दिल्ली दंगा: ताहिर हुसैन और उमर खालिद निकले मास्टर माइंड

    दिनांक 03-जून-2020
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फरवरी में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगा पूरी तरह सुनियोजित था। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के दिल्ली आते ही देशद्रोह के आरोपित जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद ने मुस्लिम इलाकों में बैठक कर साजिश रच दंगे कराना शुरू कर दिया था। इसके लिए बाकायदा उमर खालिद व पीएफआई ने ताहिर हुसैन को 1.10 करोड़ रुपए मुहैया कराए, जिन्हें दंगा करवाने के लिए बांटा गया।
चांदबाग में हुए दंगे से एक दिन पहले उसने आम आदमी पार्टी के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन के साथ बैठक कर साजिश रची थी। ताहिर ने एक दिन पहले खजूरी खास थाने में जमा अपनी लाइसेंसी पिस्टल भी ले आया था, जिसका इस्तेमाल उसने दंगे में किया। 
उत्तर-पूर्वी दिल्ली में फरवरी में हुए दंगों के दो मामलों में दिल्ली क्राइम ब्रांच द्वारा दायर किए गए आरोप पत्र में उक्त तथ्यों का जिक्र किया गया है। दंगों के दौरान 53 लोगों की हत्या की गई थी। हत्या के उक्त 53 मामले समेत छह अन्य मामले की जांच के लिए क्राइम ब्रांच में तीन एसआइटी का गठन किया गया था। उन्हीं में दो मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट में आरोप पत्र दायर किए गए। हवलदार दीपक दहिया पर दंगे के दौरान पिस्टल तानने वाले ड्रग तस्कर शाहरुख पठान मामले में क्राइम ब्रांच पहले ही आरोप पत्र दायर कर चुकी है।