के अन्दर हटा दें.
प्रियंका गांधी ने 22 जून को अपने अधिकारिक ट्वीटर हैंडल पर लिखा कि " आगरा जनपद में 48 घंटे में भर्ती हुए 28 कोरोना मरीजों की मृत्यु हो गई है. यूपी सरकार के लिए यह कितनी शर्म की बात है कि इसी बात का झूठा प्रचार करके सच दबाने की कोशिश की गई. सरकार के ‘नो टेस्ट- नो कोरोना’ पर सवाल उठे थे लेकिन सरकार ने इसका कोई जवाब नहीं दिया. अगर यूपी सरकार सच दबाकर इसी तरह लापरवाही करती रही तो बहुत घातक होने वाला है."
प्रियंका गांधी के इस ट्वीट का जवाब देते हुए जिलाधिकारी आगरा पी.एन सिंह ने कहा है कि "पिछले 109 दिनों में आगरा में अब तक कुल 1136 कोरोना मरीज भर्ती हुए हैं. इनमें से 79 मरीजों की मृत्यु हुई है. यह कहना कि -पिछले 48 घंटों में भर्ती हुए 28 कोरोना मरीजों की मृत्यु हुई है - यह पूरी तरह असत्य है. इस तरह का असत्य कथन भारतीय जनमानस और कोरोना वारियर्स पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है. 24 घंटे के अन्दर इस ट्वीट को हटाना सुनिश्चित करें."
उन्नाव का गलत वीडियो ट्वीट किया था प्रियंका गांधी ने
उल्लेखनीय है कि प्रियंका गांधी ने 16 नवम्बर 2019 को एक वीडियो ट्विटर पर अपलोड किया था. वीडियो में जमीन पर लेटे 'अधमरे' युवक को पुलिस ठंडे से पीट रही थी. प्रियंका गांधी ने ट्वीट करते हुए सवाल उठाया था कि “यूपी के सीएम गोरखपुर में किसानों पर बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं, उनकी पुलिस का हाल देखिए. उन्नाव में एक किसान लाठियां खाकर अधमरा पड़ा है. उनको और मारा जा रहा है. शर्म से आंखें झुक जानी चाहिए.” उसके बाद 19 नवम्बर 2019 को उत्तर प्रदेश पुलिस ने पूरा विडियो जारी किया जिसमें वह युवक पूरी तरह फिट दिख रहा था. पुलिस की तरफ से वीडियों अपलोड होने के बाद प्रियंका गांधी ने अपने ट्विटर हैंडल से उस विडियो को हटा दिया था.
मैनपुरी में क्षत्रिय बिरादरी के लोगों के बीच हुई मारपीट को बताया था दलितों पर अत्याचार
उल्लेखनीय है कि प्रियंका गांधी ने मैनपुरी की घटना में भी उत्तर प्रदेश सरकार को बदनाम करने का प्रयास किया था. गत वर्ष नवंबर माह में मैनपुरी जनपद में राजपूत बिरादरी के लोगों के बीच मारपीट हुई थी. उस मारपीट का वीडियो एक समाचार चैनल पर प्रसारित हुआ था. उस समाचार चैनल की वीडियो क्लिपिंग को अपलोड करके प्रियंका गांधी ने अपने - अपने ट्वीटर हैंडल पर लिखा था कि “दलितों को सरे - आम पीटा जा रहा है.” उसके बाद मैनपुरी जनपद की पुलिस ने ट्वीट किया कि " कतिपय समाचार चैनल पर चलाई गई इस खबर के सम्बन्ध में स्पष्ट किया जाता है कि दोनों पक्ष राजपूत ( ठाकुर समुदाय ) हैं. कोई भी दलित नहीं है. दोनों पक्षों में धान की फसल काटने को लेकर विवाद हुआ था.”
स्वराज भवन की मनगढ़ंत कहानी के लिए ट्रोल हुईं थीं प्रियंका गांधी
वर्ष 2019 के मई माह में प्रियंका गांधी ने अपनी दादी इंदिरा गांधी की छवि को भुनाने के लिए स्वराज भवन में दादी के कमरे की तस्वीर लगा कर ट्वीट किया कि "स्वराज भवन के आंगन में बैठे हुए वह कमरा दिख रहा है . जहां मेरी दादी का जन्म हुआ. रात को सुलाते हुए दादी मुझे ‘जोन ऑफ आर्क’ की कहानी सुनाया करतीं थीं. आज भी उनके शब्द दिल में गूंजते हैं. कहतीं थीं- निडर बनो और सब अच्छा होगा."
प्रियंका गांधी, इस मनगढ़ंत ट्वीट के लिए जमकर ट्रोल हुईं थीं. तथ्यात्मक सचाई यह है कि इंदिरा गांधी वर्ष 1966 में प्रधानमंत्री बन गईं थीं. प्रियंका गांधी का जन्म वर्ष 1972 में हुआ. प्रियंका गांधी के जन्म के 6 वर्ष पहले ही इंदिरा गांधी नई दिल्ली आ चुकीं थीं. प्रधानमंत्री बनने के बाद इंदिरा गांधी कभी भी स्वराज भवन में नहीं रहीं. अब ऐसे में प्रियंका गांधी को उन्होंने स्वराज भवन में "जोन आफ आर्क" की कहानी कब सुनाई थी ! प्रियंका गांधी यह जताने का प्रयास कर रहीं थीं कि वह इंदिरा गांधी से बहुत ज्यादा प्रभावित हैं.
उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने ट्वीट किया है कि "जब पूरा देश एकजुट होकर चीनी वायरस के खिलाफ लड़ रहा है. ऐसे में प्रियंका गांधी कोरोना वारियर्स का मनोबल गिरा रही हैं."