एक बेटी से दुष्कर्म के बाद दूसरी की शादी तुड़वाने की दी जा रही थी धमकी, आहत पिता ने जान दे दी

    दिनांक 25-जून-2020   
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राजस्थान में मुसलमानों के प्रति बरती जा रही नरमी हिन्दुओं के लिए प्राणघातक साबित हो रही है। ऐसा एक सनसनीखेज प्रकरण एनसीआर से जुड़े अलवर जिले के रामगढ़ क्षेत्र में सामने आया है। यहां एक व्यक्ति ने इसलिए अपनी जान दे दी कि पुलिस ने उसकी नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म के आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। जबकि आरोपितों द्वारा समझौता करने का दबाव बनाकर जान से मारने की धमकी दी जा रही थी। इसकी कई बार शिकायत के बावजूद पुलिस टस से मस नहीं हुई और पीड़ि़ता के पिता को कानून की शरण लेने की कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। इससे पूर्व भी अलवर के ही थानागाजी में हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने कांग्रेस सरकार की कानून व्यवस्था की पोल खोलकर राजस्थान को पूरे देश में शर्मसार कर दिया था।
घटनाक्रम के अनुसार रामगढ़ के बालोत नगर मोहल्ले में रहने वाली पंद्रह वर्षीय किशोरी अपने घर लौट रही थी। इस दौरान मोहल्ले के ही मुस्लिम युवक अनीश खां पुत्र सुमरदीन मेव समेत कई युवकों ने उसका अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़ि़त परिवार ने पुलिस थाने में शिकायत की, लेकिन आरोपितों के राजनैतिक रसूख व दबंगई के चलते उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे दु:खी नाबालिग ने 18 जून को कुंए में कूदकर जान देने का प्रयास किया, लेकिन लोगों ने उसे बचा लिया। आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर बार-बार गुहार लगाने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तथा 2 दिन तक केस दर्ज नहीं किया। इससे प्रताडि़त पीडि़ता के पिता श्रवणलाल मूर्तिकार शव संदिग्ध परिस्थितियों में खेत पर पेड़ से लटका मिला। परिजनों ने आरोपितों पर हत्या का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है।
प्रकरण दर्ज होने के बाद से आरोपित पक्ष के उमरदीन, महमूद, अंजुम पुत्र समरदीन तथा तौफीक मेव समझौता का दबाव बना रहे थे। बताया जा रहा है कि ये सभी लोग आपराधिक प्रवृत्ति के हैं और जेल में भी रह चुके हैं। मृतक के पुत्र का आरोप है कि शिकायत देने के बाद भी पुलिस ने कार्रवाई करने में देरी की। उन पर समझौते का दबाव बनाया। इससे आरोपितों के हौंसले बढ़ते रहे। 29 जून को मृतक की दूसरी बेटी की शादी थी। वे धमकी दे रहे थे कि बदनामी कर शादी तुड़वा देंगे। आरोपितों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। इसके चलते पुलिस ने हमारी सुनवाई नहीं की। इसके चलते बेखौफ आरोपितों ने दुष्कर्म पीड़ि़ता के कोर्ट में बयान होने से पहले उसके पिता को मार डाला। इससे साबित हो रहा है कि मेवात क्षेत्र में हिन्दू आबादी कम होने से मुस्लिम जिहादी तत्व आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। इससे कांग्रेस सरकार के तुष्टिकरण का चेहरा उजागर हो रहा है।